त्योहार जिंदगी की नीरसता को तोडने का माध्यम हैं और दीवाली जैसा त्योहार अगर हो तो घर सजाने का उत्साह और दोगुनाहो जाता है। लेकिन त्योहारों के इस मौसम में घर का बजट बिगड़ने का डर होता है। घर सजाने के लिए जरूरी नहीं है कि महंगीचीजें ही खरीदी जाएं । थोडी सी क्रिएटिविटी से भी आप घर को सुंदर बना सकते हैं।
टिप्स घर सजाने के
लक्ष्मी-गणेश व बुद्ध की प्रतिमाएं, दीये व तुलसी चौरा के छोटे-छोटे डेकोरेटिव पीस घर को सुंदर बनाने के साथ उसे आध्यात्मिकता भीप्रदान करते हैं। इसलिए इस दिवाली पर इन्हें खरीदना न भूलें।
अगर घर छोटा है तो केवल एक कॉर्नर को हाइलाइट करें। एक-दो डेकोरेटिव वासेज फ्रेश फ्लॉवर्स के साथ रखें। घर में घुसते ही मनखुश हो जाएगा।
बालकनी या घर के प्रवेश द्वार के किसी कोने में छोटा सा तुलसी चौरा बनाएं और उसे सजाएं। यह सामान्य दिनों में भी घर में एकआध्यात्मिक प्रभाव पैदा करता है।
एक वॉल पर प्रकृति की खूबसूरत सी पेंटिंग या मॉडर्न टैपिस्ट्री भी घर का फोकल पॉइंट बन सकती है।
रंगोली बिना दिवाली कहां! रंग व फूल ही नहीं, पत्तियां व तने तक खूबसूरत रंगोली बनाने में काम आ सकते हैं। प्रवेश द्वार को बंदनवार से सजाएं और मधुर आवाज वाले मिट्टी के विंड चाइम्स लगाएं, ताकि आने वालों को अच्छा लगे। दीये,कैंडल्स, कैंडल होल्डर्स, कंदील भी घर को खास बना देते हैं।
अगर आपके घर में गमले हैं तो नीली या हरी लाइट से गमलों को भी सजाएं। सारा घर जगमगा उठेगा। घर के मुख्य द्वार को फूलों तथा आम के पत्तियों से सजाएं। इससे घर में सकारात्मक उर्जा का प्रवेश होता है। घर के एक कोने में फूलों से रंगोली बनाकर एक पॉट में फ्लोटिंग कैंडल के साथ साथ कुछ फूल की पंखुडियां भी डाल दें। घर में रौनक आजाएगी।
घर में रंग भरती है रंगोली। चाहे फूल-पत्तियों या रंगों से बनाई जाए या फिर दालों या चावल के बूरे से, हर रंग व ढंग में यह खूबसूरत हीदिखती है। प्रवेश द्वार और पूजा घर में रंगोली सजाएं और साथ में लक्ष्मी जी के छोटे-छोटे पैर..।
ये सारे प्रतीक चिह्न घर में सुख-समृद्धि के आगमन के लिए बनाए जाते हैं।
पूजा घर को भी हम ताजे गेंदे और गुलाब के फूलों से सजाएं । सारी मूर्तियों को दूध से धोएं। नए मूर्ति के साथ पुरानी मूर्तियों की भीपूजा करें।

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