Thursday, 13 February 2014

अंक ज्योतिष :आप किसी भी स्त्री या पुरुष की जन्म तारीख से भी काफी कुछ जान सकते हैं:जन्म वार से जाने आपका हाल:You can learn a lot from Date of Birth:

अंक ज्योतिष :आप किसी भी स्त्री या पुरुष की जन्म तारीख से भी काफी कुछ जान सकते हैं:जन्म वार से जाने आपका हाल:You can learn a lot from Date of Birth:
महीने के 31 दिन - इस प्राचीन विधि से जानिए किसी भी स्त्री-पुरुष की गुप्त बातें
धर्म डेस्क   | 
उज्जैन। अपने आसपास रहने वाले किसी भी व्यक्ति की गुप्त बातें जानने की लालसा होना एक आम बात है। काफी लोग ऐसे हैं जो दूसरों के गुण और दोष जानना चाहते हैं, लेकिन आसानी से जान नहीं पाते हैं। यदि आप अपने आसपास रहने वाले मित्रों या सहकर्मियों के आंतरिक गुण या दोष जानना चाहते हैं तो यहां आपकी जिज्ञासाओं को शांत करने के लिए एक विधि बताई जा रही है।
 इस विधि के अनुसार आप किसी भी स्त्री या पुरुष की जन्म तारीख से भी काफी कुछ जान सकते हैं। एक वर्ष में 12 माह होते हैं और हर माह में दिनों की संख्या अलग-अलग है। यहां जानिए दिनांक 1 से 31 तक की जन्म तारीख वाले लोगों की खास बातें और किस्मत चमकाने के उपाय...
१ तारीख को जन्म लेने वाले लोग
जिन लोगों का जन्म किसी भी माह की 1 तारीख को हुआ है उन सभी लोगों का लकी नंबर 1 होता है। अंक 1 का कारक ग्रह सूर्य है। इसलिए अंक 1 वाले सभी लोगों को सूर्य विशेष रूप से प्रभावित करता है। 
अंक ज्योतिष के अनुसार 1 अंक वाले व्यक्ति रचनात्मक, सकारात्मक सोच वाले और नेतृत्वक्षमता के धनी होते हैं। ये लोग जो कार्य शुरू करते हैं उसे जब तक पूरा नहीं करते, इन्हें शांति नहीं मिलती। इन लोगों का विशेष गुण होता है कि यह हर कार्य को पूर्ण योजना बनाकर करते हैं, अपने कार्य के प्रति पूरे ईमानदार रहते हैं।
- इस अंक वालों के लिए रविवार और सोमवार विशेष लाभ देने वाले दिन हैं।
- इनके लिए पीला, सुनहरा, भूरा रंग काफी फायदेमंद है।
- तांबा और सोना से इन्हें विशेष लाभ प्रदान करता है।
- इनके लिए पुखराज, पीला हीरा, कहरुवा और इस रंग के रत्न, जवाहरत आदि लाभदायक हैं।
२ तारीख को जन्म लेने वाले लोग

जिन लोगों का जन्म किसी भी माह की 2 तारीख को हुआ हो, वे सभी अंक 2 वाले लोग माने जाते हैं। यह नंबर चंद्रमा का प्रतीक माना जाता है। चंद्रमा रचनात्मकता और कल्पनाशीलता का प्रतिनिधित्व करता है। चंद्रमा के सभी गुण अंक 2 वाले में विद्यमान रहते हैं।
जिस प्रकार चंद्रमा को चंचलता का प्रतीक माना जाता है कि ठीक उसी प्रकार अंक 2 वाले भी चंचल स्वभाव के होते हैं। चंद्र के प्रभाव से ये लोग प्रेम-प्रसंग में भी पारंगत रहते हैं।
- इस अंक के लोगों के लिए रविवार, सोमवार और शुक्रवार काफी शुभ दिन होते हैं।
- इनके लिए हरा या हल्का हरा रंग बेहद फायदेमंद है। क्रीम और सफेद रंग भी विशेष लाभ देते हैं।
- लाल, बैंगनी या गहरे रंग इनके लिए अच्छे नहीं होते।
- अंक 2 वालों को मोती, चंद्रमणि, पीले-हरे रत्न पहनना चाहिए। 
3 तारीख को जन्म लेने वाले लोग
जिन लोगों का जन्म किसी भी माह की 3 तारीख को हुआ है, वे लोग अंक 3 के व्यक्ति माने जाते हैं। अंक 3 वाले लोग काफी महत्वकांक्षी होते हैं।
अंक तीन का ग्रह स्वामी गुरु अर्थात बृहस्पति है। ज्योतिष और न्यूमरोलॉजी के अनुसार इस अंक से संबंधित लोगों पर बृहस्पति विशेष रूप से प्रभावित करता है। यह लोग अधिक समय तक किसी के अधीन कार्य करना पसंद नहीं करते, ये उच्च आकांक्षाओं वाले होते हैं।
इनका लक्ष्य उन्नति करते जाना होता है, अधिक समय एक जगह रुककर यह कार्य नहीं कर सकते। इन्हें बुरी परिस्थितियों से लडऩा बहुत अच्छे से आता है।
- इनके लिए मंगलवार, गुरुवार और शुक्रवार अधिक शुभ होते हैं।
- हर माह की 6, 9, 15, 18, 27 तारिखें इनके लिए विशेष रूप से लाभदायक हैं।
- इन लोगों की अंक 6 और अंक 9 वाले व्यक्तियों से काफी अच्छी मित्रता रहती है।
- रंगों में इनके लिए बैंगनी, लाल, गुलाबी, नीला शुभ होते है।
४ तारीख को जन्म लेने वाले लोग
जिस व्यक्ति का जन्म किसी भी माह की 4 तारीख को हुआ हो, उसका मूलांक 4 होता है। अंक ज्योतिष के अनुसार ऐसे व्यक्ति एक विशेष प्रकार के चरित्र वाले होते हैं। इस अंक का स्वामी यूरेनस होता है।
अंक 4 के लोग काफी संवेदनशील होते हैं। यह काफी जल्दी गुस्सा हो जाते हैं। छोटी-छोटी बातों का बुरा मान जाते हैं। इसी स्वभाव की वजह से इनके ज्यादा मित्र नहीं होते हैं। मित्र कम होने की वजह से यह लोग अधिकांश समय अकेलापन महसूस करते हैं। ये किसी को दुखी नहीं देख सकते।
- अंक 4 वाले लोगों के लिए रविवार, सोमवार और शनिवार भाग्यशाली दिन होते हैं।
- इनके लिए 1, 2, 7, 10, 11, 16, 18, 20, 25, 28, 29 तारीखें विशेष लाभ प्रदान करने वाली होती हैं।
- इन्हें नीला और ब्राउन कलर काफी फायदा पहुंचाता है अत: इन्हें इस रंग के कपड़े पहनना चाहिए।
५ तारीख को जन्म लेने वाले लोग
जिन व्यक्तियों का जन्म 5 तारीख को हुआ हो, वे सभी मूलांक 5 के लोग होते हैं। अंक ज्योतिष के अनुसार अंक 5 का स्वामी बुध ग्रह है। बुध ग्रह बुद्धि और विवेक का प्रतिक है। बुध के प्रभाव से इस अंक के व्यक्ति काफी बुद्धिमान और तुरंत निर्णय लेने वाले होते हैं।
अंक 5 वाले काफी स्टाईलिश होते हैं और वैसे ही कपड़े पहनना पसंद करते हैं। इनकी सभी से बहुत जल्द दोस्ती हो जाती है और ये सभी से अच्छी दोस्ती निभा सकते हैं। दोस्तों के लिए यह जितने उदार और शुभचिंतक होते हैं ठीक इसके विपरीत दुश्मनों के लिए उतने ही बुरे।
- इन लोगों के लिए बुधवार और शुक्रवार शुभ होते हैं।
- रंगों में इनके लिए हल्का ब्राउन, सफेद और चमकदार बेहद लाभदायक है।
- इन्हें गहरे रंग के कपड़े कम से कम पहनना चाहिए।
- इनके लिए 5, 14, 23 तारीखें भाग्यशाली होती हैं।
६ तारीख को जन्म लेने वाले लोग
जिन लोगों का जन्म किसी भी माह की 6 तारीख को हुआ है, वे सभी अंक 6 वाले माने जाते हैं। अंक ज्योतिष के अनुसार अंक 6 का स्वामी शुक्र ग्रह है। शुक्र ग्रह से प्रभावित व्यक्ति काफी ग्लेमरस और हाई लाइफ स्टाइल के साथ जीवन जीते हैं। ऐसे लोगों से कोई भी बहुत ही जल्द आकर्षित हो जाता है। इसी वजह से इनके कई मित्र होते हैं और अधिकांश व्यक्तियों के एक से अधिक प्रेम संबंध होते हैं।
अंक 6 के लोग किसी भी कार्य को विस्तृत योजना बनाकर ही करते हैं, जिससे इन्हें सफलता अवश्य प्राप्त होती है। यह लोग स्वभाव से थोड़े जिद्दी होते हैं। जो कार्य शुरू करते हैं उसे जब तक पूरा ना कर ले इन्हें शांति नहीं मिलती। 
- इनके लिए मंगलवार, गुरुवार, शुक्रवार शुभ दिन होते हैं। इस दिन शुरू किए कार्यों में इन्हें सफलता अवश्य प्राप्त होती है।
- किसी भी माह की 3, 6, 9, 12, 15, 18, 21, 24, 27, 30 तारिख के दिन शुभ होते हैं।
- इन लोगों के लिए बैंगनी और काला रंग अशुभ है। इन्हें लाल या गुलाबी शेड्स के कपड़े पहनने चाहिए।
- इन लोगों की मित्रता 3, 6, 9 अंक वालों से अच्छी रहती है।
- ये लोग अंक 5 के लोगों से आगे बढऩे का बहुत प्रयास करते हैं परंतु पीछे रह जाते हैं।
७ तारीख को जन्म लेने वाले लोग
जिन व्यक्तियों का जन्म किसी भी माह की 7 तारीख को हुआ हो, वे अंक 7 वाले होते हैं। इस अंक के स्वामी वरुणदेव अर्थात् जल के देवता हैं। जल मूल रूप से चंद्रमा से संबंधित है। इसी वजह से इस अंक के लोगों पर चंद्रमा का विशेष प्रभाव रहता है।

अंक 7 लोग स्वतंत्र विचारों वाले और आकर्षक व्यक्तित्व के धनी होते हैं। किसी को भी बड़ी आसानी से प्रभावित कर लेते हैं। चंद्र से संबंधित होने के कारण ये मन से बड़े ही चंचल होते हैं। इन्हें मजाक-मस्ती करना पसंद होता है। ये लोग इनके साथ रहने वाले मित्र आदि का हमेशा मनोरंजन करते रहते हैं। सभी को खुश रखते हैं।
- अंक 7 वालों के लिए रविवार और सोमवार शुभ दिन होते हैं।
- माह की 1, 2, 4, 7, 10, 11, 13, 16, 19, 20, 22, 25, 28, 29, 31 तारिखें शुभ फल देने वाली हैं।
- इनके लिए हरा, पीला, सफेद, क्रीम और हल्के रंग लाभदायक है।
- इन्हें गहरे रंगों के उपयोग से बचना चाहिए।
- अंक 7 वालों को भगवान की विशेष कृपा प्राप्त करने के लिए प्रतिदिन शिवलिंग पर जल चढ़ाना चाहिए।
8 तारीख को जन्म लेने वाले लोग
किसी भी माह की 8 तारीख को जन्म लेने वाले व्यक्ति अंक 8 वाले होते हैं। अंक ज्योतिष के अनुसार ये लोग काफी रहस्यमय स्वभाव के होते हैैं। इन्हें समझना काफी मुश्किल होता है।
अंक 8 के लोगों का व्यवहार अन्य अंक वालों से बिल्कुल अलग होता है। यह लोग हर बात को बहुत गहराई से सोचते हंै तथा बोलनेे में स्पष्टवादी होते हैं। इसलिए अपने जीवन में इनको कई प्रकार के कष्टों का सामना करना पड़ता है।
इस अंक के लोगों में मनोबल एवं आध्यात्मिक शक्ति अधिक होती है। इन लोगों का परमात्मा पर विश्वास अधिक होता है।
- इन लोगों के लिए शनिवार का दिन विशेष होता है। इसके साथ ही सोमवार और रविवार भी इनके लिए फायदेमंद रहते हैं।
- इन लोगों के लिए किसी भी माह के लिए 8, 17 और 26 तारीखें बहुत शुभ रहती हैं।
- रंगों में इनके लिए गहरा भूरा रंग, नीला, काला और बैंगनी शुभ रहता है।
- इनके लिए काला नीलम या काला मोती धारण करना शुभ रहता है।
९ तारीख को जन्म लेने वाले लोग
जिन लोगों का जन्म किसी भी माह की तारीख 9 को हुआ है वे अंक 9 के लोग होते हैं। अंक 9 का कारक मंगल ग्रह है और यह अंक मंगल का प्रतीक है। मंगल के प्रभाव से इन लोगों को गुस्सा काफी अधिक आता है। ये लोग जल्दबाजी में निर्णय ले लेते हैं और फिर बाद में इन्हें बुरा परिणाम झेलना पड़ता है। 
सामान्यत: अंक 9 के लोग स्वप्रेरित होते हैं। खुद की प्रेरणा से कार्य करते हैं।  अपने गुस्से के कारण ये लोग समाज में कई शत्रु बना लेते हैं। इन लोगों को दूसरों पर नियंत्रण काफी पसंद होता है, लेकिन जब इनकी यह इच्छा पूरी नहीं हो पाती है तो वे संबंधित कार्य से हट जाते हैं।
- अंक 9 वाले लोगों के लिए 3, 6, 9, 12, 15, 18, 21, 24, 27 और 30 तारीखें विशेष फायदेमंद रहती है।
- इन लोगों को अपने क्रोध पर काबू रखना चाहिए। गुस्से पर नियंत्रण के बाद इन्हें कार्यों में कई उपलब्धियां हासिल हो जाती हैं।
- इन लोगों के लिए रूबी रत्न धारण करना फायदेमंद रहता है। यह रत्न ऐसे धारण करना चाहिए कि ये हमेशा शरीर को स्पर्श करता रहे।
- इनके लिए शुक्रवार, बृहस्पतिवार, मंगलवार शुभ दिन होते हैं।

10 तारीख को जन्म लेने वाले लोग
जिन लोगों का जन्म किसी भी माह की तारीख 10 को हुआ है वे लोग रचनात्मक और खोज करने वाले होते हैं। इस अंक का कारक ग्रह सूर्य है। सूर्य के कारण इस अंक के लोगों को समाज में पूर्ण मान-सम्मान प्राप्त होता है।
इस अंक के लोग अपनी सफलता के मार्ग में आने वाली हर बाधा पर विजय प्राप्त कर लेते हैं। यह लोग अति महत्वकांशी होते हैं। ये लोग जिस भी क्षेत्र में कार्य करते हैं सफलताएं और ऊंचाइयां प्राप्त करते हैं। इस अंक वाले लोग सम्मान के भूखे होते हैं और अत्यधिक सम्मान प्राप्त करने की इच्छा रखते हैं।
- इस अंक वालों के लिए रविवार और सोमवार विशेष लाभ देने वाले दिन हैं।
- इनके लिए पीला, सुनहरा, भूरा रंग काफी फायदेमंद है।
- तांबा और सोना से इन्हें विशेष लाभ प्रदान करता है।
- इनके लिए पुखराज, पीला हीरा, कहरुवा और इस रंग के रत्न, जवाहरत आदि लाभदायक हैं।
 ११ तारीख को जन्म लेने वाले लोग
अंक ज्योतिष के अनुसार इस अंक के लोगों की कल्पनाशक्ति और रचनात्मक क्षमता काफी अधिक होती है। इस अंक का कारक ग्रह चंद्र है। ये लोग चंद्र के प्रभाव से हर कार्य को अच्छे और बेहद ही आकर्षक तरीके से करते हैं। हर पल नया करने के लिए लालायित रहते हैं। यह लोग काफी रोमांटिक स्वभाव के होते हैं और विपरित लिंग के प्रति बहुत अधिक आकर्षित होते हैं। अन्य लोग भी इनके व्यक्तित्व और कार्यशैली से इन पर मोहित हो जाते हैं। अधिकांशत: इस अंक के लोग शारीरिक दृष्टि से अधिक बलवान न होते हुए सामान्य शरीर वाले होते हैं।
- इस अंक के लोगों के लिए रविवार, सोमवार और शुक्रवार काफी शुभ दिन होते हैं।
- इनके लिए हरा या हल्का हरा रंग बेहद फायदेमंद है। क्रीम और सफेद रंग भी विशेष लाभ देते हैं।
- लाल, बैंगनी या गहरे रंग इनके लिए अच्छे नहीं होते।
- इस अंक वालों को मोती, चंद्रमणि, पीले-हरे रत्न पहनना चाहिए। 
१२ तारीख को जन्म लेने वाले लोग
इस अंक के व्यक्ति बहुत भावुक होते हैं और अनुशासन बहुत पसंद करते हैं। इस अंक के लोगों की यही मानसिकता होती है कि इन्हें निरंतर प्रगति करना है। इस अंक का कारक ग्रह बृहस्पति है।  इनके लिए जीवन में हर समय खुश रहना और दूसरों को खुश रखना ही इनका लक्ष्य होता है, यह स्वभाव से बहुत मनमौजी होते हैं। अपने से बड़ों के आदेशों पालन करते हैं और चाहते हैं कि इनके आदेशों का भी पालन उसी तरह किया जाए।
- इनके लिए मंगलवार, गुरुवार और शुक्रवार अधिक शुभ होते हैं।
- हर माह की 6, 9, 15, 18, 27 तारिखें इनके लिए विशेष रूप से लाभदायक हैं।
- इन लोगों की अंक 6 और अंक 9 वाले व्यक्तियों से काफी अच्छी मित्रता रहती है।
- रंगों में इनके लिए बैंगनी, लाल, गुलाबी, नीला शुभ होते है।
१३ तारीख को जन्म लेने वाले लोग
इस अंक का कारक ग्रह यूरेनस है। इस अंक के लोग किसी एक विषय को भी अलग-अलग दृष्टिकोण के साथ देखते हैं। इन्हे बेकार तर्क-वितर्क करना पसंद नहीं होता है। इस अंक के छात्र-छात्राएं प्रतियोगी परिक्षाओं में विशेष उपलब्धियां हासिल करते हैं।
सामान्यत: इस अंक के लोगों से मित्रता निभाना काफी मुश्किल होता है, परंतु ये बहुत अच्छे मित्र होते हैं। ये लोग अपने शुभचिंतकों और स्नेहीजनों के लिए कुछ भी करने में बिल्कुल सोचते नहीं हैं। 
इस अंक लोग सामान्यत: विरोधी दृष्टिकोण वाले होते हैं। किसी की बात से बहुत कम संतुष्ट होते हैं। इनसे मिलने वाले लोगों को ऐसा ही लगता है कि ये रुखे स्वभाव और गुस्से वाले लोग हैं परंतु यह दिल से साफ होते हैं। किसी के प्रति मन में कोई बैर भाव नहीं रखते। फिर भी इनके कई शत्रु बन जाते हैं जो इन्हें नुकसान पहुंचाने की कोशिश करते रहते हैं।
- इस अंक वाले लोगों के लिए रविवार, सोमवार और शनिवार भाग्यशाली दिन होते हैं।
- इनके लिए 1, 2, 7, 10, 11, 16, 18, 20, 25, 28, 29 तारीखें विशेष लाभ प्रदान करने वाली होती हैं।
- इन्हें नीला और ब्राउन कलर काफी फायदा पहुंचाता है अत: इन्हें इस रंग के कपड़े पहनना चाहिए।
१४ तारीख को जन्म लेने वाले लोग
इस का स्वामी ग्रह है बुध। बुध ग्रह को ज्योतिष शास्त्र के अनुसार नौ ग्रहों में राजकुमार का पद प्राप्त है। अत: इस अंक वाले लोगों को बुध वैसा ही वैभव और जीवन स्तर प्रदान करता है। अंक 5 वाले काफी स्टाईलिश होते हैं और वैसे ही डिजाइनर कपड़े पहनना पसंद करते हैं। सामान्यत: इनकी सभी से बहुत जल्द दोस्ती हो जाती है और ये सभी से अच्छी दोस्ती निभा सकते हैं। दोस्तों के लिए यह जितने उदार और शुभचिंतक होते हैं ठीक इसके विपरीत दुश्मनों के लिए उतने ही बुरे।
- इन लोगों के लिए बुधवार और शुक्रवार शुभ होते हैं।
- रंगों में इनके लिए हल्का ब्राउन, सफेद और चमकदार बेहद लाभदायक है।
- इन्हें गहरे रंग के कपड़े कम से कम पहनना चाहिए।
- इनके लिए 5, 14, 23 तारीखें भाग्यशाली होती हैं।
१५ तारीख को जन्म लेने वाले लोग
जिन लोगों का जन्म माह की 15 तारीख को हुआ है वे समाज और ऑफिस या परिवार के सभी लोगों से विशेष स्नेह रखते हैं। साथ ही इनके अधीन कार्य करने वाले लोग भी इनका बहुत सम्मान करते हैं। इस अंक का कारक ग्रह शुक्र है। शुक्र के प्रभाव से ये लोग इनका झुकाव प्रेम-प्रसंग की ओर अधिक होता है। हालांकि माता-पिता की ओर भी ये लोग पूरा ध्यान रखते हैं।
वैसे तो प्रेम में सभी अपने साथी की हर मनोकामना पूरी करने की पूरी कोशिश करते हैं, परंतु इस अंक के लोग प्रेम में काफी अधिक डूब जाते हैं। ये लोग अपने प्रेमी की छोटी-छोटी इच्छाओं को भी पूरा करने के लिए भी हमेशा तैयार रहते हैं। 
- इनके लिए मंगलवार, गुरुवार, शुक्रवार शुभ दिन होते हैं। इस दिन शुरू किए कार्यों में इन्हें सफलता अवश्य प्राप्त होती है।
- किसी भी माह की 3, 6, 9, 12, 15, 18, 21, 24, 27, 30 तारिख के दिन शुभ होते हैं।
- इन लोगों के लिए बैंगनी और काला रंग अशुभ है। इन्हें लाल या गुलाबी शेड्स के कपड़े पहनने चाहिए।
- इन लोगों की मित्रता 3, 6, 9 अंक वालों से अच्छी रहती है।
- ये लोग अंक 5 के लोगों से आगे बढऩे का बहुत प्रयास करते हैं परंतु पीछे रह जाते हैं।
 16 तारीख को जन्म लेने वाले लोग
जिन लोगों का जन्म किसी भी माह की 16 तारीख को हुआ है, वे लोग चंद्र से प्रभावित होते हैं। इस अंक का कारक ग्रह नेपच्यून है, नेपच्यून यानी वरुण ग्रह जल का कारक है और जल पर चंद्र का सीधा असर होता है।
ज्योतिष के अनुसार चंद्रमा की चाल अन्य ग्रहों में सबसे तेज है। चंद्र किसी भी राशि में मात्र ढाई दिन ही रुकता है। इसलिए इसे चंचलता का प्रतीक माना जाता है। 
सामान्यत: इस अंक के लोग चंद्र के प्रभाव से लेखक, चित्रकार या कवि बन जाते हैं। इन्हें हर कार्य को नए तरीके से करना पसंद है। 
- इस अंक वालों के लिए रविवार और सोमवार शुभ दिन होते हैं।
- माह की 1, 2, 4, 7, 10, 11, 13, 16, 19, 20, 22, 25, 28, 29, 31 तारिखें शुभ फल देने वाली हैं।
- इनके लिए हरा, पीला, सफेद, क्रीम और हल्के रंग लाभदायक है।
- इन्हें गहरे रंगों के उपयोग से बचना चाहिए।
- इन्हें भगवान की विशेष कृपा प्राप्त करने के लिए प्रतिदिन शिवलिंग पर जल चढ़ाना चाहिए।
17 तारीख को जन्म लेने वाले लोग
किसी भी माह की 17 तारीख को जन्म लेने वाले व्यक्ति के अंक का स्वामी ग्रह शनि है। अंक ज्योतिष के अनुसार ये लोग काफी रहस्यमय स्वभाव के होते हैैं। इन्हें समझना काफी मुश्किल होता है।
इस अंक के लोगों का व्यवहार अन्य अंक वालों से बिल्कुल अलग होता है। ये लोग दूसरो के लिए भाग्यशाली होते हैं और दूसरों पर पूरा प्रभाव रखते हैं। शनि के कारण इन लोगों का व्यवहार थोड़ा रुआबदार होता है। सामान्यत: अपने जिद्दी स्वभाव के कारण इन्हें कभी-कभी अकेलेपन का भी सामना करना पड़ता है।
शनि के कारण इन लोगों को जीवन में कई बार कठिन समय का सामना करना पड़ता है। यह लोग हर बात को बहुत गहराई से सोचते हंै तथा बोलनेे में स्पष्टवादी होते हैं। इसलिए अपने जीवन में इनको कई प्रकार के कष्टों का सामना करना पड़ता है।
- इन लोगों के लिए शनिवार का दिन विशेष होता है। इसके साथ ही सोमवार और रविवार भी इनके लिए फायदेमंद रहते हैं।
- इन लोगों के लिए किसी भी माह के लिए 8, 17 और 26 तारीखें बहुत शुभ रहती हैं।
- रंगों में इनके लिए गहरा भूरा रंग, नीला, काला और बैंगनी शुभ रहता है।
- इनके लिए काला नीलम या काला मोती धारण करना शुभ रहता है।
18 तारीख को जन्म लेने वाले लोग
जिन लोगों का जन्म किसी भी माह की तारीख 18 को हुआ है, उनके अंक का कारक मंगल ग्रह है और यह अंक मंगल का प्रतीक है। इस अंक के अधिकतर लोगों का जीवन संघर्ष के साथ व्यतीत होता है। छोटी-छोटी सफलतााओं के लिए भी इन्हें कड़ी मेहनत करना होती है।
ये लोग संगठन में कार्य करने में बहुत कुशल होते हैं और दूसरों पर नियंत्रण रखना इनका शौक होता है। मंगल के प्रभाव से इन लोगों को गुस्सा काफी अधिक आता है। ये लोग जल्दबाजी में निर्णय ले लेते हैं और फिर बाद में इन्हें बुरा परिणाम झेलना पड़ता है। 
- इस अंक वाले लोगों के लिए 3, 6, 9, 12, 15, 18, 21, 24, 27 और 30 तारीखें विशेष फायदेमंद रहती है।
- इन लोगों को अपने क्रोध पर काबू रखना चाहिए। गुस्से पर नियंत्रण के बाद इन्हें कार्यों में कई उपलब्धियां हासिल हो जाती हैं।
- इन लोगों के लिए रूबी रत्न धारण करना फायदेमंद रहता है। यह रत्न ऐसे धारण करना चाहिए कि ये हमेशा शरीर को स्पर्श करता रहे।
- इनके लिए शुक्रवार, बृहस्पतिवार, मंगलवार शुभ दिन होते हैं।
19 तारीख को जन्म लेने वाले लोग
जिन लोगों का जन्म किसी भी माह की 19 तारीख को हुआ है, वे लोग रचनात्मक तरीके से किसी कार्य को पूर्ण कर लेते हैं। इन लोगों का लकी नंबर 1 होता है। इस अंक का कारक ग्रह सूर्य है। इसलिए अंक 1 वाले सभी लोगों को सूर्य विशेष रूप से प्रभावित करता है। 
अंक ज्योतिष के अनुसार इस अंक वाले व्यक्ति रचनात्मक, सकारात्मक सोच वाले और नेतृत्वक्षमता के धनी होते हैं। ये लोग जो कार्य शुरू करते हैं उसे जब तक पूरा नहीं करते, इन्हें शांति नहीं मिलती। इन लोगों का विशेष गुण होता है कि यह हर कार्य को पूर्ण योजना बनाकर करते हैं, अपने कार्य के प्रति पूरे ईमानदार रहते हैं।
- इस अंक वालों के लिए रविवार और सोमवार विशेष लाभ देने वाले दिन हैं।
- इनके लिए पीला, सुनहरा, भूरा रंग काफी फायदेमंद है।
- तांबा और सोना से इन्हें विशेष लाभ प्रदान करता है।
- इनके लिए पुखराज, पीला हीरा, कहरुवा और इस रंग के रत्न, जवाहरत आदि लाभदायक हैं।
20 तारीख को जन्म लेने वाले लोग
जिन लोगों का जन्म 20 तारीख को हुआ है वे लोग अधिक समय तक एक जैसा जीवन नहीं जी सकते, इन्हें परिवर्तन काफी पसंद होता है। इनके कई मित्र होते हैं। मन की चंचलता के कारण इनका मन अधिकांश समय अस्थिर ही रहता है। विपरित परिस्थितियों में बहुत जल्द दुखी हो जाते हैं और कई बार हिम्मत भी हार जाते हैं। ऐसे में इनमें आत्मविश्वास की कमी आ जाती है।
यह अंक चंद्रमा का प्रतीक माना जाता है। चंद्रमा रचनात्मकता और कल्पनाशीलता का प्रतिनिधित्व करता है। चंद्रमा के सभी गुण अंक 2 वाले में विद्यमान रहते हैं।
जिस प्रकार चंद्रमा को चंचलता का प्रतीक माना जाता है कि ठीक उसी प्रकार अंक 2 वाले भी चंचल स्वभाव के होते हैं। चंद्र के प्रभाव से ये लोग प्रेम-प्रसंग में भी पारंगत रहते हैं।
- इस अंक के लोगों के लिए रविवार, सोमवार और शुक्रवार काफी शुभ दिन होते हैं।
- इनके लिए हरा या हल्का हरा रंग बेहद फायदेमंद है। क्रीम और सफेद रंग भी विशेष लाभ देते हैं।
- लाल, बैंगनी या गहरे रंग इनके लिए अच्छे नहीं होते।
- इन्हें मोती, चंद्रमणि, पीले-हरे रत्न पहनना चाहिए।

21 तारीख को जन्म लेने वाले लोग
जिन लोगों का जन्म किसी भी माह की 21 तारीख को हुआ है, वे लोग अपनी अलग ही विशेषता के कारण प्रसिद्ध रहते हैं। सामान्यत: इस अंक के लोग काफी महत्वकांक्षी होते हैं। इस अंक का ग्रह स्वामी गुरु है। गुरु के प्रभाव से ये लोग किसी उच्च पद को प्राप्त करते हैं। इन्हें किसी भी प्रकार का दबाव पसंद नहीं होता है। यदि काम को लेकर इन पर दबाव बनाया जाता है तो ये लोग खीजने लग जाते हैं।
इस अंक के लोग हर क्षेत्र में ऊंचाई पर पहुंचते हैं। इन्हें मेहनत अधिक करना होती है परंतु अंतत: सफलता प्राप्त कर लेते हैं।
- इनके लिए मंगलवार, गुरुवार और शुक्रवार अधिक शुभ होते हैं।
- हर माह की 6, 9, 15, 18, 27 तारिखें इनके लिए विशेष रूप से लाभदायक हैं।
- इन लोगों की अंक 6 और अंक 9 वाले व्यक्तियों से काफी अच्छी मित्रता रहती है।
- रंगों में इनके लिए बैंगनी, लाल, गुलाबी, नीला शुभ होते है।
22 तारीख को जन्म लेने वाले लोग
जिन लोगों का जन्म किसी भी माह की 22 तारीख को हुआ है वे लोग अपने आसपास के लोगों से एकदम अलग स्वभाव के होते हैं। ये लोग तर्क-वितर्क करते रहते हैं, इसी वजह से इनके गुप्त शत्रु होते हैं। पुराने समय से चली आ रही परंपराओं के प्रति इनका झुकाव कम ही होता है। इस अंक का स्वामी यूरेनस होता है।
इस अंक के लोग काफी संवेदनशील होते हैं। यह काफी जल्दी गुस्सा हो जाते हैं। छोटी-छोटी बातों का बुरा मान जाते हैं। इसी स्वभाव की वजह से इनके ज्यादा मित्र नहीं होते हैं। मित्र कम होने की वजह से यह लोग अधिकांश समय अकेलापन महसूस करते हैं। ये किसी को दुखी नहीं देख सकते।
- इन लोगों के लिए रविवार, सोमवार और शनिवार भाग्यशाली दिन होते हैं।
- इनके लिए 1, 2, 7, 10, 11, 16, 18, 20, 25, 28, 29 तारीखें विशेष लाभ प्रदान करने वाली होती हैं।
- इन्हें नीला और ब्राउन कलर काफी फायदा पहुंचाता है अत: इन्हें इस रंग के कपड़े पहनना चाहिए।
23 तारीख को जन्म लेने वाले लोग
जिन लोगों की जन्म तारीख 23 वे है लोग उत्तेजनाभरे कार्य करने में ज्यादा विश्वास रखते हैं। इनका ज्यादा झुकाव पैसा की ओर होता है, धन की प्राप्ति के लिए ये प्राय: नए-नए रास्तों की खोज करने में लगे रहते हैं। इसी वजह से अंक 5 के लोग खूब धन भी प्राप्त कर लेते हैं। 
इस अंक का स्वामी बुध है। बुध के प्रभाव से ये लोग काफी बुद्धिमान होते हैं और बुद्धि संबंधी कार्यों में विशेष सफलता भी प्राप्त करते हैं। ये लोग किसी भी कार्य के लिए शीघ्र निर्णय कर लेते हैं, इसी आदत की वजह से कई बार इन्हें नुकसान भी होता है।
- इन लोगों के लिए बुधवार और शुक्रवार शुभ होते हैं।
- रंगों में इनके लिए हल्का ब्राउन, सफेद और चमकदार बेहद लाभदायक है।
- इन्हें गहरे रंग के कपड़े कम से कम पहनना चाहिए।
- इनके लिए 5, 14, 23 तारीखें भाग्यशाली होती हैं।
24 तारीख को जन्म लेने वाले लोग
जिन लोगों की जन्म तारीख 24 है उनके लिए अपने परिवार और शुभचिंतकों की कोई भी बात किसी आदेश के समान ही होती है। प्रेम में इन लोगों का स्वभाव काफी समर्पित रहता है। अपने साथी की किसी भी इच्छा को पूरी करने के लिए ये लोग सदैव तत्पर रहते हैं।
ये लोग अपने इरादों के पक्के होते हैं और जो काम एक बार सोच लेते हैं, उसे पूरा करके ही चैन की सांस लेते हैं। इन लोगों की सुंदर वस्तुएं बहुत जल्दी आकर्षित कर लेती हैं। माता-पिता की ओर भी इनका झुकाव काफी अधिक रहता है।
अंक ज्योतिष के अनुसार इस अंक का स्वामी शुक्र ग्रह है। शुक्र ग्रह से प्रभावित व्यक्ति काफी ग्लेमरस और हाई लाइफ स्टाइल के साथ जीवन जीते हैं। ऐसे लोगों से कोई भी बहुत ही जल्द आकर्षित हो जाता है।
- इनके लिए मंगलवार, गुरुवार, शुक्रवार शुभ दिन होते हैं। इस दिन शुरू किए कार्यों में इन्हें सफलता अवश्य प्राप्त होती है।
- किसी भी माह की 3, 6, 9, 12, 15, 18, 21, 24, 27, 30 तारिख के दिन शुभ होते हैं।
- इन लोगों के लिए बैंगनी और काला रंग अशुभ है। इन्हें लाल या गुलाबी शेड्स के कपड़े पहनने चाहिए।
- इन लोगों की मित्रता 3, 6, 9 अंक वालों से अच्छी रहती है।
- ये लोग अंक 5 के लोगों से आगे बढऩे का बहुत प्रयास करते हैं परंतु पीछे रह जाते हैं।
25 तारीख को जन्म लेने वाले लोग
जो लोग किसी भी माह की 25 तारीख को जन्म लेते हैं वे लोग आमतौर पर यात्रा के दौरान पुस्तक पढऩा पसंद करते हैं। इस अंक का कारक ग्रह वरुण होता है और यह जल का कारक है। जल पर सीधा असर चंद्र का होता है। इसी वजह से चंद्र के कारण ये लोग चंचल स्वभाव के होते हैं। ये लोग विदेश यात्रा करने के इच्छूक होते हैं। इन्हें समाज की पूर्ण जानकारी रखना भी अच्छा लगता है। घर-परिवार में इन लोगों का काफी मान-सम्मान होता है।
इस अंक पर सीधे असर डालने वाला ग्रह चंद्र मन का नियंत्रक भी कहा जाता है। चंद्र से संबंधित अंकों वाले लोग अमावस्या और पूर्णिमा के दिन इससे विशेष रूप से प्रभावित होते हैं। धर्म के मामले में इन्हें पुरानी परंपराएं इन्हें पसंद नहीं होती। इन्हें तंत्र-मंत्र में रूचि रहती है।
- इस अंक वालों के लिए रविवार और सोमवार शुभ दिन होते हैं।
- माह की 1, 2, 4, 7, 10, 11, 13, 16, 19, 20, 22, 25, 28, 29, 31 तारिखें शुभ फल देने वाली हैं।
- इनके लिए हरा, पीला, सफेद, क्रीम और हल्के रंग लाभदायक है।
- इन्हें गहरे रंगों के उपयोग से बचना चाहिए।
- इन्हें भगवान की विशेष कृपा प्राप्त करने के लिए प्रतिदिन शिवलिंग पर जल चढ़ाना चाहिए।

26 तारीख को जन्म लेने वाले लोग
इस अंक का कारक ग्रह शनि है। ज्योतिष में शनि को न्यायाधीश माना जाता है। शनि किसी भी व्यक्ति के द्वारा किए गए अच्छे-बुरे कर्मों का फल प्रदान करता है। इस वजह से शनि को क्रूर ग्रह माना जाता है। शनि के प्रभाव से ही ये लोग भी समान में दृढ़ इच्छा शक्ति वाले जाते हैं। इन लोगों का दूसरों का काफी गहरा असर होता है। जब ये लोग किसी कार्य का उत्तरदायित्व अपने कंधों पर लेते हैं तो उसे पूरा अवश्य करते हैं।
इस अंक के लोगों में मनोबल एवं आध्यात्मिक शक्ति अधिक होती है। इन लोगों का परमात्मा पर विश्वास अधिक होता है।
- इन लोगों के लिए शनिवार का दिन विशेष होता है। इसके साथ ही सोमवार और रविवार भी इनके लिए फायदेमंद रहते हैं।
- इन लोगों के लिए किसी भी माह के लिए 8, 17 और 26 तारीखें बहुत शुभ रहती हैं।
- रंगों में इनके लिए गहरा भूरा रंग, नीला, काला और बैंगनी शुभ रहता है।
- इनके लिए काला नीलम या काला मोती धारण करना शुभ रहता है।
27 तारीख को जन्म लेने वाले
इस अंक के लोग अति परिश्रमी और साहसी होते हैं। ये लोग किसी भी कार्य को पूरी ईमानदारी के साथ पूर्ण करते हैं और इसी वजह से इन्हें ऑफिस में प्राथमिकता दी जाती है। हालांकि इस अंक लोगों को जीवन में कई बार छोटी-छोटी परेशानियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन अंतत: इन्हें सफलता अवश्य प्राप्त होती है।
इस अंक का स्वामी मंगल है। मंगल के प्रभाव से ये लोग जल्दी क्रोधित होने वाले होते हैं। कभी-कभी जल्दबाजी में निर्णय भी ले लेते हैं। ये लोग अपने उत्साह और साहस के बल पर बड़ी-बड़ी परेशानियों को आसानी से दूर कर लेते हैं।
- इस अंक वाले लोगों के लिए 3, 6, 9, 12, 15, 18, 21, 24, 27 और 30 तारीखें विशेष फायदेमंद रहती है।
- इन लोगों को अपने क्रोध पर काबू रखना चाहिए। गुस्से पर नियंत्रण के बाद इन्हें कार्यों में कई उपलब्धियां हासिल हो जाती हैं।
- इन लोगों के लिए रूबी रत्न धारण करना फायदेमंद रहता है। यह रत्न ऐसे धारण करना चाहिए कि ये हमेशा शरीर को स्पर्श करता रहे।
- इनके लिए शुक्रवार, बृहस्पतिवार, मंगलवार शुभ दिन होते हैं।

28 तारीख को जन्म लेने वाले
जिन लोगों का जन्म किसी भी माह की 28 तारीख को हुआ है वे लोग सूर्य से सीधे प्रभावित होते हैं। इन लोगों पर सूर्य देव की विशेष कृपा रहती है, क्योंकि इस अंक का स्वामी ग्रह सूर्य ही है। सूर्य से इन्हें किसी भी कार्य को करने के लिए पूरी ऊर्जा की प्राप्ति होती है। जिस प्रकार सूर्य चारों और रोशनी फैलाता है, ठीक इसी प्रकार ये लोग भी समाज और घर-परिवार में अपना प्रभाव फैलाते हैं।
सामान्यत: इस अंक के लोग अतिमहत्वकांशी होते हैं, लेकि अपने लक्ष्य के मार्ग में आने वाली सभी परेशानियों को आसानी से दूर कर लेते हैं।
जो लोग इनके अधीन कार्य करते हैं वे प्राय: इन्हीं पर आश्रित रहते हैं। इनकी मदद के बिना इनके अधिनस्थ कार्य को ठीक से पूरा नहीं कर पाते हैं।
- इस अंक वालों के लिए रविवार और सोमवार विशेष लाभ देने वाले दिन हैं।
- इनके लिए पीला, सुनहरा, भूरा रंग काफी फायदेमंद है।
- तांबा और सोना से इन्हें विशेष लाभ प्रदान करता है।
- इनके लिए पुखराज, पीला हीरा, कहरुवा और इस रंग के रत्न, जवाहरत आदि लाभदायक हैं।
 29 तारीख को जन्म लेने वाले
इस अंक का स्वामी चंद्र है। चंद्र के प्रभाव से ये लोग सूर्य से संबंधित अंकों वाले लोगों से विशेष तालमेल रखते हैं। ये लोग अपनी कल्पना शक्ति के बल पर किसी भी कार्य को नए ढंग से करने में सफल रहते हैं। अपनी इसी योग्यता के कारण इन्हें कार्यालय में भी विशेष स्थान प्राप्त होता है। ये लोग शरीर की अपेक्षा मस्तिष्क से अधिक बलवान होते हैं।
जिस प्रकार चंद्रमा को चंचलता का प्रतीक माना जाता है कि ठीक उसी प्रकार इस अंक वाले भी चंचल स्वभाव के होते हैं। चंद्र के प्रभाव से ये लोग प्रेम-प्रसंग में भी पारंगत रहते हैं।
- इस अंक के लोगों के लिए रविवार, सोमवार और शुक्रवार काफी शुभ दिन होते हैं।
- इनके लिए हरा या हल्का हरा रंग बेहद फायदेमंद है। क्रीम और सफेद रंग भी विशेष लाभ देते हैं।
- लाल, बैंगनी या गहरे रंग इनके लिए अच्छे नहीं होते।
- अंक 2 वालों को मोती, चंद्रमणि, पीले-हरे रत्न पहनना चाहिए।
30 तारीख को जन्म लेने वाले
जिन लोगों की जन्म तारीख 30 वे लोग कभी-कभी तानशाही भी करने लगते हैं। इसी वजह से इनके कई विरोधी हो जाते हैं। अतिस्वाभिमान और दूसरों के प्रति आभार मानना भी इन्हें पसंद नहीं होता।
इस अंक का स्वामी ग्रह बृहस्पति है और इसी ग्रह की वजह से इन्हें भाग्य का पूरा साथ मिलता है। सामान्यत: इन लोगों को किसी के नेतृत्व में काम करना अधिक पसंद नहीं होता है, लेकिन परिस्थितिवश ये किसी संगठन में भी अच्छे ढंग से कार्य पूर्ण कर सकते हैं।
इनका लक्ष्य उन्नति करते जाना होता है, अधिक समय एक जगह रुककर यह कार्य नहीं कर सकते। इन्हें बुरी परिस्थितियों से लडऩा बहुत अच्छे से आता है।
- इनके लिए मंगलवार, गुरुवार और शुक्रवार अधिक शुभ होते हैं।
- हर माह की 6, 9, 15, 18, 27 तारिखें इनके लिए विशेष रूप से लाभदायक हैं।
- इन लोगों की अंक 6 और अंक 9 वाले व्यक्तियों से काफी अच्छी मित्रता रहती है।
- रंगों में इनके लिए बैंगनी, लाल, गुलाबी, नीला शुभ होते है।
31 तारीख को जन्म लेने वाले
जिन लोगों का जन्म किसी भी माह की 31 तारीख को हुआ है वे लोग गुप्त विरोधियों से परेशान रहते हैं। सामान्यत: इनके स्वभाव में तर्क-वितर्क करना शामिल होता है और इसी वजह से ये लोग शत्रुओं की संख्या बढ़ा लेते हैं। इस अंक का स्वामी ग्रह यूरेनस (अरुण) होता है। अत: इन लोगों पर सूर्य का सीधा असर होता है।
कभी-कभी इनके स्वभाव को देखते हुए ऐसा लगता है कि ये लोग झगड़ालू स्वभाव के हों, लेकिन ऐसा होता नहीं है।  अपने तर्क-वितर्क के स्वभाव के कारण इन्हें वाद-विवाद और कानूनी कार्यों में विशेष सफलता प्राप्त होती है।
किसी भी प्रकार की विपरित परिस्थितियों को ये लोग आसानी से अपने पक्ष में कर लेते हैं। ये लोग घर-परिवार में अलग-अलग नियम बनाते रहते हैं।
- इन लोगों के लिए रविवार, सोमवार और शनिवार भाग्यशाली दिन होते हैं।
- इनके लिए 1, 2, 7, 10, 11, 16, 18, 20, 25, 28, 29 तारीखें विशेष लाभ प्रदान करने वाली होती हैं।
- इन्हें नीला और ब्राउन कलर काफी फायदा पहुंचाता है अत: इन्हें इस रंग के कपड़े पहनना चाहिए। 


 अंक ज्योतिष और द्वादश राशियां बंसत कुमार सोनी क विद्या का आविर्भाव आज से लगभग छह हजार वर्ष पूर्व ऋषि पराशर एवं ऋषि अगस्त्य द्वारा हुआ माना जाता है। यद्यपि अंक शास्त्र का उदय भारत में ही हुआ है, परंतु अंक विद्या का प्रचार और नव अन्वेषण अधिकांशतः विदेशों में हुए हैं। पश्चिमी दुनिया में पाइथागोरस को अंक शास्त्र का जनक माना जाता है, जिन्होंने अपनी पुस्तक ‘दुर्लभ परिसंवाद’ में उल्लेख किया है - ‘‘अंक सभी के विचारों, उनके तौर तरीकों, यहां तक कि आकृति को भी नियंत्रित करते हैं। यही कारण है कि दैनिक आपदाग्रस्तता हो या किसी भी तरह का दैविक विध्वंस, उसके मूल में अंकों की ही भूमिका होती है।’’ सेफेरियल हिब्रू यहूदी कबाला पद्धति के अंक विज्ञानी माने जाते हैं। सेफेरियल को छोड़कर अंक विद्या के शेष सभी विद्वानों ने एक से नौ तक के अंकों का विश्लेषण-प्रतिपादन किया। अंक वैज्ञानिकों मंे सर्वाधिक प्रचलित नाम कीरो का है। 

अंक शास्त्र में 0 (शून्य) को कोई महत्व नहीं दिया गया। इस शास्त्र में इकाई 1 से 9 तक के अंकांे का विश्लेषण करते हुए भविष्य कथन किया जाता है। इन अंकों को एकल अंक की संज्ञा प्राप्त है। सौर मंडल में देखा जाए तो वस्तुतः नौ ग्रह ही हैं। सर्वांग गणनाआंे का आधार भी यही अंक हंै। दहाई की सबसे छोटी संख्या दस से अनंत संख्याओं में इन्हीं अंकों की पुनरावृŸिा होती है। किसी भी बड़ी संख्या में प्रयुक्त अंकों को परस्पर एक-दूसरे से जोड़कर एकल अंक में बदला जा सकता है। ऐसी संख्या को अंक शास्त्र में मूल अंक या मूलांक कहते हैं। अंक शास्त्र के आधार पर राशि जानने के लिए वर्ष का विभाजन बारह भागों में किया गया है। जिस निश्चित समय सीमा में किसी जातक का जन्म होता है, वह उसकी राशि होती है। राशियों की यह प्रणाली भारतीय ज्योतिष की राशि प्रणाली से सर्वथा भिन्न है। भारतीय ज्योतिष में किसी भी व्यक्ति की राशि का आधार चंद्र नक्षत्र का नामाक्षर होता है, जबकि अंक शास्त्र में राशि का आधार कैलेंडर वर्ष की तारीख वाली द्वय मासों की कुछ निश्चित समयावधि होती है जिसका समन्वय सूर्य की संक्रांति से होता है। जन्म दिनांक के आधार पर बनने वाली द्वादश राशियां - अंक ज्योतिष के आधार पर किसी भी वर्ष में जन्म लेने वाला जातक निम्न काल खंडों के अंतर्गत पड़ने वाली जन्म तारीख को देखकर अपनी राशि ज्ञात कर सकता है। 23 दिसंबर से 20 जनवरी: इस अवधि में जन्म होने पर ‘‘मकर राशि’’ मानी जाती है। इस राशि में जन्म लेने वाले जातक आमतौर पर सामान्य स्तर का जीवन बिताते हुए उन्नति के पथ पर अग्रसर होते हैं और दूसरों की उन्नति देखकर प्रसन्न भी रहते हैं। 30 वें वर्ष में ऐसे जातकों का भाग्योदय होना माना जाता है। इस राशि का अधिपति शनि और राशि रत्न नीलम है। भारतीय ज्योतिष के अनुसार मकर लग्न में जन्म लेने वाले जातक को अपनी उन्नति हेतु नीलम, पन्ना और हीरा अथवा इनके उप-रत्नों से बना त्रिशक्ति रत्न कवच या लाॅकेट धारण करना चाहिए। 21 जनवरी से 19 फरवरी: इस अवधि में जन्म लेने वालों की राशि ‘‘कुंभ’’ मानी गई है। कुंभ राशि की आकृति जल वाहक जैसी है। 36 वर्ष की आयु के उपरांत कंुभ राशि के जातक अक्सर धनवान होते देखे जाते हैं। इस अवधि के दौरान जिनका जन्म होता है, वे प्रायः भीरु, परंपरावादी, व्यवसायी, कार्य-पटु और स्वाभिमानी होते हैं। इनकी कार्य-सिद्धि अकस्मात रूप में होती है। किंतु इन्हें वांछित संतान सुख मिलने की संभावना कम रहती है। यह राशि भी शनि के स्वामित्व वाली राशि है। नीलम इस राशि का अनुकूल रत्न है। इस अवधि के दौरान उत्पन्न हुए लोगों की जन्म कुंडली का लग्न यदि कुंभ हो तो उनके लिए नीलम, पन्ना और हीरा रत्न समान रूप से लाभदायक होते हैं। उन्हें अपनी भाग्योन्नति के लिए इन रत्नों का अथवा इनके उपरत्नों त्रिशक्ति लाॅकेट धारण करना चाहिए। 20 फरवरी से 21 मार्च: अंक विद्या के अनुसार इस अवधि में उत्पन्न जातकों की राशि ‘‘मीन’’ मानी जाती है। यह बृहस्पति के आधिपत्य वाली राशि है। इसकी आकृति जलक्रीड़ारत मत्स्य युगल जैसी होती है। मीन राशि का जातक भले ही अल्प शिक्षित हो, फिर भी उसमें कोई न कोई विशिष्ट गुण या ज्ञान अवश्य पाया जाता है। इस अवधि में जन्म लेने वाले जातकों का संबंध बौद्धिक या कला के कार्यों से अधिक होता है, परंतु वे दैनिक जीवन में चिंतित एवं अव्यवस्थित रूप में जीवन-यापन करने वाले हो सकते हैं। जीवन का 21, 30, 39 या 48 वां वर्ष इनकी भाग्योन्नति का वर्ष या महत्वपूर्ण वर्ष हो सकता है। मीन राशि का भाग्य-रत्न पीला पुखराज है। यदि ऐसे जातकों का जन्म कालीन लग्न भारतीय ज्योतिष पद्धति के अनुसार मीन हो तो वे पुखराज, मोती और मूंगे का बना लाॅकेट धारण कर लाभान्वित हो सकते हैं। यह एक जलतत्व राशि है, अतः ऐसे जातक को गणेशार्चन करना चाहिए, इससे शीघ्र ही सुख-शांति-समृद्धि की प्राप्ति होती है।
 22 मार्च से 20 अप्रैल: इस अवधि में जिनका जन्म होता है, अंक शास्त्र के अनुसार उनकी ‘‘मेष राशि’’ होती है। ऐसे जातकों के लिए जीवन का 18वां, 21वां और 25वां वर्ष विशेष महत्व के होते हैं। इस राशि वालों के जीवन का पूर्वार्द्ध संघर्षमय, किंतु उŸारार्द्ध सुखमय हो सकता है। बचपन और किशोरावस्था में मेष राशि के जातक उपद्रव-प्रिय भले ही हों, परंतु युवावस्था में वे साहसी, धीर और प्रतिभा संपन्न हो जाते हंै। सैनिक, सेनानायक, इंजीनियर अनुसंधानकर्ता, अभिनेता, अन्वेषक, आॅपरेटर, लिपिकादि, रक्षात्मक कार्यों से आजीविका चलाने वाले लोग, इलेक्ट्रीशियन, शस्त्रागार संचालनकर्ता, शल्य क्रिया विशेषज्ञ, भू-कार्य से जुड़े लोग इत्यादि मेष राशि प्रधान होते हैं। मेष राशि का रत्न प्रवाल अर्थात मूंगा है। यदि 22 मार्च से 20 अप्रैल के मध्य जन्मे जातकों की कुंडली मेष लग्न वाली हो, तो उन्हें भाग्यवृद्धि हेतु मूंगा, माणिक्य और पुखराज अथवा इनके उपरत्नों का त्रिशक्ति लाॅकेट धारण करना चाहिए जो उनके साहसी, स्वस्थ और समृद्ध बनाने में सहायक सिद्ध होगा। 21 अप्रैल से 21 मई: इस अवधि के मध्य जन्मे जातकों की राशि अंक शास्त्रानुसार ‘‘वृषभ’’ होती है। इस राशि के लोग अपने जीवन मंे आने वाली कठिनाइयों को पार करते हुए गंतव्य को पहुंच जाते हैं। धनोपार्जन कर अपना जीवन सफल बनाना इनका मकसद होता है। वे संुदर वस्त्र, आभूषण, शृंगार, मनोरंजन आदि के शौकीन होते हैं। वृष राशि अधिक संतान वाली, कोमलांगी, शांत प्रकृति, गौर वर्णा, पुष्ट शरीर वाली मानी गई है इसकी आकृति वृष जैसी है। इस राशि वाले व्यवसायी, कृषक, पाक कलाविद, राजकर्मी, पशुधन प्रेमी, आढ़तिए, कवि, लेखक, सुगंधित वस्तुओं के व्यापारी, वस्त्र विक्रेता आदि होते हैं। 15वां, 24वां, 29वां अथवा 25वां वर्ष इनके लिए उŸाम होता है। इन्हें हृदय, मूत्र, फेफड़े आदि से संबंधित रोग होने की संभावना रहती है। वृष राशि का भाग्यशाली रत्न हीरा है। वृष राशि एवं वृष लग्न में जन्मे जातकों के लिए हीरा, पन्ना और नीलम अथवा इनके उपरत्नों का लाॅकेट धारण करना शुभ माना जाता है। 22 मई से 21 जून: इस समयावधि में पैदा हुए लोगों की राशि ‘‘मिथुन’’ मानी जाती है, जो बुध के आधिपत्य वाली राशि है। ‘काम के मामलों में सब कुछ सही’ वाली मानसिकता ऐसे लोगों में विशेष रूप से पाई जाती है। 17,23,28,32 व 41वां वर्ष इनके जीवन के महत्वपूर्ण वर्ष माने जाते हैं। हरे रंग के मयूरपंखी और मोगरा रंग के वस्त्र-रत्नादि धारण करना मिथुन राशि के जातकों के लिए शुभ होता है। मिथुन राशि का प्रिय रत्न पन्ना माना गया है। इस अवधि में जन्मे लोगों को, जिनकी कुंडली में मिथुन लग्न हो, पन्ना, हीरा और नीलम अथवा उनके उपरत्नों की बनी अंगूठियां अथवा लाॅकेट धारण करना शुभ होता है। मिथुन राशि वाले शिल्पज्ञ, कलाकार, गायन, वादन और नृत्य प्रेमी, चित्रकार, इंजीनियर, वक्ता, भविष्यवक्ता, अधिवक्ता, शास्त्रानुरागी, कामुक, हास्य प्रेमी, मिलनसार, वणिक वृŸिा वाले, ज्ञानी विज्ञानी, दार्शनिक, सचिवादि होते हैं। 22 जून से 23 जुलाई: इस अवधि में जिनका जन्म होता है उनकी राशि अंक शास्त्रानुसार ‘‘कर्क’’ है। इस राशि पर चंद्र का आधिपत्य होता है। इसकी आकृति केकड़े जैसी होती है। रजोगुणी और जल तत्व वाली इस राशि के लोग प्रायः दो प्रकार के कार्य-व्यवसाय अपनाकर धनोपार्जन करने वाले और माता के भक्त होते हैं। यह राशि सहानुभूति, सुकुमारता, सहकारिता आदि का बोधक मानी गई है। भाषाविद, राज्याधिकारी, नौसैनिक, राजनेता, जलवैज्ञानिक, लेखक, संपादक, प्राध्यापक, चिकित्सक, कवि, नाविक, न्याविद, नीति विशारद जैसे लोगों पर कर्क राशि का प्रभुत्व होता है। इस राशि के लोगों में उŸोजना अधिक होती है। जीवन का 16,22,24,28,35 और 47वां वर्ष कर्क राशि वालों के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। कर्क राशि का रत्न मोती है। कर्क राशि वालों के लिए मोती, मूंगा व पुखराज धारण करना शुभ होता है। 24 जुलाई से 23 अगस्त: इस अवधि में जन्म लेने वालों को सिंह राशि से प्रभावित माना गया है। सिंह राशि के जातक स्वच्छंदतापूर्वक रहना पंसद करते हैं। वे बलिष्ठ, निर्भीक, साहसी, क्रोधातुर होते हैं। वक दयालु भी होते हैं। ऐसे लोग शत्रु के साथ घोर शत्रुता रखते हैं। इन्हें भूख-प्यास व्याकुल कर देती है। ऐसे लोग निरोग होते हुए भी उदर पीड़ा से ग्रस्त पाए जाते हैं। वे गृह सज्जाकार, वास्तुकार, कलाकार, शिल्पकार, चित्रकार, लेखक, लिपिक, मुनीम, सैनिक, शिक्षक, प्रबंधक, शासक, प्रकाशक, अधिकारी या मंत्री हो सकते हैं। सिंह राशि का प्रतीक रत्न माणिक्य या सूर्यकांत मणि है। इनके लिए 19,22,31,40,46 और 58वां वर्ष भाग्यवर्धक होते हैं। सिंह राशि से प्रभावित लोगों को माणिक्य, पुखराज व मूंगा अथवा इनके उपरत्नों के मेल से बना लाॅकेट पहनना चाहिए। 24 अगस्त से 23 सितंबर: इस अवधि में पैदा हुए लोग कन्या राशि वाले माने जाते हैं। इस राशि पर बुध का आधिपत्य होता है। कन्या की आकृति वाली इस राशि से प्रभावित लोग आडंबर पसंद नहीं होते। 34 वर्ष की आयु के उपरांत इनका भाग्य इनका साथ देता है। तीव्र स्मरण शक्ति, स्त्री सदृश्य प्रकृति, धैर्य, लजीला स्वभाव आदि इस राशि वालों के विशेष गुण हंै। सद्साहित्य, गणित, विज्ञान, मनोविज्ञान आदि के अध्ययन-अध्यापन तथा हस्तकला, विपणन, एजेंसी, आशुलिपि, सार्वजनिक जैसे कार्यों से इस राशि से प्रभावित जातकों का संबंध होता है। ऐसे लोग अपनी मान-मर्यादा का सदैव ख्याल रखने वाले होते हैं। इनके लिए पन्ना भाग्यवर्धक होता है। यदि इस समयावधि में जन्मे लोगों की जन्म पत्रिका में कन्या लग्न हो, तो वे पन्ना, नीलम और हीरा या उनके उपरत्नों से बना त्रिशक्ति लाॅकेट धारण कर सकते हैं। इनके लिए जीवन का 29, 33, 41 और 50वां वर्ष महत्वपूर्ण होते हैं। 24 सितंबर से 23 अक्टूबर भारतीय अंक शास्त्र या पाश्चात्य पद्धति के अनुसार इस अवधि में जन्मे लोगों की राशि ‘‘तुला’’ है। यह शुक्र के स्वामित्व वाली राशि है जिसकी आकृति तुला जैसी है। इस राशि के जातकों को सदैव व्यापार में लाभ और धनोपार्जन की चिंता रहती है। वे सत्यनिष्ठ, न्यायप्रिय, दार्शनिक बुद्धि वाले, नृत्य संगीत प्रेमी, शृंगार मंे अभिरुचि रखने वाले, सच्चे प्रेमी, प्रसन्न रहने वाले तथा स्वच्छताप्रिय होते हैं। वकील, बैरिस्टर, रंगमंच कर्मी, दूरदर्शन के कलाकार, अभिनेता, न्यायविद, लेखक, संपादक, पत्रकार, रेडियोसिंगर, उच्च पदस्थ अधिकारी, उच्चवर्गीय व्यापारी, आयात-निर्यातकर्ता, संगीतज्ञ आदि तुला राशि से प्रभावित होते हैं। इस राशि वालों को गुर्दे, मूत्र, रक्त आदि की बीमारी हो सकती है। रत्नराज हीरा इनके लिए शुभ है। इन्हें नीलम, पन्ना और हीरा अथवा इनके उपरत्न एक साथ धारण करना समान रूप से लाभदायक होता है। 24 अक्टूबर से 23 नवंबर: इस अवधि में जन्मे जातकों की राशि अंक शास्त्र के अनुसार वृश्चिक है। इनके भाग्यवर्धक वर्ष 18,26,34,44 और 68 माने गए हंै। इस राशि पर मंगल का प्रभाव अधिक होता है। भू-उत्खनन, भवन-निर्माण, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिसिटी, तस्करी, राजदूतावास, गुप्तचरी, खिलाड़ी, एलोपैथी, शल्य-क्रियाएं, आलोचना, जादूगरी, सेना आदि से संबंधित लोग इसी राशि से प्रभावित होते हैं। वृश्चिक लग्न वालों को मूंगा, पुखराज और मोती निर्मित लाॅकेट पहनना चाहिए। 24 नवंबर से 22 दिसंबर: इस कालखंड में जन्मे लोगों की राशि धनु होती है। यह गुरु के स्वामित्व वाली राशि है। ऐसे जातकों के लिए उनके जीवन का 21,30,39,48,66वां वर्ष शुभ माने गए हैं। इस राशि का रत्न पुष्पराग मणि तथा सहायक रत्न विद्रुम और मुक्ता हैं। इनके बच्चे कम होते हैं। अर्थ-संपन्न होते हुए भी इस राशि के जातकों के जीवन में धन की कमी बनी रहती है। इन्हें हर कार्य में सफलता मिलती है। मूल नक्षत्र इनके लिए अशुभत्व कारक है। मठाधीश, प्राध्यापक, पुरोहित, दार्शनिक, र ा ज न ी ित ज्ञ , प र ा म शर्् ा द ा त ा , अर्थ-धर्म-न्यायशास्त्री त थ् ा ा घ् ा ु ड ़ द ा ै ड ़ , आयुर्वेद और चिकित्सा से जुड़े लोग इस राशि से प्रभावित होते हैं। धनु लग्न वालों को गुरु, मंगल और चंद्र के रत्न या उपरत्न संयुक्त रूप में धारण करना चाहिए, इससे धन-संपदा में वृद्धि होती है। अंक ज्योतिष :
- पंडित कौशल पाण्डेय
अंक ज्योतिष के अनुसार जन्म तारीख के कुल योग को मूलांक कहते है , DD :MM :YYYY के कुल योग को भाग्यांक कहते है, मूलांक और भाग्यांक के अनुसार काम करने से जीवन में रुके हुए काम पुरे होते चले जाते है :-
अंकज्योतिष में नौ ग्रहों सूर्य, चन्द्र, गुरू, यूरेनस, बुध, शुक्र, वरूण, शनि और मंगल की विशेषताओं के आधार पर गणना की जाती है। इन में से प्रत्येक ग्रह के लिए 1 से लेकर 9 तक कोई एक अंक निर्धारित किया गया है, कौन से ग्रह पर किस अंक का असर होता है। ये नौ ग्रह मानव जीवन पर गहरा प्रभाव डालते हैं।
आइये जाने किस अंक का कौन स्वामी है :-
जन्म तारीख 1, 10, 19, 28 का मूलांक 1 का स्वामी सूर्य है
2, 11, 20, 29 तारीख को जन्मे व्यक्ति का मूलांक- 2 स्वामी चंद्रमा
3, 12, 21, 30 मूलांक- 3, स्वामी गुरू
4, 13, 22, 31 मूलांक 4 का स्वामी- राहु
5, 14, 23 मूलांक 5 स्वामी बुध
6, 15, 24 मूलांक 6 स्वामी शुक्र
7, 16, 25 मूलांक 7 स्वामी केतु
8, 17, 26 मूलांक 8 स्वामी- शनि-
9, 18, 27 मूलांक 9 स्वामी मंगल
आइये जाने भाग्यशाली अंक, अंको के रंग और शुभ दिशा
मूलांक 1 : यह अंक स्वतंत्र व्यक्तित्व का धनी है। इससे संभावित अंह का बोध, आत्म निर्भरता, प्रतिज्ञा, दृढ़ इच्छा शक्ति एवं विशिष्ट व्यक्तित्व दृष्टि गोचर होता है। इसके स्वामी सूर्य हैं. जिस व्यक्ति का जन्म समय 21 जुलाई से 28 अगस्त के मध्य हो, का प्रभाव सूर्य के नियंत्रण में होता है, इनके लिए शुभ तिथि 1,10,19 एवं 28 तारीख है. चार अंक से इनका जबरदस्त आकर्षण होता है. इनके लिए शुभ दिन रविवार एवं सोमवार है, तो शुभ रंग पीला, हरा एवं भूरा है. ये अपने ऑफिस, शयनकक्ष परदे, बेडशीट एवं दीवारों के रंग इन्हीं रंगों में करें, तो भाग्य पूर्णत: साथ देता है. इस मूलांक के व्यक्ति शासन के शीर्ष पद पर देखे जाते हैं. छह एवं आठ अंक वाले इनके शत्रु हैं. इनकी शुभ दिशा ईशान कोण है.
मूलांक 2 : अंक दो का संबंध मन से है। यह मानसिक आकर्षण, हृदय की भावना, सहानुभूति, संदेह, घृणा एवं दुविधा दर्शाता है। इसका प्रतिनिधित्व चन्द्र को मिला है, इस अंक का स्वामी चंद्रमा है 2,11, 20, 29 तारीख अति शुभ हैं. रविवार, सोमवार एवं शुक्रवार श्रेष्ठ दिन हैं. सफेद एवं हल्का हरा इनके शुभ रंग हैं.
मूलांक 3 : इस अंक के स्वामी देव गुरु वृहस्पति हैं .इससे बढ़ोत्तरी, बुद्धि विकास क्षमता, धन वृद्धि एवं सफलता मिलती है। 3, 12, 21 एवं 30 तारीख इनके लिए विशेष शुभ हैं. मंगलवार, गुरुवार एवं शुक्रवार श्रेष्ठ है. पीला एवं गुलाबी रंग अतिशुभ है. शुभ माह जनवरी एवं जुलाई है. दक्षिण, पश्चिम एवं अग्नि कोण श्रेष्ठ दिशा है.
मूलांक 4 : इस अंक से मनुष्य की हैसियत, भौतिक सुख संपदा, सम्पत्ति, कब्जा, उपलब्धि एवं श्रेय प्राप्त होता है। इसका प्रतिनिधि हर्षल और राहु हैं. 2, 11, 20 एवं 29 तारीख शुभ है. रविवार, सोमवार एवं शनिवार श्रेष्ठ दिन हैं, जिसमें शनिवार सर्वश्रेष्ठ है. नीला एवं भूरा रंग शुभ है.
मूलांक 5 : इस अंक का स्वामी बुध है. शुभ तिथि 5, 14 एवं 23 है. सोमवार, बुधवार एवं शुक्रवार श्रेष्ठ है. उसमें शुक्रवार सर्वाधिक शुभ है. सफेद, खाकी एवं हल्का हरा रंग इनके लिए शुभ है. इनके लिए अशुभ अंक 2, 6 और 9 है.
मूलांक 6 : इस अंक का स्वामी शुक्र है. छह का अंक वैवाहिक जीवन, प्रेम एवं प्रेम-विवाह, आपसी संबंध, सहयोग, सहानुभूति, संगीत, कला, अभिनय एवं नृत्य का परिचायक है।शुभ तिथि माह की 6,15 एवं 24 तारीख है. मंगलवार, गुरुवार एवं शुक्रवार श्रेष्ठ दिन है जिसमें शुक्रवार सर्वश्रेष्ठ है. आसमानी, हल्का एवं गहरा नीला एवं गुलाबी रंग शुभ हैं. लाल एवं काले रंग का प्रयोग वर्जित है.
मूलांक 7 : इस अंक का स्वामी केतु है. सात का अंक आपसी ताल मेल, साझेदारी, समझौता, अनुबंध, शान्ति, आपसी सामंजस्य एवं कटुता को जन्म देता है।महीना के 7, 16 एवं 25 तारीख सर्वश्रेष्ठ है. 21 जून से 25 जुलाई तक का समय भी श्रेष्ठ है. रविवार, सोमवार एवं बुधवार श्रेष्ठ हैं. जिसमें सोमवार सर्वश्रेष्ठ है. शुभ रंग हरा, सफेद एवं हल्का पीला है.
मूलांक 8 : इस अंक का स्वामी शनि हैं. 8, 17 एवं 26 तारीख श्रेष्ठ तिथि हैं.शनि का अंक होने से इस अंक से क्षीणता, शारीरिक मानसिक एवं आर्थिक कमजोरी, क्षति, हानि, पूर्ननिर्माण, मृत्यु, दुःख, लुप्त हो जाना या बहिर्गमन हो जाता है, रविवार, सोमवार एवं शनिवार शुभ हैं. जिसमें शनिवार सर्वाधिक शुभ है. भूरा, गहरा नीला, बैगनी, सफेद एवं काला शुभ रंग है. हृदय एवं वायु रोग इनके प्रभाव क्षेत्र हैं. दक्षिण, दक्षिण-पश्चिम एवं दक्षिण-पूर्व दिशा शुभ हैं.
मूलांक 9 : अंक नौ का स्वामी मंगल है. इस मूलांक के लोगों पर मंगल ग्रह का प्रभाव सर्वाधिक है.यह अन्तिम ईकाई अंक होने से संघर्ष, युद्ध, क्रोध, ऊर्जा, साहस एवं तीव्रता देता है। इससे विभक्ति, रोष एवं उत्सुकता प्रकट होती है। इसका प्रतिनिधि मंगल ग्रह है जो युद्ध का देवता है 9, 18 एवं 27 श्रेष्ठ तारीख है. मंगलवार, गुरुवार एवं शुक्रवार शुभ दिन है. गहरा लाल एवं गुलाबी शुभ रंग है. पूर्व, उत्तर-पूर्व एवं उत्तर-पश्चिम दिशा अतिशुभ हैं. हनुमान जी की अराधना श्रेष्ठ है.

 आपका जन्मदिन बताएगा आपका व्यक्तित्व :जन्म वार से जाने आपका हाल:
 Born Day (जन्म वार से जाने आपका हाल)
जन्म वार का प्रभाव केवल व्यक्ति के भाग्य पर नहीं, उसके व्यक्तित्व पर भी पड़ता है। वार के अनुसार ही रंग, स्वभाव और शारीरिक बनावट भी होती है। 
रविवार : यह सूर्य का दिन है। इस वार को जन्मे जातकों का सिर गोल व छोटा, कद लंबा, छाती चौड़ी होती है। ऐसे व्यक्ति साहसी, दानी, हंसमुख, महत्वाकांक्षी होते हैं। ये लोग हार नहीं मानते, पर स्वार्थ की पूर्ति जरूर कर लेते हैं। 
सोमवार : इसे चंद्रमा का वार माना जाता है। यह मन का कारक भी है। इस दिन जन्मे जातक बड़े सिर और बड़ी आंखों वाले होते हैं। ये ठिगने होते हैं और कल्पनाशील भी होते हैं। ऐसे लोग मृदुभाषी होते हैं तथा इन्हें यात्रा व लेखन का शौक भी होता है। इनमें भाईचारे की भावना होती है। इस दिन जन्मी स्त्रियों को परिणय संबंध में सावधान रहने की जरूरत होती है। 
मंगलवार : यह हनुमान जी का दिन माना जाता है। इस दिन जन्मे जातक सांवले रंग के होते हैं। इनकी गर्दन लंबी होती है। ऐसे लोग साहसी खिलाड़ी, भू माफिया, पुलिस के अधिकारी, सेनाध्यक्ष आदि होते हैं। अगर किसी जातक का जन्म मंगलवार की रात को हुआ हो, तो वे स्वार्थी होते हैं। 
बुधवार : भगवान गणेश को बुधवार का स्वामी माना जाता है। इस दिन जन्मे जातक छोटे कद के, सामान्य रंग वाले और बहुत ज्यादा बोलने वाले होते हैं। ऐसे लोग वकील या संपादक के पद तक पहुंचते हैं। इस दिन जन्मी महिलाएं शीघ्र रूठने वाली, स्पष्ट बोलने वाली व व्यावसायिक कुशलता से पूर्ण होती हैं। 
गुरुवार : गुरुवार के दिन जन्मे जातकों का शरीर लंबा होता है तथा आवाज भारी होती है। इनका शरीर स्वस्थ रहता है। ऐसे लोग कानूनविद, अधिकारी या जज के अलावा व्यापारी, नेता व अभिनेता बनते हैं। इस दिन जन्मी महिलाएं चरित्रवान, पति की सेविका, कुशल अध्यापिका बनने की क्षमता वाली होती हैं। 
शुक्रवार : यह देवी लक्ष्मी का वार माना जाता है। इस दिन जन्मे जातकों का सिर बड़ा और शरीर दुबला-पतला होता है। इनकी बांहें लंबी होती हैं। ऐसे लोग विनोदी प्रकृति के होते हैं तथा फिल्म निर्माता, आभूषण विक्रेता, मिठाई निर्माता होते हैं। इस दिन जन्मी महिलाएं सुंदर, मधुर भाषिणी होती हैं। 
शनिवार : इस दिन जन्मे जातकों का रंग सांवला होता है। इनकी आवाज कर्कश होती है और ये लोग चुगलखोर, आलसी व क्रोधी स्वभाव के होते हैं। इस दिन जन्मी महिलाएं कटुभाषिणी व पति से अनबन रखने वाली होती हैं। अगर किसी महिला का शनि अच्छे भाव में बैठे हों, तो वह ऐसी महिलाएं किसी कारखाने या मिल की मालकिन एवं श्रेष्ठ राजनीतिज्ञ होती हैं।
Writer Jai Maa Kaali
 सोमवार को जन्म लेने वाले व्यक्ति अधिक परिश्रमी होते हैं लेकिन इनका भाग्य पक्ष प्रबल न होने के कारण इनके श्रम का पूर्ण फल नहीं मिल पाता है। फिर भी ये अपने लक्ष्य के प्रति पूर्ण इमानदारी से कार्य करते-करते ऊंचे पदों पर पहुंच जाते है। इस दिन जन्में व्यक्तियों पर चन्द्र ग्रह का विशेष प्रभाव रहता है क्‍योंकि इस दिन चन्द्रमा अपनी पूर्ण सत्ता में रहता है।
सोमवार को जन्म लेने वाले पुरुषों का स्वाभाव :-
इस दिन जन्में व्यक्ति हमेशा समाज में चर्चा का विषय बने रहते है लेकिन इनका पारिवारिक जीवन अच्छा नहीं रहता है। हमेशा काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है परन्तु बाहरी लोग समझते हैं कि इनका जीवन सफल चल रहा है। चन्द्र से सम्बन्ध होने के कारण आपका मन चंचल रहेगा तथा निरन्तर आपके विचार बदलते रहेंगे। किसी भी कार्य को पूरा किये बिना ये लोग दूसरे कार्य को आरम्भ कर देते है। यही स्वभाव इनकी सफलता में बाधक बनता है।
इस दिन जन्में व्यक्तियों की स्मरण बहुत तेज होती है फिर भी में धैर्य की बहुत कमी होती है। ये पुरुष स्त्रियों के मामलें में आप बहुत शालीन होते हैं|
सोमवार को जन्म लेने वाली स्त्रियों का स्वभाव-
जिन स्त्रियों का जन्म सोमवारको होता है, उनका रंग गोरा, मित्र प्रकृति वाली, परोपकारी, तीर्थयात्रा, प्रेमी, भावुक, संवेदनशील, मधुर व कल्पनालोक में जीने वाली होती है। ये सुन्दर व आकर्षणशील होती हैं| ये बोलने में अति चतुर होती है| इनका साफ-सफाई पर विशेष ध्यान रहता है।
स्वास्थ्य- आपको पेट से सम्बन्धित रोग अकसर परेशान करेंगे। जैसे- गैस, आंतों में सूजन, पीलिया आदि।
शुभ दिन- सोमवार गुरूवार व रविवार आपके लिए अनुकूल रहेंगे|
शुभ माह - 20 जून से 27 जुलाई तक यह समय आपके लिये विशेष शुभ रहेगा। इस समय आप कोई भी कार्य आरम्भ कर सकते है। जनवरी, फरवरी व दिसम्बर का महीना आपके लिये अनुकूल नहीं है।
शुभ रत्न- चांदी की अंगूठी में 7 रत्ती का मोती या चन्द्रमणि कनिष्ठा अंगुली में सोमवार के दिन शुद्ध करके धारण करें।
व्रत और मन्त्र - आप सोमवार का व्रत रख सकते है तथा शिव जी की उपासना करनी चाहिए। प्रातःकाल उठकर, ऊँ श्रीं श्रीं चं चन्द्राय नमः मंत्र का 108 बार प्रतिदिन जाप करने से आपके संकट दूर होंगे। 
मंगलवार के दिन जन्म लेने वाले व्यक्तियों के ये हैं गुण
राकेश
इंटरनेट डेस्क
मंगलवार के स्वामी कुमार कार्तिकेय हैं। इस दिन के देवता हनुमान को माना गया है। जिन लोगों का जन्म मंगलवार के दिन होता है वह अंक नौ से प्रभावित होते हैं। इनमें नौ, उन्नीस, सत्ताईस तारीख को जन्म लेने वाले व्यक्तियों के गुण पाये जाते हैं। इस दिन जन्म लेने वाले व्यक्तियों का रंग सांवला होता है। इनके बाल कर्ली होते हैं। गर्दन लंबे और कंधे चौड़े होते हैं।
इनकी आंखों का रंग हल्का पीलापन लिये होता है। मंगलवार के दिन जन्म लेने वाले व्यक्ति सहासी और महत्वाकांक्षी होते हैं। सेना, पुलिस, खेल एवं दूसरे साहसिक क्षेत्रों में यह कामयाब होते हैं। जिनकी कुण्डली में मंगल की स्थिति अच्छी नहीं होती है वह गलत कार्यों में अपनी क्षमताओं का प्रयोग करने लगते हैं।
मंगलवार के दिन जन्म लेने वाले व्यक्ति की एक अन्य विशेषता यह होती है कि यह अपने अलवा किसी अन्य पर जल्दी भरोसा नहीं करते हैं। अपने इस स्वभाव के कारण कई बार कठिनाईयों का भी सामना करना पड़ता है। ऐसे व्यक्ति एक बार जो काम अपने हाथ में ले लेते हैं उसे हर हाल में पूरा करने की कोशिश करते हैं।
कठिन परिस्थितियों में यह अपना धैर्य जल्दी नहीं खोते हैं। संघर्ष करने की इनमें गजब की क्षमता होती है। फायदे के लिए जोखिम उठाने के लिए भी तैयार रहते हैं। इस दिन जन्म लेने वाले व्यक्तियों को त्वचा एवं रक्त संबंधी रोग होने की संभावना रहती है। जिन महिलाओं का जन्म मंगलवार के दिन होता है उनका स्वभाव चिड़चिड़ा होता है और वाणी में मिठास की कमी रहती है।
उम्र का 28 से लेकर 32 वर्ष का समय इनके लिए महत्वपूर्ण होता है। मंगल की स्थिति अच्छी हो तो इस समय काफी तरक्की करते हैं अन्यथा व्यक्तिगत जीवन में परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
 सोमवार को जन्म हुआ है तो खा सकते हैं प्यार में धोखा
सोमवार को जिन लोगों का जन्म होता है वह तोल मोलकर बोलने वाले होते हैं। ऐसे लोग अक्सर किसी न किसी विषय को लेकर चर्चा में बने रहते हैं। इनका मन काफी चंचल होता है। महत्वपूर्ण निर्णय लेते समय यह काफी सोच-विचार करते, दूसरों की सलाह का इन पर जल्दी असर होता है।
ज्योतिषशास्त्र में सोमवार को चन्द्रमा का दिन बताया गया है, यानी इस दिन का स्वामी चन्द्रमा होता है। इसलिए इन पर चन्द्रमा का विशेष प्रभाव रहता है। अंक ज्योतिष के अनुसार इस दिन जन्म लेने वाले व्यक्ति में अंक दो का प्रभाव देखा जाता है। इनका रंग साफ होता है और आंखें सुंदर होती है। सौम्य और खुशमिजाज होने के कारण यह दोस्तों में काफी लोकप्रिय रहते हैं।
इस दिन जन्म लेने वाले पुरूषों का व्यवहार महिलाओं के प्रति शालीन होता है। जबकि इस दिन जन्म लेने वाली महिलाओं को प्यार के मामलों में अधिक सावधान और व्यवहारिक रहने की जरूरत होती है अन्यथा इन्हें धोखा मिलता है।
सोमवार के दिन जिनका जन्म होता है वह बहुत अधिक कल्पनाशील होते हैं। इनके विचार बहुत जल्दी-जल्दी बदलते रहते हैं इसलिए किसी काम की शुरूआत बड़े जोश से करते हैं लेकिन काम में जरा सी परेशानी आने पर काम को बीच में छोड़कर नये काम में लग जाते हैं। वात और कफ से संबंधित रोग से इन्हें अधिक परेशानी होती है। 24 से 25 वर्ष की आयु इनके लिए काफी महत्वपूर्ण रहती है।
जिन व्यक्तियों का जन्म गुरूवार को होता है आमतौर पर वह स्वस्थ और मांसल होते हैं। जिन व्यक्तियों का जन्म 3, 12, 21 अथवा 30 तारीख को होता है उनमें बृहस्पतिवार के दिन जन्म लेने वाले व्यक्तियों के गुण मौजूद होते है।
इस दिन जिनका जन्म होता है उनका कद लंबा होता है। नाक तीखी और आंखें का रंग शहद के समान होता है। इनकी आवाज दमदार होती है और बोलते समय शब्दों का चुनाव सोच-विचार कर करते हैं।
बृहस्पतिवार के दिन जिन व्यक्तियों का जन्म होता है वह महत्वाकांक्षी और अनुशासन प्रिय होते हैं। इनमें प्रबंधन एवं नेतृत्व की अच्छी योग्यता होती है। अपने विरोधियों से भी नम्रतापूर्वक बातचीत करते हैं।
दूसरों से अपना काम निकलवाना इन्हें खूब आता है लेकिन काम पूरा होते ही लोगों को भूल जाना इनकी फितरत होती है। जिसके कारण लोग इन्हें स्वार्थी समझने लगते हैं।
इस दिन जिन व्यक्तियों का जन्म होता है उनमें गजब की तार्किक क्षमता होती है। अपने विचारों एवं तर्क से यह आसानी से लोगों को प्रभावित कर देते हैं। धर्म-कर्म एवं दर्शन में इनकी रूचि होती है।
विशेषतौर पर बृहस्पतिवार के दिन जन्म लेने वाली महिलाएं ईश्वर के प्रति गहरी आस्था रखती हैं। पति एवं परिवार के प्रति इनमें समर्पण की भावना रहती है। इनका चरित्र और व्यवहार इन्हें लोकप्रियता और आदर दिलाता है।
इनके जीवन में 16 से लेकर 22 साल तक का जीवन काफी महत्वपूर्ण होता है। इस दौरान इन्हें भाग्य का पूरा सहयोग मिलता है। इसके बाद ४० वर्ष में फिर से उन्नति का अवसर प्राप्त होता है।
इसलिए इन वर्षों का इन्हें भरपूर लाभ उठाना चाहिए। इस दिन जन्म लेने वाले व्यक्ति सरकारी नौकरी, प्रबंधन, धार्मिक कार्य, सलाहकार के रूप में काफी सफल होते हैं। इनके लिए पीला रंग भाग्यशाली होता है। 
बातों से यूं दिल जीत लेते हैं बुधवार के दिन जन्मे व्यक्ति
जिन लोगों का जन्म बुधवार को होता है वह दिखने में दुबले-पतले लेकिन फुर्तीले होते हैं। बुधवार के स्वामी गणेश जी हैं इसलिए इस दिन जन्म लेने वाले व्यक्ति बुद्घमान होते हैं। अंक ज्योतिष के अनुसार इस दिन जन्म लेने व्यक्तियों में मूलांक 5 के गुण पाये जाते हैं।
यह चंचल स्वभाव वाले होते हैं, एक चीज पर लंबे समय तक ध्यान केन्द्रित नहीं कर पाते हैं जिसके कारण किसी चीज की शुरूआत जिस उत्साह से करते हैं उसे पूरा करने से पहले उत्साह ठंडा पड़ जाता है। इनकी आंखें छोटी लेकिन सुंदर होती है। हंसी, मजाक और मनोरंजन इन्हें काफी पसंद होता है।
बोलचाल में यह द्विअर्थी शब्दों का प्रयोग अधिक करते हैं। वैसे बुध के प्रभाव के कारण यह बातों से लोगों को प्रभावित करना भी खूब जानते हैं। परिस्थिति और स्थान के अनुसार अपनी वाक‍्शैली बदलना इन्हें खूब आता है। इनकी त्वचा कोमल होती है और इनका पूरा ध्यान भी रखते हैं।
इन्हें साफ-सफाई काफी पसंद होती है। इस दिन जन्म लेने वाले व्यक्तियों की युवावस्था मौज-मस्ती में गुजरती है। आमतौर पर युवावस्था में कम बीमार होते हैं लेकिन वृद्घावस्था में स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव बना रहता है।
बुधवार के दिन जन्मे व्यक्तियों को तैलीय और मसालेदार भोजन से परहेज रखना चाहिए अन्यथा पित्त संबंधी रोग जैसे मुंहासे, अपच की शिकायत होती है। बदलते मौसम में कफ जनित रोग से जल्दी प्रभावित हो जाते हैं। माता-पिता से इनका विशेष लगाव रहता है।
इस दिन जन्मी महिलाओं में एक दूसरे की शिकायत, इधर की बात उधर करने की प्रवृति अधिक होती है। दांपत्य जीवन में अपना प्रभाव बनाने की प्रवृति के कारण जीवनसाथी से अनबन होती रहती है। कैरियर की दृष्टि से इनके लिए बैंकिंग, लेखन, पत्रकारिता, चित्रकला, व्यापार बेहतरीन क्षेत्र होता है। गणित और ज्योतिष में भी इनकी अच्छी पकड़ होती है।
जीवन का 22वां साल संघर्षपूर्ण होता है। जबकि 32वां साल भाग्योदय का होता है। इस वर्ष यह जिन क्षेत्र में प्रयास करते हैं उनमें कामयाबी मिलती है।
भारतीय ज्‍योतिष शास्‍त्र गृह नक्षत्रों के आधार पर हर व्‍यक्ति के स्‍वभाव से लेकर उसके भविष्‍य तक की रूप रेखा बता देने की क्षमता रखता है। अंक शास्‍त्र, हस्‍तरेखा शास्‍त्र जैसे सभी ज्‍योतिषीय विद्या भारत से ही पश्चिमी देशों में गए हैं। इस बार हम आपको दिन के अनुसार आपके स्‍वभाव का वर्णन कर रहे हैं, जिससे आपको खुद को समझने और उसके अनुरूप करियर निर्माण में सहायता मिल सकती है। जिस दिन आपका जन्‍म हुए है उस दिन पर ग्रहों की स्थिति व लग्न के साथ-साथ नक्षत्र का भी प्रभाव होता है। हर दिन का स्‍वामी अलग है, इसलिए  उसका प्रभाव भी अलग होता है। आइए देखतेा हैं, आपका जन्‍मदिन आपके किस स्‍वभाव को दर्शाता है।
सोमवार:
सोमवार को जन्म लेने वाले शांत प्रवृत्ति के होते हैं। सोमवार एक चंद्र प्रधान वार है। इसलिए इस दिन जन्‍म लेने वाले अधिकांश व्‍यक्ति गोरे रंग के होते हैं। इनके अंदर कल्पनाशीलता, दया भाव, नम्रता के गुण होते हैं। सोमववार को जन्‍म देने वाले व्‍यक्तियों को मां का प्‍यार और दुलार अधिक प्राप्‍त होता है।
किस क्षेत्र में बनाएं करियर
इस दिन जन्‍म लेने वाले जातक को पर्यावरण के क्षेत्र में, सुमद्र विज्ञान के क्षेत्र में, पानी से जुड़े रोजगार जैसे मत्‍स्‍य पालन या मछली का व्‍यवाय, पत्‍थरों का व्‍यवसाय, कपड़े का व्‍यवसाय अधिक फलता है। इनके लिए सफेद रंग सदा शुभकारी होता है इसलिए करयिर के लिहाज से ये जहां  भी जांए सफेद रुमाल अपनी जेब में रखें और उस क्षेत्र को चुने जिसमें सफेद रंग की प्रधानता है, जैसे पानी, कपड़ा, फूल, पत्‍थर आदि से जुड़ा व्‍यवसाय।
शुभदायी रंग- सफेद
शुभ अंक- 2
शुभ दिन- सोमवार, शुक्रवार, रविवार
मंगलवार:
मंगलवार को जन्‍म लेने वाले व्‍यक्ति स्‍वभाव अनुसार क्रोधी, उग्र, पराक्रमी, जुझारू, अदम्‍य उत्‍साही, साहसी, आलोचना सहन न करने वाले और सांग‍ठनिक क्षमता वाले होते हैं। मंगलवार को जन्मे जातक स्वभाव से उग्र, साहसी, प्रयत्नशील, महत्वाकांक्षी होते हैं। इनमें नेतृत्व की क्षमता अन्य के मुकाबले अधिक होती है। जिम्मेदा‍‍रियों के कार्य में सफल भी होते हैं।
किस क्षेत्र में बनाए करियर
नेता, पुलिस, सेना, नौकरशाह, खिलाड़ी के रूप में इनका करियर अधिक सफल रहता है।
शुभ अंक: 3,6,9
शुभ रंग: लाल, मैरून
शुभ दिन: मंगलवार, शुक्रवार
बुधवार:
बुधवार को जन्‍म लेने वाले हमेशा असमंजस के शिकार रहते हैं। वह एक समय कई कार्यों पर हाथ आजमाने की कोशिश करते हैं, जिसमें कई बार सफलता मिलती भी है और कई बार नहीं भी। वैसे स्‍वभागव से ये बेहद बुद्धिमान, संयत, शांतिप्रिय और सभ्‍य होते हैं। इनमें छल-कपट बिल्‍कुल भी नहीं होता और कई बार तो ये दूसरों की गलतियां खुद पर तक ले लेते हैं।,
करियर क्षेत्र: लेखक, पत्रकार, प्रकाशन और सेल्‍समैन के रूप में अच्‍छी सफलता की संभावना
शुभ दिन: बुधवार व शुक्रवार
शुभ अंक: 3, 6
गुरुवार:
गुरुवार को जन्‍म लेने वाले व्‍यक्ति बेहद मिलनसार और मधुर स्‍वभाव के होते हैं। ये जीवन को उत्‍सव की तरह लेते हैं इसलिए हमेशा खिले-खिले रहते हैं। धर्म में इनकी विशेष रुचि होती है। धार्मिक प्रवृत्ति के कारण ये कभी किसी के साथ विश्‍वासघात नहीं कर सकते हैं। यह किसी का हक भी नहीं मारते, न्याय के प्रति सजग होते हैं।
करियर क्षेत्र: धार्मिक नेता, धर्म गुरु, राजनीतिज्ञ, पत्रकार,  लेखक, प्रकाशक, न्यायधीश, क्लर्क
शुभ दिन: मंगलवार, बृहस्‍पतिवार
शुभ अंक: 4
शुक्रवार:
शुक्रवार को जन्मे जातक कला के प्रति रूचि रखने वाले, सुंदर, आकर्षक व्यक्तित्व के धनी, सौंदर्यप्रेमी, मधुरभाषी, यात्राओं के शौकिन, सुंदर स्थानों पर घुमने वाले, कलाकार स्वभाव के होते हैं। इनमें सेक्स की भावना अन्य के मुकाबले अधिक होती है। सुंदर कपडे़ पहनने के शौकिन, आभूषण प्रिय होते हैं।
करियर: पर्यटन से जुड़ा क्षेत्र, फैशन, डिजायनर, कलाकार, सेक्‍स विशेषज्ञ, मनोचिकित्‍सक, ज्‍वेलरी से जुड़ा व्‍यवसाय
शुभ अंक: 7
शुभ दिन: बुधवार, शुक्रवार
शनिवार:
शनिवार को जन्मे जातक साहसी होते हैं। वैसे इनकी दिनचर्या बेहद अस्‍त-व्‍यस्‍त होती है। देर से जगना, देर से सोना, खाने के प्रति सचेत न रहना इनकी दिनचर्या में शामिल होती है। वैसे ये बेहद मेहनती होते हैं। सफलता के मार्ग में लाख रुकावटें आए, लेकिन ये इसे पार करके ही रहते हैं। पूरे परिवार की जिम्‍मेववारियां इन पर ही होती है। ये रंग से सांवले होते हैं।
करियर क्षेत्र: डॉक्‍टर, इंजीनियर, मैकेनिक
शुभ अंक: 3, 6, 9
शुभ दिन: शनिवार, मंगलवार
रविवार:
रविवार को जन्मे जातक सुंदर होते हैं। इनका रंग गेंहूआ होता है। इनके मुखरे पर तेज होता है। बेहद महत्वाकांक्षी व उत्‍साही होते हैं। अपने कार्य को जल्दबाजी से करते हैं। परिश्रम से यह कभी घबराते नहीं। हर कार्य में रूचि लेने वाले होते हैं। वैसे समय के पाबंद ये बिल्‍कुल भी नहीं होते हैं।
करियर: ये किसी भी क्षेत्र में अपने कठिन परिश्रम से ऊचाई हासिल करने की क्षमता रखते हैं
शुभ दिन: रविवार
शुभ अंक: 7
रविवार यह सूर्य का वार है। सर्वप्रथम इसका नंबर एक है। जिसका जन्म 1, 10, 19 और 28 तारीख में हो तो उस जातक पर सूर्य का प्रभाव रहेगा। सूर्य ग्रहों का राजा है और आत्मा का कारक है। इस वार को जन्मे जातक का सिर गोल, चैकोर, नाटे और मोटे शरीर वाला, शहद के समान मटमैली आंखें, पूर्व दिशा का स्वामी होने के कारण, इसे पूर्व में शुभ लाभ मिलते हैं। सूर्य के इन जातकों का 22-24वें वर्ष में भाग्योदय होता है।
सूर्य मेष राशि में उच्च का और तुला राशि में नीच का होता है। इन जातकों की प्रकृति पितृ प्रधान है। दिल का दौरा, फेफड़ों में सूजन, पेट संबंधी बीमारियां हो सकती हैं। चेहरे में गाल के ऊपर दोनों हड्डियां उभरी हुई होती हैं। जब सूर्य 00 से 100 अंश तक हो तो अपना प्रभाव देता है क्योंकि यह ग्रहों का राजा है इसलिए इन जातकों में राजा के समान गुण होने के कारण पल में प्रसन्न और पल में रुष्ट होने की आदत होती है, ये जातक शक्की स्वभाव के होते हैं। गंभीर वाणी, निर्मल दृष्टि और रक्त श्याम वर्ण इनका स्वरूप होता है। गांठ के पक्के और प्रतिशोध लेने की भावना तीव्र होती है। इन्हें पि की तकलीफ होती है। सोमवार यह चंद्रमा का वार है,इसका अंक दो अर्थात् जिन जातकों का जन्म सोमवार 2, 11, 20, 29 तारीखों में हो तो चंद्रमा का स्वरूप स्पष्ट करते हुए कहा गया है ‘स्वज्ञं प्राज्ञौः गौरश्चपलः, कफ वातिको रुधिसार, मृदुवाणी प्रिय सरवस्तनु, वृतश्चचंद्रमाः हाशुः।। अर्थात् सुंदर नेत्र वाला, बुद्धिमान, गौर वर्ण, चंचल स्वभाव, चंचल प्रकृति, कफ, वात प्रकृति प्रधान, मधुरभाषी, मित्रों का प्रिय, होता है। ऐसा जातक हर समय अपने आप को सजाने में रहता है चंद्रमा मन का कारक है। 24 से 25 वर्ष में यह अपना प्रभाव पाता है। रक्त और मुख के आस-पास इसका अधिकार रहता है। ऐसे जातक के केश घने, काले, चिकने और घुंघराले होते हैं। सोच समझकर बात करते हैं। परिस्थतियों को मापने की इनमें क्षमता होती है। ये भावुक भी होते हैं। बात-चीत करने में कुशल और विरोधी को अपने पक्ष में करने की इनमें क्षमता होती है। इस दिन जन्मी स्त्रियां प्यार में धोखा खाती हैं। ये जातक कल्पना में अधिक रहते हैं। ये प्रेमी, लेखक, शौकीन, पतली वाणी वाले होते हैं। वात् और कफ प्रकृति के कारण जीवन के अंतिम दिनों में फेफड़ों की परेशानी, हार्ट की बीमारियां संभव हैं। चर्म और रक्त संबंधी बीमारियां अक्सर होती रहती हैं। मंगलवार यह हनुमान जी का वार है इसका नंबर नौ है। 9, 19, 27 तरीख को जन्मे जातक का स्वामी मंगल ग्रह है इस दिन जन्मे जातक का सांवला रंग, घुंघराले बाल, लंबी गर्दन, वीर, साहसी, खिलाड़ी, भू-माफिया पुलिस के अधिकारी, सेनाध्यक्ष स्वार्थी होते हैं। इनकी आंखों में हल्का-हल्का पीलापन और आंखों के चारों ओर हल्की सी कालिमा या छाई रहती है। इनका चेहरा तांबे के समान चमकीला होता है। प्रत्येक कार्य करने से पहले हित-अहित का विचार कर लेते हैं। यदि मंगल उच्च का अर्थात मकर राशि का हो तो जातक डाक्टर, ठेकेदार, खेती का व्यापार करने वाला होता है। यदि मंगल अकारक हो तो जातक चोर, डाकू भी हो सकते हैं। मंगल दक्षिण दिशा का स्वामी होता है। ऐसा जातक किसी पर विश्वास नहीं करता। शर्क प्रधान प्रकृति है यहां तक मां-बाप, पति-पत्नी और संतान पर भी शक करता है। कठिन से कठिन परिस्थितियों में यह जातक विचलित नहीं होता। राजनीतिक क्षेत्र में अच्छे से अच्छा और बुरे से बुरा कार्य कर सकता है। एक बार जो काम हाथ में ले ले उसे पूरा करके छोड़ता है। बहुत साहसी, खतरों की जिंदगी में इन्हें आनंद मिलता है। शत्रुओं से लड़ना इनका स्वभाव होता है। मज्जा और मुख के आस-पास इसका अधिकार क्षेत्र है।
 28 से 32वें वर्ष में यह फल देता है। महिलायें चिड़चिड़ी और कटुभाषी होती हैं। रक्त एवं चर्म रोग से ग्रस्त रहते हैं। बुधवार गणेश जी इसके स्वामी हैं। इसका अंक पांच है जो जातक 5, 14, 23 तारीखों में जन्मा हो वह जातक ठिगना, सामान्य रंग, फुर्तीला, बहुत बोलने वाला, दुर्बल शरीर, छोटी आंखें, क्रूर दृष्टि, पि प्रकृति, चंचल स्वभाव द्विअर्थक बात करने वाला, हास्य प्रिय, शरीर के मध्य भाग में संदा दुर्बल, उर दिशा का स्वामी, माता-पिता से प्रेम करने वाला, चित्रकार, 8वें और 22वें वर्ष में अरिष्ट 32वें वर्ष में भाग्योदय, त्वचा और नाभि के निकट स्थल पर अधिकार, वाणी, वात-पि का कारक होता है। यह जातक अधिकतर बैंकर्स, दलाल, संपादक, इस जातक को देश, काल और पात्र की पहचान होती है। वातावरण के अनुकूल बातचीत करने में होशियार होते हैं। बुध ग्रह जिस जातक का कारकत्व होता है उसका रंग गोरा, आंखें सुंदर और त्वचा सुंदर और मजबूत होती है, ये अच्छे गुप्तचर या राजदूत बन सकते हैं। यह जातक स्पष्ट वक्ता होता है और मुंह पर खरी-खरी कहता है और इस प्रकार से बात करता है कि दूसरे को बुरा न लगे। सफाई प्रिय होता है कफ-पि-वात प्रकृति प्रधान होने से बाल्यावस्था में जीर्ण ज्वर से पीड़ित रहता है। वृद्धावस्था मंे अनेक रोगों से पीड़ित रहता है। यौवनावस्था में प्रसन्नचि रहता है। सफल व्यापारी के इसमें गुण होते हैं। अनेक रंगों का शौकीन होता है। हरा रंग इसे प्रिय होता है और वह शुभ भी होता है। ज्योतिष या ग्रह नक्षत्रों का ज्ञान, गणितज्ञ, पुरोहित का कार्य करना, लेखाधिकारी। इस वार में जन्मी महिलाएं शीघ्र रूठने वाली, चुगली, निंदा करने वाली और पति से इनकी अनबन रहती है। गुरुवार यह समस्त देवताओं का गुरु है। इसका अंक तीन है अर्थात् 3, 12, 21, 30 तारीखों में जन्मे जातक स्वस्थ शरीर, लंबा कद, घुंघराले बाल, तीखी नाक, बड़ा शरीर, ऊंची आवाज, शहद के समान नेत्र वाले ऐसे जातक सच्चे मित्रों के प्रेमी, कानून जानने वाले अधिकारी, जज, खाद्य सामग्री के व्यापारी, नेता अभिनेता भी होते हैं। ऐसे जातक बोलते समय शब्दों का चयन सावधानी पूर्वक करते हैं। आंखों से झांकने की ऐसी प्रवृ होती है कि मानो समस्त संसार की शांति और करुणा इसमें आकर भर गई हो, जीव हिंसा और पाप कर्म से बचते हैं। महिलाएं चरित्रवान, पति की सेविका, पति को वश में रखने वाली सद्गुणी, कुशल अध्यापिकाएं होती हैं। पुजारी, आश्रम चलाना, सरकारी, नौकरी, पुराण, शास्त्र वेदादि, नीतिशास्त्र, धर्मोपदेश से ब्याज पर धन देने से जीविका होती है। ऐसे जातक शत्रु से भी बातचीत करने में नम्रता रखते हैं। चर्बी-नाक के मध्य अधिकर क्षेत्र है। 16-22 या 40वें वर्ष में सफलता मिलती है। उर-पूर्व (ईशान) इस ग्रह का स्वामी है कर्क राशि में यह ग्रह उच्च का होता है। पीला रंग इनके लिए शुभ होता है। यह एक राशि में एक वर्ष रहता है। यह 110 अंश से 200 अंश में अपने फल देता है, 7, 12, 13, 16 और 30 वर्ष की आयु में कष्ट पाता है। दीर्घ आयु कारक है। यह गुल्म और सूजन वाले रोग भी देता है। चर्बी और कफ की वृद्धि करता है। नेतृत्व की शक्ति इसमें स्वाभाविक रूप से होती है। शुक्रवार यह लक्ष्मी का वार है। इसका अंक छः है अर्थात् 6, 15, 24 तारीखों में जन्म लेने वाले जातक पर शुक्र ग्रह का प्रभाव होता है। इस दिन जन्मे जातकों का सिर बड़ा, बाल घुंघराले, शरीर पतला, दुबला, नेत्र बड़े, रंग गोरा, लंबी भुजाएं, शौकीन, विनोदी, चित्रकलाएं, चतुर, मिठाई फिल्ममेकर, आभूषण विक्रेता होते हैं। शुक्र तीक्ष्ण बुद्धि, उभरा हुआ वक्षस्थल और कांतिमान चेहरा होता है। वीर्य प्रधान ऐसा व्यक्ति स्त्रियों में बहुत प्रिय होता है। यह जातक मुस्कुराहट बिखेरने वाला सर्वदा प्रसन्नचित रहने वाला होता है। शुक्र ग्रह स्त्री कारक होता है और नवग्रहों में सबसे अधिक प्रिय होता है। ऐसे जातक कामुक और शंगार प्रिय होते हैं, इस दिन जन्मा जातक विपरीत लिंग को आकर्षित करता है। ऐसे व्यक्ति सफल होते हैं, विपक्षी को किस प्रकार से सम्मोहित करना चाहिए आदि गुण इनमें जन्मजात होते हैं। मित्रों की संख्या बहुत होती है और मित्रों में लोकप्रिय होते हैं। वात-कफ प्रधान इनकी प्रकृति है और वृद्धावस्था में जोड़ों में दर्द और हड्डियां में पीड़ा होती है। प्रेम के बदले प्रेम चाहते हैं। नृत्य संगीत में रुचि रखते हैं। आग्नेय दिशा का स्वामी है। शनिवार शनि को काल पुरुष का दास कहा गया है। इसका अंक आठ है। दिनांक 8, 17, 26 को जन्मे जातकों का स्वामी शनि है। यह अपने पिता सूर्य का शत्रु है। तुला में शनि उच्च का होता है तथा 210 अंश से 300 अंश तक अपना फल शुभ-अशुभ देता है, इस दिन जन्मा जातक सांवला रंग नसें उभरी हुई, चुगलखोर, लंबी गर्दन, लंबी नाक, जिद्दी, कर्कश आवाज, घोर मेहनती, मोटे नाखून, छोटे बाल, आलसी, अधिक सोने (नींद) वाला, गंदी राजनीति वाला होता है छोटी आयु में कष्ट पाने वाला, दूसरों की भलाई से प्रसन्न न होने वाला, परिवार का शत्रु, 20-25-45वें वर्ष में कष्ट भोगने वाला, स्नायु (नसंे) पेट पर अधिकार 36-42वें वर्ष में शुभ या अशुभ प्रभाव, निर्दयी, दूसरों को विप में डालने वाला और इन्हें परेशान करने में आनंद आता है, शिक्षण काल में काफी रुकावटें, अपशब्द कहने में प्रसन्नता मिलती है। महिलाएं कटुभाषी, पति से नित्य तकरार करने वाली, दाम्पत्य जीवन सुखमय नहीं होता, शुद्धता का ध्यान कम होता है। स्वभाव, क्रोधी, आर्थिक मामलों में यह सामान्य होता है। लोहा आदि या काले रंग के उद्योगों में सफलता मिलती है, वायु प्रधान, मूर्ख, तमोगुणी, आयु से अधिक दिखने वाला, कबाड़ी का काम, कुर्सी बुनना, मजदूरी करना, पति-पत्नी के विचारों में मतभेद। यह तुला राशि में उच्च और मेष राशि में नीच का होता है। 210 अंश से 300 अंश में इस जातक के जीवन पर प्रभाव डालता है। दांत का दर्द, नाक संबंधी तकलीफें, लकवा, नामर्दी, कुष्ठ रोग, कैंसर, दमा, गंजापन रोग संभव हो सकते हैं। इन जातकों को पश्चिम दिशा में लाभ मिल सकता है।
 क्या आपका बर्थ डे जनवरी में है? 

जनवरी में जन्में युवा प्रखर होते हैं
 आपका जन्म किसी भी साल के जनवरी माह में हुआ है तो एस्ट्रोलॉजी कहती है आप बेहद आकर्षक और प्रोफेशनल हैं। भाग्य का चमकीला सितारा हमेशा आपके साथ चलता है। आप अपने गम कभी किसी को नहीं बताते यही वजह है कि दुनिया एक खुशमिजाज व्यक्तित्व के रूप में आपको जानती है। आप मेहनत में नहीं बल्कि 'कड़ी' मेहनत में विश्वास रखते हैं। काम और करियर को लेकर आपमें एक तरह की दीवानगी पाई जाती है। आप बेहद संस्कारी और आदर्श बच्चे के रूप में समाज पर अपनी छाप छोड़ते हैं। आपको नहीं पता होगा लेकिन कई लोगों के लिए आप प्रेरणास्त्रोत होते हैं। एक बेहद साफ-सुथरी और गरिमामयी छवि वाले जनवरी के जातक अपने हर काम पर खुद ही बारीक नजर रखते हैं। वाणी की देवी आप पर विशेष प्रसन्न होती है। बातों के आप जादूगर होते हैं। आपको सबको साथ लेकर चलने में खुशी मिलती है। बिखराव आपको पसंद नहीं है। मन आपका काँच की तरह स्वच्छ होता है। आपमें इंसान को पहचानने की विलक्षण शक्ति होती है। बावजूद इसके आप अपने आसपास के लोगों से ही धोखा खा जाते हैं। अगर आपको किसी से काम निकलवाना है तो उसकी कमियों के प्रति जानबूझ कर आँखे बंद किए रहते हैं। जैसे ही आपका काम निकला आप अगले को कुशलता से किनारे पर भी लगा देते हैं। आप पर कोई हावी नहीं हो सकता क्योंकि आपकी पर्सनेलिटी ही इतनी प्रखर और प्रभावशाली होती है कि सामने वाला अपनी बात को कहने से पहले दो बार सोचने पर बाध्य हो जाता है। कुछ जनवरी में जन्मे युवाओं में यह कमी पाई जाती है कि पूरी बात सुनने से पहले ही रिएक्ट कर देते हैं। कुछ बंदे कान के कच्चे भी होते हैं। आप यूँ तो दोस्तों में कूल और डिसेंट बंदे के रूप में जाने जाते हैं, मगर अगर सबकुछ आपके अनुसार ना हो तो आपका टेंपरामेंट सीमाएँ तोड़ने में देर नहीं करता। हर काम आपको समय पर चाहिए लेकिन खुद आप दूसरों के समय की उतनी कद्र नहीं कर पाते हैं। दिल से आप मासूम होते हैं किसी के प्रति कड़वाहट नहीं पालते लेकिन अगर प्रतिस्पर्धा पर उतर आए तो सामने वाले को पछाड़ कर ही दम लेते हैं। लाइफ के प्रति आपका नजरिया बेहद स्पष्ट होता है। आपको कब, कितना और कैसे चाहिए यह दिमाग में एकदम क्लियर होता है। आप परिस्थितियों के अनुसार मोल्ड हो जाते हैं। अगर कोई व्यक्ति आपके जीवन में विशेष महत्व रखता है तो उसे सहारा देने में आपका इगो आड़े नहीं आता। धर्मालु इस कदर होते हैं कि कभी-कभी धर्मांध होने की हद तक पहुँच जाते हैं। प्यार के मामले में इनके जैसा कमिटेड बंदा मिलना मुश्किल है। हल्के-फुल्के अफेयर जितने चाहे हो सकते हैं लेकिन जिसे एक बार दिल में बसा लिया, तो बस बसा लिया। कुछ किशोर थोड़े कन्फ्यूज्ड पाए जाते हैं ‍और हर किसी से प्यार का वादा कर बैठते हैं, बाद में मैच्योरिटी आने पर बेहद स्मार्टली किसी एक के पल्लू से बँध जाते हैं। अक्सर गलत फैसले लेते हैं ले‍किन यह तय है कि समाज इनके गलत फैसले भूल जाता है। जनवरी में जन्में युवा इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, आर्मी, चार्टेड अकांउटेंट, लेक्चररशिप या फिर सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग में जाते हैं। इनकी नेतृत्व क्षमता की दुनिया कायल होती है। इस माह में जन्मी लड़कियाँ बेहद रोमांटिक और स्मार्ट होती है। मासूम होने का ढोंग करती हैं पर होती नहीं है। कॉलेज कैंपस में इनके अफेयर्स चटखारे लेकर सुने जा सकते हैं। ऐसा नहीं है कि हर किसी से इनका नाम जुड़ता है मगर जिससे जुड़ता है वह बहुत जल्दी गलियारों में आ जाता है। ये अपना प्यार छुपाकर नहीं रख सकतीं। इनके रोमांटिक स्वभाव के कारण पार्टनर इनके दीवाने होते हैं। लड़कों को बस में रखने की अदभुत कला जानती है। जनवरी वाले हर युवा को सलाह है कि थोड़े से स्वार्थी स्वभाव पर कंट्रोल करें। कभी-कभी दूसरों के नजरिये से भी दुनिया देखें। दोस्तों को बेवकूफ समझने की प्रवृत्ति का त्याग करें। किसी का भरोसा ना तोड़ें। भाग्य का सितारा हमेशा आपके साथ है उसे सही वक्त पर पहचानें। हैप्पी बर्थ डे! लकी नंबर : 5, 3, 1 लकी कलर : डार्क ब्ल्यू, रेड और लाइट येलो लकी डे :थर्सडे, फ्राइडे, संडे लकी स्टोन : गोमेद और ब्लू टोपाज सुझाव : किसी गरीब लड़की की शिक्षा का खर्च उठाएँ। सरस्वती की आराधना करें। 

 क्या आपका बर्थ डे फरवरी में है? 
 फरवरी में जन्में युवा भावुक होते हैं आपका जन्म किसी भी साल के फरवरी माह में हुआ है तो एस्ट्रोलॉजी कहती है आपमें गजब की आकर्षण शक्ति है। आपमें दो और अदभुत शक्तियाँ हैं एक अन्तर्बोध क्षमता यानी इंट्यूशन पावर और दूसरी ग्रहण करने की क्षमता। जिसे अंगरेजी में ग्रॉस्पिंग पावर कहा जाता है। आपमें एक अजब तरह की विचित्रता भी पाई जाती है। जब खुश होते हैं तो खूब खुश होते हैं इतने कि खुशी आपसे संभाले नहीं संभलती और जब दुखी होते हैं तो खूब दुखी। अपने आसपास आप एक रहस्य बनाकर चलते हैं। आपको समझ पाना बहुत मुश्किल तो नहीं लेकिन इतना आसान भी नहीं। कब किस बात पर तुनक जाए कोई नहीं जानता। आपके दोस्तों की संख्या ढेर सारी होती है। हर उम्र के, हर वर्ग के दोस्त आपके ग्रुप में मिल जाएँगे मगर उनसे कितनी पटरी बैठेगी इस पर कुछ भी कहना बेकार है। कभी भी किसी से भी रूठ जाते हैं। इस यूँ समझें कि मन से सरल, स्वभाव से कठिन आपकी सिंपल डेफिनेशन है। भावुकता आपके करियर की रूकावट है। इस पर विजय हासिल करना बहुत जरूरी है। अक्सर बैठे-बैठाए धोखा खा जाते हैं क्योंकि हर किसी पर विश्वास कर लेना आपकी कमजोरी है। दुनिया में दोनों हाथों से लूटाने के लिए आप पैदा हुए हैं। बचत करना आपको आता ही नहीं है। फरवरी वाले कुछ 'वीर' तो इतने मासूम होते हैं कि थोड़ी-सी भी बचत करेंगे तो सारी दुनिया में हल्ला मचा देंगे। आप भाग्य से ज्यादा कर्म से आगे बढ़ते हैं। आपका स्वभाव रोमांटिक तो होना ही है आखिर 'वेलेंटाइन डे' वाले माह में जो जन्मे हैं। लड़कियाँ आपकी राहों में आहें भरती है और साहब आप इस बात पर आप जी भर कर इतराते हैं। लेकिन मजाल है कि अपनी मर्यादा और इज्जत पर आँच भी आने पाए। आपका प्यार बेहद गहरा और पवित्र होता है। छल-कपट से कोसों दूर। बाहरी ब्यूटी आपको उतनी आकर्षि‍त नहीं करती जितना कोई मासूम सीधा-सच्चा दिल। प्यार में छिछोरापन आपको कतई बर्दाश्त नहीं। आप अक्सर प्यार में दोस्ती और दोस्ती में प्यार तलाशते नजर आते हैं। और इसी कन्फ्यूजन में दोनों को पहचान नहीं पाते हैं। माना कि आपका इंट्यूशन पावर गजब का है मगर बस यहीं आपका इंट्यूशन और कम्युनिकेशन फेल हो जाता है। अपने दिल की बात सबसे कह देंगे मगर जिससे कहना है उससे कभी खुलकर कह नहीं पाते हैं। आपको अपने साथी से अक्सर एक ही शिकायत रहती है कि प्यार में आप जिस गहराई को चाहते हैं उसमें उतनी वह मिल नहीं पाती है। आप बहुत छोटी-छोटी बातों को दिल से लगा लेते हैं। हर बात के तीन-चार अर्थ निकाल लेते हैं यही वजह है कि आप बेहद धीमी गति से प्रगति करते हैं। आपकी ईमानदारी और स्पष्ट व्यवहार की दुनिया तारीफ करती है। आप हमेशा दूसरों मदद के लिए तत्पर रहते हैं। फरवरी वाले बंदे अक्सर डॉक्टर, लेखक, शिक्षक, चित्रकार, कंप्यूटर विशेषज्ञ या नेता होते हैं। इनसे अलग क्षेत्र में कामयाबी हासिल करने के लिए इन्हें खासा संघर्ष करना पड़ता है। भाग्य के मामले में थोड़े पिछड़े ही कहे जाएँगे। इन्हें इनकी योग्यता और प्रतिभा की तुलना में पद और पैसा दोनों अक्सर नहीं मिलता, या कहें कि देर से मिलता है। फरवरी माह में जन्में लोगों में एक विशेष तरह का लुभावना अंदाज होता है। वाकपटुता से महफिल को जीत लेते हैं। फरवरी माह की लड़कियाँ दिखने में सामान्य मगर प्रखर बुद्धि वाली होती है। इनके व्यक्तित्व में एक तरह की चमक होती है लेकिन ये उससे अनजान होती है। जब तक कोई इनकी खूबी इन्हें बता ना दें इन्हें विश्वास नहीं होता। प्यार के मामले में अक्सर इनकी नैया भी हिचकोले खाती रहती है। इनका ईगो इन्हें साथी के सामने झुकने से रोकता है यही वजह है कि 'ब्रेकअप' या फिर 'कोई अफेयर ही नहीं' इनके जीवन की नियति बन जाती है। मन इनका प्यार से लबरेज होता है बस इन्हें नजाकत से हैंडल करने की जरूरत है। फरवरी वाली अगर शादीशुदा हैं तो पति का बेइंतहा प्यार हासिल करती है। ये अगर थोड़ा-सा समय के साथ चलें तो बहारें जीवन में दौड़ी चली आएगी। सभी फरवरी वालों को सलाह दी जाती है कि अपना व्यक्तित्व दृढ़ बनाएँ। अपने आत्मविश्वास को कभी कमजोर ना पड़ने दें। समय के साथ जरूरी परिवर्तन को स्वीकार करें। पुरानी विचारधारा को त्यागें तो आप जैसा सलोना इंसान कोई नहीं। हैप्पी बर्थ डे! लकी नंबर : 4, 7, 9 लकी कलर : व्हाइट, बेबी पिंक, मेहरून लकी डे : सेटरडे, थर्सडे लकी स्टोन : एमरल्ड, एमेथिस्ट सुझाव : पौधे और सूर्य को जल चढ़ाएँ। 
 क्या आपका बर्थ डे मार्च में है?  
मार्च में जन्मे युवा आकर्षक होते हैं आपका जन्म किसी भी साल के मार्च महीने में हुआ है तो एस्ट्रोलॉजी कहती है कि आप आकर्षक और मिलनसार होंगे। यात्राओं के शौकीन और खासे बड़े फ्रेंड सर्कल वाले होते हैं। आपमें इंट्यूशन पॉवर शार्प होती है। आप जितने नॉर्मल दिखाई देते हैं, विचारों से उससे कहीं अधिक एंबिशियस होते हैं। मार्च में जन्में युवक-युवतियों क्वॉलिटी यह है कि ये लोग जिम्मेदारियों के पदों पर अपनी योग्यता दिखाकर सक्सेसफुल होते हैं। किसी भी सबजेक्ट पर बोलने या लिखने से पहले उसके बारे में पूरी इन्फॉरमेशन प्राप्त कर लेना चाहते हैं। आप लॉ एंड ऑर्डर का रिस्पेक्ट करने वाले होते हैं। कुछ लोग सेक्सी होते हैं, तो कुछ केयरलेस भी होते हैं। इस माह जन्मे युवाओं को नशे से दूर ही रहना चाहिए। नशा आपका करियर बर्बाद कर सकता है। मार्च में जन्में युवा एक नंबर के गपोड़ी होते हैं। दूसरे शब्दों में अव्वल दर्जे के बातूनी और हँसोड़। महफिल में छा जाना इनकी खासियत होती है। आप कभी-कभी ऐसा बदलाव भी अपनी लाइफ में कर देते हैं, जिससे आपके फ्रेंड्‍स और रिलेटिव भी आश्चर्यचकित हो जाते हैं। आप लोग डुएल स्टैंडर्ड वाले भी होते है। यानी आपका नेचर दो-तरफा हो सकता है। आप कभी-कभी डिसिजन लेने में हिचकिचाहट महसूस करते हैं। आपमें स्प्रिच्युएलिटी की तरफ भी झुकाव होता है। प्रै‍‍क्टिकल अप्रोच रखने से पैसा खूब कमाते हैं लेकिन सब गर्लफ्रैंड पर उड़ा भी देते हैं। मार्च में जन्मी हसीनाएँ सजने-सँवरने की बेहद शौकीन होती है। एडवेंचर्स और रहस्यमयी चीजें आपको लुभाती है। आप पर विश्वास करना थोड़ा मुश्किल है क्योंकि किसी के भ‍ी सिक्रेट को स्पाइसी बना कर इधर की उधर करने में आपको खूब मजा आता है। थोड़ा सा कंट्रोल अपनी चंचलता पर कीजिए और अपने गोल के प्रति फोकस कीजिए तो दुनिया आपके कदमों में होगी। लकी नंबर : 3, 7, 9 लकी कलर : ग्रीन,येलो और पिंक लकी डे : संडे, मंडे और सेटरडे लकी स्टोन : एमथिस्ट सुझाव : पानी में शहद मिलाकर सूर्य को चढ़ाएँ।
 क्या आपका बर्थ डे अप्रैल में है? 

अप्रैल में जन्में युवा अजीब होते हैं आपका जन्म किसी भी साल के अप्रैल महीने में हुआ है तो एस्ट्रोलॉजी कहती है कि आप बेहद खूबसूरत, रौबीले, जिद्दी और हँसमुख होंगे। कलात्मक चीजों के कलेक्शन का शौक रखने वाले और एडवेंचर पसंद करने वाले होंगे। आपमें एक विशेष प्रकार का जुनून पाया जाता है। आप स्वभाव से अजीब किस्म के होते हैं। जैसे- गुस्से पर आपका बिलकुल भी नियंत्रण नहीं रहता। अनाप-शनाप बोलते हैं और सामने वाले से यह उम्मीद रखते हैं कि वह आपको माफ कर दें। लेकिन साथ ही अगर रंग में हो तो हर महफिल में छा जाने की दक्षता रखते हैं। अप्रैल में जन्में युवाओं का सेंस ऑफ ह्यूमर भी गजब का होता है। अप्रैल में जन्में युवक-युवतियों खास क्वॉलिटी यह है कि ये लोग अव्वल दर्जे के रोमांटिक होते हैं। उम्र के सोलहवे पड़ाव में आते ही इनके लव-अफेयर के अफसाने बनने लगते हैं। एक साथ चार-पाँच अफेयर को संभालने की इनमें खूबी होती है। ये लोग नाटकबाज तो इतने बड़े होते हैं कि अच्छा-अच्छा इनकी ग्रीप में आ जाए। चोरी पकड़ी जाने पर रोनी सूरत बना कर ऐसे मासूम बनेंगे कि पकड़ने वाले को दया आ जाए। वक्त आने पर रोना-पीटना तमाशा करना इनके बाँए हाथ का खेल है। सेक्स के मामले में खासे लकी होते हैं। इन्हें अपोजिट सेक्स से भरपूर प्यार मिलता है। इनका खुद पर नियंत्रण थोड़ा कम ही होता है अत: मौका पड़ने पर सारी सीमाओं को लाँघने में इन्हें कोई संकोच नहीं होता। इस माह जन्में युवा खेल, मीडिया, एडवर्टाइजिंग और पॉलिटिक्स में सफल रहते हैं। इनकी विशेषता ही कही जाएगी कि जमाने भर की मस्ती और शरारत करने के बाद या हर नैतिक-अनैतिक काम करने के बाद शादी के बाद ऐसे गंभीर और समर्पित होने का ढोंग करेंगे कि इनके पुराने किस्सों पर कोई विश्वास ही ना कर पाएँ। इनमें विलक्षण प्रतिभा पाई जाती है। जिस भी क्षेत्र में कदम रखते हैं सफलता के चरम पर पहुँचते हैं। मीडिया में छाए रहने में माहिर होते हैं, चाहे इस फील्ड से इनका कोई लेना-देना हो या ना हो। अप्रैल में जन्मीं कन्याएँ अनाप-शनाप खर्च करने में नबंर वन होती हैं। कोई इन्हें इस बात के लिए टोक दे तो हत्थे से उखड़ जाती है। इनका काटा पानी भी ना माँगे, इनके गुस्से से जरा बचकर ही रहे। जुबान तीखी और मुस्कान मीठी होती है। अगर इन्हें सफलता पानी है तो थोड़ा-सा जुबान पर लगाम दें। अपनी गलतियों का ठीकरा दूसरों पर फोड़ना बंद करें तो इनके तेज के सामने टिकने की किसी की हिम्मत नहीं। ये अपनी दुश्मन आप हैं लेकिन जमाने को अपना दुश्मन समझती हैं। इन्हें अपने रूप-रंग पर नाज होता है, इसलिए ज्यादातर अप्रैल में जन्मी हसीनाएँ घमंडी और नकचढ़ी होती है।
 लकी नंबर : 3, 7, 9 लकी कलर : ग्रीन,येलो और पिंक लकी डे : संडे, मंडे और सेटरडे लकी स्टोन : एमथिस्ट सुझाव : पानी में शहद मिलाकर सूर्य को चढ़ाएँ। क्या आपका बर्थ डे जुलाई में है? जुलाई में जन्मे युवा एक्स्ट्रा ऑर्डनरी होते हैं आपका जन्म किसी भी साल के जुलाई महीने में हुआ है तो एस्ट्रोलॉजी कहती है कि आपको समझना टेढ़ी खीर है। आप अत्यंत रहस्यवादी और मूडी हैं। आप कब यकायक खुश हो जाते हैं और कब आपका दिमाग सातवें आसमान पर पहुंच जाता है, आपको खुद भी नहीं पता होता। हां, एक बात जो आपमें सबसे स्पेशल है वह यह कि आप दिल के अतिशय कोमल है। आपकी खासियत है कि अपनी लाइफ को लेकर आपके फंडे बेहद क्लियर होते हैं। कब, कितना, कहां और कैसा बोलना है यह कोई आपसे सीखें। आपकी प्रबंधन क्षमता कमाल की होती है। आप अपने घर के कुलदीपक होते हैं। आपमें प्रतिभा कूट-कूट कर भरी होती है लेकिन आपका बिना मतलब का आलस आपकी राह का रोड़ा है। इसे यूं कहें कि आपका मूड हर वक्त अपनी प्रगति के लिए नहीं बनता, जब बनता है तो आप परचम लहरा देते हैं। बुरा मत मानिएगा लेकिन थोड़े से आप डिप्लोमैटिक भी है। जिससे आपको काम निकलवाना होगा उसे अपना मुरीद बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ते। और जिससे आपका कोई मतलब नहीं निकलता उससे बिना बात के पंगे लेने में भी आपका विश्वास नहीं। सामान्य तौर पर आप बड़े कूल दिखाई पड़ते हैं लेकिन जब हॉट होते हैं तो गर्म तवे की तरह। लेकिन यह क्या, मात्र आधे घंटे में आप ऐसे हो जाते हैं जैसे कुछ हुआ ही नहीं। आपका गुस्सा ज्यादा देर तक रह ही नहीं सकता। अगर किसी संस्था के प्रमुख है तो आपको अधीनस्थ आपके गुस्से के बावजूद आपको लाइक करेंगे। घर में भी आप सबसे लाड़ले और थोड़े से सिर-चढ़े प्राणी हैं। जुलाई माह वाले अक्सर खिलाड़ी या बिजनैसमैन होते हैं। इन्हें शेयर मार्केटिंग की बेहतर समझ होती है। गणित इनका चाहे कमजोर हो रिश्तों के गणित बड़ी खूबी से सुलझा लेते हैं। पैसे की कभी परवाह नहीं करते और इनकी जेब कभी खाली नहीं रहती। घर शानदार रखते हैं।  प्यार के मामले में इन-सा गहरा और समर्पित इंसान मिलना मुश्किल है। अव्वल तो इन्हें आसानी से किसी से प्यार-व्यार होता नहीं। बड़ी मुश्किल से ये किसी से प्रभावित होते हैं और जब होते हैं तो उसका दामन आसानी से नहीं छोड़ते। इनका खुद का व्यक्तित्व इतना आकर्षक होता है कि इन्हें किसी को लुभाने के लिए अतिरिक्त मेहनत नहीं करनी पड़ती। लेकिन ये जल्दबाजी के शिकार नहीं होते। प्यार की राह में हर कदम सोच-समझ कर उठाते हैं। अगर भूल से गलत कदम उठा भी लें तो तुरंत संभल जाते हैं। साथी अगर गलत है तो इनकी निगाह से छुप नहीं सकता। ये सच्चे इंसान को परखने की ताकत रखते हैं। जुलाई माह की वुमन समाज के कल्याण के लिए जन्मी होती है। संघर्षों के बावजूद इनके होंठों पर मुस्कान थिरकती रहती है। इनमें भी प्रतिभा भरपूर होती है लेकिन सही समय पर सही अवसर नहीं मिल पाने से निराश रहती है। लेकिन इन्हें जीवन में हमेशा सबसे आगे रहने की प्रबल चाह होती है यही वजह है कि ये प्रगति करती हैं। प्यार के मामले में भाग्य साथ नहीं देता मगर वैसे ये सबकी चहेती होती हैं। अत्यधिक संवेदनशील होने के कारण दुख बहुत पाती है मगर दिल की प्यारी होने के कारण दुख भूल भी जाती है। लकी नंबर : 4, 2, 9 लकी कलर : ऑरेंज, येलो और ब्लू लकी डे : मंडे, सेटरडे, फ्राइडे लकी स्टोन : वैसे डायमंड चांदी में पहना जा सकता है लेकिन एस्ट्रो सलाह जरूरी है। सुझाव : गरीबों को रविवार के दिन संतरे वितरित करें। काले कुत्ते को रोटी खिलाएं।

 क्या आपका बर्थ डे अगस्त में है? 
अगस्त में जन्मे युवा कंजूस होते हैं आपका जन्म किसी भी साल के अगस्त महीने में हुआ है तो एस्ट्रोलॉजी कहती है कि आप एक नंबर के कंजूस हैं। आप अत्यंत टेलेंटेड और मनी माइंडेड हैं। आप जितने सज्जन दिखाई पड़ते हैं माफ कीजिएगा, उतने हैं नहीं। आप साम, दाम दंड भेद की नीति को मानने वालों में से है। लोगों का भला भी खूब करते हैं लेकिन मन ही मन उनसे रिटर्न की उम्मीद भी लगाए रखते हैं। ज्यादा दोस्त, सहेली बनाने में विश्वास नहीं रखते। अगर तब भी आपके कुछ दोस्त हैं तो मान कर चलिए कि वह उनकी दयालुता है। इसमें आपका कोई योगदान नहीं। यानी अपनी और से आप कभी दोस्ती नहीं निभा पाते हैं। आपकी प्रतिभा का जवाब नहीं। कला, साहित्य और विभिन्न रचनात्मक विधाओं में आप अपनी विशिष्ट पहचान बनाते हैं। आपके भीतर सौन्दर्य बोध कमाल का है। आप अपनी मर्जी के मालिक हैं। जिद या कहें बेकार की जिद आपको आगे बढ़ने से रोकती है। कई बार आप खुद अपनी अच्छी भली तैरती नाव को डुबो लेते हैं और फिर शहीद होने का ढोंग करते हैं। जुबान के बेहद कड़वे हैं आप, लोग आपकी पर्सनेलिटी से प्रभावित होकर आते हैं और आपको सुनकर कतरा कर निकल जाते हैं। आप खूबसूरत है इसमें कोई दो मत नहीं। लेकिन इस खूबसूरती के साथ मन की खूबसूरती लगभग लापता है। आपको घमंडी कहना गलत नहीं होगा। पैसों के सामने रिश्ते-नाते-दोस्ती-प्यार सब आपके लिए बकवास है। कौड़ी-कौड़‍ी का हिसाब रखते हैं। खासकर कभी किसी मौके पर आपको अपनी जेब से देना पड़ जाए तो सूरत उतर जाती है आपकी। आप अक्सर अच्छे बिजनेसमैन, इंजीनियर, टीचर या फिर कलाकार होते हैं। प्यार के मामले में बुद्धू और बिगड़ैल होते हैं। हालांकि आप अपने आपको काफी स्मार्ट समझते हैं। लाइफ को लेकर आपमें एक खास किस्म की लापरवाही पाई जाती है। आपको लगता है जीवन किसी के भी साथ गुजारा जा सकता है अगर वह आपके शासन में रहने को तैयार हो। इसलिए अगस्त में जन्मे खूबसूरत युवा के पार्टनर अक्सर डल और एकदम साधारण होते हैं। यहां तक कि लोगों को आप पर कौतुक हो सकता है कि क्या सोचकर रब ने यह जोड़ी बना दी। यहां हमारा डिप्लोमैटिक होने का कोई इरादा नहीं मगर अगस्त में जन्मे कुछ ऐसे अपवाद भी हैं जिनकी जोड़ी माशाअल्लाह है। मेड फॉर इच अदर। जबर्दस्त प्यार करने वाले, लेकिन सौ में से कोई एक ही ऐसा बिरला मिलेगा बाकी तो बेमेल जोड़‍ियों के किस्से ज्यादा नजर आते हैं। लड़कियां एक नंबर की फ्लर्ट लेकिन लगती है जमाने भर की मासूम। इतनी सफाई से मुर्गे 'आई मीन' लड़के फंसाती है कि बेचारा हलाल होने तक इसी भ्रम में रहता है कि उसके जैसा भाग्यशाली कोई नहीं। इनकी खासियत यह होती है कि यह ऊपर से अबोध होने का स्वांग बखूबी रच लेती है और दुनिया को भी कानों-कान खबर नहीं होती। सौ चूहे खाकर....! इसमें बुरा मानने वाली कोई बात नहीं है। आपकी खूबसूरती है ही ऐसी कि बंदा गश खाकर गिर जाए। लेकिन शादी के मामले में अक्सर बेवकूफी का परिचय देती हैं। किसी भी लल्लू के साथ बंधकर सबको चौंका देती है। आपको सलाह है कि अपना टैलेंट बर्बाद ना करें। इतनी कलात्मकता हर किस‍ी के नसीब में नहीं होती। बहरहाल, हैप्पी बर्थ डे! लकी नंबर : 2 , 5, 9। लकी कलर : स्लेटी, गोल्डन और रेड। लकी डे : संडे, फ्राइडे और वेन्सडे। लकी स्टोन : मून स्टोन। सुझाव : शिव मंदिर में दूध और मिश्री चढ़ाएं। क्या आपका बर्थ डे अक्टूबर में है? 
 अक्टूबर में जन्मे युवा शांत और स्मार्ट होते हैं आपका जन्म किसी भी साल के अक्टूबर महीने में हुआ है तो एस्ट्रोलॉजी कहती है कि आप बेहद शांत किस्म के प्राणी हैं। दिखने में इतने स्मार्ट होते हैं कि लोगों को आपसे ईर्ष्या हो सकती है। आरंभिक अवस्था में आपका आकर्षण कुछ कम हो सकता है मगर जैस-जैसे आपकी उम्र बढ़ती जाती है आपके सौन्दर्य और सेहत में सुधार आता जाएगा। विश्वास कीजिए कि यह सुधार इतना आता है कि आपको चाहने वालों की कतार बढ़ने लगती है। आप अपने आसपास एक रहस्यमयी घेरा बनाकर रखते है। आपके दायरों को तोड़ना हर किसी के बस में नहीं है। हर किसी से आपकी दोस्ती हो भी नहीं सकती। आपका व्यक्तित्व राजसी होता है। हर चीज को नफासत से करना आपकी खूबी होती है। आपको अस्त-व्यस्त रहना पसंद नहीं है अगर अक्टूबर में जन्में होकर आप हाल-बेहाल रहते हैं तो आपको अपना इंट्रोस्पेक्शन (आत्मावलोकन) करना चाहिए। कहीं ऐसा तो नहीं कि अपने आपको आपने अब तक पहचाना नहीं। खूबसूरत रहने और खूबसूरत दिखने में अंतर है। आप खूबसूरत ‍रहने वालों में से है भले ही आपके नाक-नक्श साधारण हो मगर कुछ ऐसी प्रबल आकर्षण शक्ति आपमें होती है कि खुद को अनूठे अंदाज में पेश कर आप सबका दिल जीत लेते हैं। आपमें मुसीबतों से उबरने की ताकत भी लाजवाब होती है। घोर निराशा के दौर से भी आप बार-बार निकल आते हैं। किसी भी मुद्दे पर तुरंत प्रतिक्रिया देने से आप बचते हैं। अपनी बात को समयानुसार नाप-तौल कर कहना आपकी पहचान है। शब्दों को बर्बाद नहीं करते पर शब्दों को सही वक्त पर सही ढंग से रखने में आपका जवाब नहीं। अक्टूबर में जन्में कुछ युवा ‍रिश्तों की राजनीति में माहिर होते हैं। आपमें किसी बात को गहराई से समझ लेने की विशेष योग्यता होती है। दूसरे शब्दों में कहें तो आपकी शार्पनेस भी लोगों के लिए जलन का सबब होती है। प्यार के मामले में आपका कोई सानी नहीं। अपने साथी को डूबकर और टूटकर चाहना कोई आपसे सीखे। अक्सर आपका प्यार सफल नहीं होता लेकिन आपके टूटे दिल की आवाज आपके घर के लोग भी नहीं सुन पाते हैं। प्यार में रोना-चीखना आपको पसंद नहीं। अगर आपका ब्रेकअप होता है तो बेहद शालीनता से आप खामोशी अख्तियार कर लेते हैं बजाय प्रतिपक्ष पर आरोप-प्रत्यारोप लगाने के। सारी दुनिया भी आपके प्यार को पहचान ले तब भी आपकी जुबान पर सात ताले ही रहते हैं आपको सामने वाले के सम्मान का इतना ख्याल होता है कि नींद में भी आप उसका अहित नहीं सोच सकते। आपके लिए टेक्नोलॉजी, राजनीति, कला, अभिनय, बिजनेस या मेडिकल जैसे क्षेत्र उपयुक्त होते हैं। यह बात भी मानना होगी कि आप अपने क्षेत्र में शिखर तक पहुँच कर ही दम लेते हैं। निरंतर श्रेष्ठता के सपने देखते हैं और उसे पूरा भी करते हैं। अक्टूबर में जन्मी कन्याएँ गरिमामयी सौन्दर्य की मल्लिका होती हैं। इनकी आँखें इतनी गहरी और खूबसूरत होती है कि कोई भी इनमें डूबकर सब कुछ भूल जाए तो अचरज की बात नहीं। मन की थोड़ी-सी डिप्लोमैटिक होती हैं लेकिन दूसरों का नुकसान नहीं करती। प्यार के मामले में जितनी गहरी होती है उतनी ही नादान भी। गहरी इन मायनों में कि जिसे चाहती है दिलोजान से चाहती है। सामने वाले की कमियों को नजरअंदाज करके चाहती हैं। लेकिन अगर ब्रेकअप हो जाए तो जल्दी-जल्दी किसी से भी जुड़ने की नादानी कर बैठती है और जीवन भर का गम पाल लेती है। इनमें आत्मविश्वास गजब का होता है लेकिन मन से किसी ना किसी पर निर्भर बने रहना चाहती है। इन्हें सलाह है कि थोड़ा संवाद बढ़ाएँ। सही और गलत दोस्तों को पहचानें। अपनी प्रतिभा का शोषण ना होने दें। स्वयं को खूबसूरत बनाकर रखें यह आपकी सबसे बड़ी ताकत है। लकी नंबर : 2, 6, 7, 8 लकी कलर : चटक मेहरून, पिकॉक ग्रीन, रॉयल ब्लैक लकी डे : ट्यूसडे, थर्सडे, फ्राइडे लकी स्टोन : डायमंड
 क्या आपका बर्थ डे दिसंबर में है?

 दिसंबर में जन्में युवा आलसी होते हैं
 आपका जन्म किसी भी साल के दिसंबर माह में हुआ है तो एस्ट्रोलॉजी कहती है आप अव्वल दर्जे के आलसी हैं। आप में खुद को लेकर अजीब किस्म का अभिमान होता है। दूसरों पर निर्भर रहने की प्रवृत्ति रहने के कारण आप हमेशा घर के लोगों से उलझते रहते हैं। घर और बाहर सभी से आपकी अतिरिक्त अपेक्षाएँ होती हैं। जबकि आमतौर पर आप किसी की भी अपेक्षा पर खरे नहीं उतरते। परिवार से बेपनाह प्यार करने के बावजूद परिवार से ही शिकायतें होती है। आपको लगता है पूरी दुनिया आपको नहीं समझ सकती मगर सच तो यह है कि दुनिया के साथ तालमेल बैठाकर चलना आपको नहीं आता। कड़वा लग रहा होगा लेकिन यह सच है कि आप हमेशा यही चाहते हैं कि दूसरे आपको खुद ब खुद समझ जाएँ और बिना किसी शर्त के ढेर सारा प्यार भी लूटाए। ऐसा नहीं है कि आप बुराई की खान है। आप में से जो दिसंबर के सेकंड हाफ में हुए हैं (यानी 15 से 31 के बीच) वे कमाल के कलाकार और दार्शनिक होते हैं। लेकिन जो 1 से 14 के बीच जन्मे हैं वे आलसी और अकडू होते हैं। उन्हें जीवन में अगर एक बार कोई उपलब्धि मिल जाए तो सारी उम्र उसी से चिपके रहते हैं, आगे बढ़ने की नहीं सोचते। इनको कल्पना लोक में ही विचरण करना पसंद है। यथार्थ से ये लोग कोसों दूर रहते हैं। कुछ दिसंबर वाले हद दर्जे के संवेदनशील होते हैं, इतने कि सामने वाला खीज जाए पर ये अति भावुकता के कारण दूसरों को परेशान करना नहीं छोड़ते। 'घरघुस्सु' इनका दूसरा नाम हो सकता है। उन्नति के कई अवसर ये इसी वजह से गवाँ देते हैं कि इनसे अपना परिवार नहीं छोड़ा जाता। इनमें एक विचित्र किस्म का आकर्षण भी होता है। अगर ये लड़के हैं तो 16 की उम्र से ही छैल-छबीले निकलेंगे और अगर लड़की हैं तो गोपनीय रूप से इनके 4-5 अफेयर होंगे। इस माह जन्मे लोगों में कोई एक सामाजिक बुराई अवश्य होती है। शराब, सट्टा या फिर अवैध संबंध। दिसंबर में जन्मे लोगों में महफिल में छा जाने की दक्षता होती है मगर दोहरे चरित्र के होने के कारण हर कोई इस काबिलियत का फायदा नहीं उठा पाते। इनमें जलनशीलता भी होती है। इस माह में जन्मी लड़कियाँ बेहद चालाक और कूटनीतिज्ञ होती है। अत्यंत मीठा बोलकर सामने वाले को बुद्धू बना देती हैं। सामान्यत: कम बोलने के कारण पहचानी जाती है लेकिन कम बोलने का मतलब सीधी होना नहीं है। इनको समझना टेढ़ी खीर है। अपने पत्ते वक्त आने पर खोलती है। इनमें असुरक्षा का भाव भी अतिरेक में होता है। अपने काम दूसरों से करवाने में माहिर होती है। दिसंबर के दूसरे हिस्से में जन्मे युवाओं में अगर थोड़ी भी स्थिरता आ जाए तो दुनिया इनकी योग्यता का लोहा मानेगी। अस्थिर और चंचल प्रवृत्ति के चलते ये लोग सफलता पर ध्यान केन्द्रित नहीं कर पाते हैं। स्वयं को श्रेष्ठ मान बैठते हैं इसलिए चाहते हैं कि चारों तरफ से लोग बस इनकी तारीफें ही करें। दिसंबर में जन्मदिन वाले कई लोग दोनों हाथों से दोस्तों पर धन उड़ाते हैं और उतना ही कमाते भी हैं। इनके पास अनाप-शनाप पैसा होता है। बस, रिश्ते नहीं होते। यही वजह है कि दिल से बहुत अच्छे होते हुए भी अपनी गलत आदतों के रहते अकेले पड़ जाते हैं। पैसा भरपूर बर्बाद करने के बाद भी इनकी सेविंग का जवाब नहीं। अपने परिवार के प्रति इनकी समर्पण भावना देखने लायक होती है। परिवार के लिए खुद को भी तबाह करने से नहीं चुकते। इन्हें चाहिए कि सेल्फ डिपेंड बने। डरपोक रहेंगे तो प्रगति नहीं कर पाएँगे। आत्मविश्वास का हाथ थामिए फिर देखिए आपकी पर्सनेलिटी में चार चाँद लग जाएँगे। अपनी कला को निखारे। नौकरी के बजाय बिजनेस करें तो सफल रहेंगे। यूँ भी नौकरी करना आपके बस में नहीं। आपको दूसरों से काम करवाने की आदत जो है, इसलिए यह स्वभाव बिजनेस में ही चल सकता है। फिलहाल, आपको सलाह है कि अपेक्षा ही दुख का कारण है। दूसरों से अपेक्षा करने के बजाय खुद से बड़ी-बड़ी अपेक्षा रखें और कल्पना लोक से बाहर आकर उन्हें पूरा करें। लकी नंबर : 1, 3, 8 लकी कलर : येलो के हर शेड्स, ब्राउन, रेड, परपल लकी डे : संडे, सेटरडे, वेडनसडे लकी स्टोन : पन्ना और मोती सुझाव : मछलियों को आटा खिलाएँ और किसी मंदिर में धार्मिक पुस्तकें दान करें। by nd

क्या है मूलांक और भाग्यांक – भारती पंडित
मूलांक और भाग्यांक हमारी लाइफ में बड़ा महत्व रखते हैं। कई बार हमें जन्म का समय या स्थान मालूम नहीं होता। ऐसे में कुंडली बना पाना कठिन हो जाता है। मूलांक उन लोगों के लिए एक सटीक आधार है। अपने बारे में जानने का और भविष्य में घटने वाली घटनाओं का अनुमान लगाने का अंक ज्योतिष एक सरल माध्यम हो सकता है।
मूलांक का अर्थ है —
आपके जन्म की तारीख। यानि यदि आपका जन्म 2 मार्च को हुआ है तो आपका मूलांक 2 होगा। मूलांक हमारे स्वभाव, प्रकृति, गुण,दोष आदि के बारे बताता है। हमारे लिए जीवन में क्या उपयोगी है और क्या अनुपयोगी, यह मूलांक से ही जाना जाता है। यह आपके मित्र और शत्रुओं के बारे में भी बताता है।
आपके करियर, जीवनसाथी, कार्यक्षेत्र और भाग्योदय की भी जानकारी देता है। मूलांक 1 से 9 तक माने जाते हैं। जिन लोगों का जन्म 9 से अधिक संख्या वाली तारीख को हुआ है वे अपने जन्मदिनांक को आपस में जोड़कर मूलांक पा सकते हैं। जैसे जिनका जन्म 11 तारीख को हुआ है उनका मूलांक 2 होगा। (1+1=2)। इसी तरह अन्य मूलांक आपस में जोड़कर निकाले जा सकते हैं।
भाग्यांक :- ——
भाग्यांक की गणना थोड़ी विस्तृत होती है। यह वह अंक होता है जो आपके जीवन में बार-बार किसी न किसी तरह आता ही है और आपको अच्छे या बुरे रूप में प्रभावित करता है।
भाग्यांक का उपयोग महत्वपूर्ण घटनाओं का समय या तिथि जानने के लिए किया जाता है। आजकल जो नाम का अक्षर बदलने का चलन चल रहा है, वह भी भाग्यांक के ही आधार पर किया जाता है।
भाग्यांक निकलने के लिए जन्म तारीख, माह और सन लिखा जाता है और फिर उनका योग किया जाता है। जैसे यदि आपकी जन्म तारीख, माह व सन 2-3-1970 है तो आपका भाग्यांक 2+3+1+9+7+0 =22 = 2+2 = 4 होगा। यानि इस पूरी डीटेल्स के लिए भाग्यांक 4 होगा। विवाह, काम करने की जगह, भाग्यशाली शहर, लकी अंक आदि के बारे में भाग्यांक के द्वारा ही जाना जाता है। 

मूंलाक और  प्रेम प्रस्ताव

मूंलाक 1 के जातकों के लिए अंक 4 व 8 मित्र अंक हैं तथा सम अंक 2, 3, 7, 9 हैं इन्हें प्रेम प्रस्ताव रख सकते हैं परन्तु अंक 1 के शत्रु 5 व 6 है इस मूंलाक के जातकों के सम्मुख प्रेम प्रस्ताव न रखें।


मूलांक2 के जातकों के लिए मित्र अंक 7, सम अंक 1, 3, 4, 6 है इन्हें प्रेम प्रस्ताव रख सकते हैं शत्रु अंक 5 व 8 हैं इन्हें प्रेम प्रस्ताव न रखें।


मूलांक 3 के जातकों के लिए मित्र अंक 6, 9 सम अंक 1, 2, 5, 7 हैं इन्हें प्रेम प्रस्ताव रख सकते हैं। शत्रु अंक 4 व 8 हैं।
मूंलाक 4 के जातकों के लिए मित्र अंक 1, 8 व सम अंक 2, 6, 7, 9 है इन्हें प्रेम प्रस्ताव रख सकते हें तथा अंक 3 व 5 अंक शत्रु हैं इन्हों के सम्मुख प्रस्ताव न रखें।
मूंलाक 5 के जातकों के लिये मित्र अंक 3, 9, सम अंक 1, 6, 7, 8 वालों को प्रेम प्रस्ताव रख सकते हैं शत्रु अंक 2 व 4 है इन मूंलाक वालों के सम्मुख प्रेम प्रस्ताव न रखें।
मूंलाक 6 के जातकों के लिये मित्र अंक 3, 9 सम अंक 2, 4, 5, 6 वालों को प्रेम प्रस्ताव रख सकते हैं परन्तु 1 और 8 अकों के मूंलाक वालों के सम्मुख प्रेम प्रस्ताव न रखें।  


मूंलाक 7 के जातकों के लिये मित्र अंक 2, 6 तथा सम अंक 3, 4, 5, 8 वालों के सम्मुख प्रेम प्रस्ताव रख सकते हैं परन्तु शत्रु अंक 1 और 9 के मूंलाक वालों के सम्मुख प्रेम प्रस्ताव न रखें।


मूंलाक 8 के जातकों के लिये मित्र अंक 1, 4 सम अंक 2, 5, 7, 9 के सम्मुख प्रेम प्रस्ताव रख सकते हैं परन्तु शत्रु अंक 3, 6 के मूंलाक वालों के सम्मुख प्रेम प्रस्ताव न रखें।
मूंलाक 9 के जातकों के लिये मित्र अंक 3, 6 हैं सम अंक 2, 4, 5, 8 हैं इन अंकों के जातकों के सम्मुख प्रेम प्रस्ताव रख सकते हैं परन्तु शत्रु अंक 1 और 7 अकों वालों के सम्मुख प्रेम प्रस्ताव न रखें। 
  मूलांक वास्तु व्यवस्था
जिस तरह ब्रह्मांड मे स्थित ग्रह नक्षत्रो का हमारे जीवन पर प्रभाव पड़ता हैं उसी तरह हमारे मूलांक अथवा जन्मांक (जन्म तारीख) का प्रभाव भी हमारे सारे जीवन पर पड़ता हैं यदि इस मूलांक के अनुसार अपने जीवन के प्रत्येक हिस्से मे कार्य किए जाये तो सफलता मिलने की संभावना कई गुना बढ़ जाती हैं  आइए जानते हैं की किस प्रकार से मूलांक के द्वारा हम अपने जीवन को संवार सकते हैं |
अंक ज्योतिष मे हर अंक की एक निश्चित दिशा  व रंग होता हैं यदि व्यक्ति विशेष इनका प्रयोग सही प्रकार से कर लेता हैं तो उसके लाभ की संभावना बढ़ जाती हैं | इन अंको के अनुसार वास्तु व्यवस्था (भूखंड का चयन,भवन का नंबर,मुख्य द्वार की दिशा,भवन का रंग इत्यादि) किस प्रकार से की जानी चाहिए प्रस्तुत लेख मे हमने यही बताने का प्रयास किया हैं
1,10,19,28 तारीख को जन्मे व्यक्तियों के लिए –
आवास हेतु दिशा –पूर्व
व्यवसाय हेतु दिशा-उत्तर पूर्व
व्यवसाय व भूखंड के लिए अंक-1,10,19,22,28,32,37,40,45,100
भवन का रंग-गुलाबी,सुनहेरी लाल,चौकलेटी
शुभ वृक्ष-बिल्व अथवा बेल

2,11,20,29 तारीख को जन्मे व्यक्तियों के लिए –
आवास हेतु दिशा –उत्तर पश्चिम
व्यवसाय हेतु दिशा-उत्तर
व्यवसाय व भूखंड के लिए अंक 2,7,11,16,20,25,29,34,38,43
भवन का रंग-सफ़ेद,क्रीम,बैंगनी
शुभ वृक्ष-श्वेतार्क
3,12,21,30 तारीख को जन्मे व्यक्तियों के लिए –
आवास हेतु दिशा –ईशान
व्यवसाय हेतु दिशा-ईशान या पूर्व
व्यवसाय व भूखंड के लिए अंक-3,9,12,27,30
भवन का रंग-हल्का हरा,पीला,बैंगनी
शुभ वृक्ष-केला
4, 13, 22 तारीख को जन्मे व्यक्तियों के लिए –
आवास हेतु दिशा –पूर्व
व्यवसाय हेतु दिशा-उत्तर या पूर्व
व्यवसाय व भूखंड के लिए अंक-4,10,13,19,22,28
भवन का रंग-हल्का पीला,क्रीम या हल्का भूरा
शुभ वृक्ष-गुडहल व लाल कनेर
5,14,23 तारीख को जन्मे व्यक्तियों के लिए –
आवास हेतु दिशा –उत्तर
व्यवसाय हेतु दिशा-उत्तर पश्चिम
व्यवसाय व भूखंड के लिए अंक-5,10,14,15,19,23,24,28,32
भवन का रंग-हल्का हरा,नीला,नारंगी
शुभ वृक्ष-मनी प्लांट या अशोक
6,15,24 तारीख को जन्मे व्यक्तियों के लिए –
आवास हेतु दिशा –पूर्व
व्यवसाय हेतु दिशा-पूर्व या दक्षिण
व्यवसाय व भूखंड के लिए अंक-6,9,15,24,27,45,105
भवन का रंग-नीला या सुनहेरा
शुभ वृक्ष-सफ़ेद कनेर या सफ़ेद आर्क
7,16,25 तारीख को जन्मे व्यक्तियों के लिए –
आवास हेतु दिशा –उत्तर पश्चिम
व्यवसाय हेतु दिशा-पूर्व
व्यवसाय व भूखंड के लिए अंक-2,7,11,16,20,25,101
भवन का रंग-सफ़ेद या क्रीम
शुभ वृक्ष-तुलसी
8,17,26 तारीख को जन्मे व्यक्तियों के लिए –
आवास हेतु दिशा –पश्चिम
व्यवसाय हेतु दिशा-पश्चिम या दक्षिण
व्यवसाय व भूखंड के लिए अंक-8,17,26,44,107
भवन का रंग-हल्का पीला या नीला रेशमी
शुभ वृक्ष-वैजयंती
9,18,27 तारीख को जन्मे व्यक्तियों के लिए –
आवास हेतु दिशा –उत्तर या पूर्व
व्यवसाय हेतु दिशा-दक्षिण
व्यवसाय व भूखंड के लिए अंक-3,9,12,18,27,111
भवन का रंग-लाल,सुनहेर या नारंगी
शुभ वृक्ष-अशोक या तुलसी   


 वर्ष 2014 कैसा होगा आपके लिए
जन्म दिनांक से जानिए कितना शुभ है यह साल
* 2014 : व्यापार के लिए शुभ है यह वर्ष
* कैसा रहेगा नया साल, अंकशास्त्र के अनुसार
अंकशास्त्र के अनुसार आने वाला वर्ष सदी का 14वां साल रहेगा।
14, 4 + 1 = 5 यह अंक बुध से संबंधित है। बुध ग्रह वणिक है अत: इसका प्रभाव व्यापार पर सर्वाधिक पड़ता है। जब वर्ष का अंक 5 हो तो निश्चिय ही भारत के व्यापारिक क्षेत्रों पर उन्नति का प्रभाव देखने को मिलेगा।
जिनकी जन्म तारीख 5, 14, 23 होगी उनके लिए यह वर्ष निश्चिय ही लाभदायक रहेगा। प्रतियोगी परीक्षाओं में उन्हें सफलता मिलेगी। यदि व्यापार-व्यवसाय से जुड़े हैं तो उनको लाभ के साथ प्रगति के अवसर भी मिलेंगे।
इस तारीख में जन्मे पत्रकार, सेल्समैन, प्रकाशक, लेखक, व्यापारी, विद्यार्थी के लिए वर्ष 2014 उत्तम रहेगा।
जिनकी जन्मतारीख 1, 4, 7, 8, 10, 13, 16, 17, 19, 22, 25, 26, 28, 31 हैं, वे भी वर्ष 14 में लाभान्वित होंगे।
जिनके कार्य में रूकावटें आ रही हैं, वे इस वर्ष दूर होंगी। अंक 1 सूर्य का प्रतिनिधित्व करता है, 5 के स्वामी बुध का मित्र है। वहीं 4 राहु का प्रतिनिधित्व करता है और बुध की राशि में उच्च का होता है। 8 शनि का प्रतिनिधित्व अंक है, बुध का अतिमित्र है। इस प्रकार 1, 4, 8 अंक वाले भी इस वर्ष लाभान्वित होंगे।
तारीख 1, 4, 5, 8, 10, 13, 14, 17, 19, 22, 23, 26, 28, 31 तारीखों में जिन्होंने जन्म लिया है, वह इस वर्ष विवाहित होंगे। संतान की ‍प्राप्ति होगी। अगर बेरोजगार है, तो वह भी प्रयास करने पर सफल होंगे। व्यापार-व्यवसाय से जुडे लोग भी प्रगति पाएंगे।

 आपका मूलांक और नया वर्ष 2014
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आपके मूलांक के लिए कैसा होगा नया साल
* मूलांक के अनुसार जानिए कैसा होगा नया साल
* अंकशास्त्र से जानिए 2014 कैसा है आपके लिए
मूलांक 1- 1 मूलांक वालों का स्वामी सूर्य है वहीं वर्ष का अंक 5 है। इनमें आपसी मित्रता है अत: यह वर्ष आपके लिए अत्यंत सुखद रहेगा। अधूरे कार्यों में सफलता मिलेगी। स्वास्थ्य की दृष्टि से यह वर्ष उत्तम रहेगा। पारिवारिक मामलों में महत्वपूर्ण कार्य होंगे। अविवाहितों के लिए सुखद स्थिति बन रही है। विवाह के योग बनेंगे। नौकरीपेशा के लिए समय उत्तम हैं। पदोन्नति के योग हैं। बेरोजगारों के लिए भी खुशखबर है इस वर्ष आपकी मनोकामना पूरी होगी।
मूलांक 2- मूलांक 2 का स्वामी चंद्र है व वर्ष का स्वामी बुध है और इन दोनों में शत्रुता है। यह वर्ष काफी समझदारी से चलने का रहेगा। लेखन से संबंधित मामलों में सावधानी रखना होगी। बगैर देखे किसी कागजात पर हस्ताक्षर ना करें। किसी नवीन कार्य योजनाओं की शुरुआत करने से पहले बड़ों की सलाह लें। व्यापार-व्यवसाय की स्थिति ठीक-ठीक रहेगी। स्वास्थ्य की दृष्टि से संभल कर चलने का वक्त होगा। पारिवारिक विवाद आपसी मेलजोल से ही सुलझाएं। किसी की दखलअंदाजी ठीक नहीं रहेगी।
मूलांक 3 - मूलांक 3 का स्वामी गुरु है व वर्षांक 5 का स्वामी बुध है। गुरु-बुध आपस में सम है। यह वर्ष आपके लिए अत्यंत सुखद है। किसी विशेष परीक्षा में सफलता मिल सकती है। नौकरीपेशा के लिए प्रतिभा के बल पर उत्तम सफलता का है। नवीन व्यापार की योजना भी बन सकती है। दांपत्य जीवन में सुखद स्थिति रहेगी। घर या परिवार में शुभ कार्य होंगे। मित्र वर्ग का सहयोग सुखद रहेगा। शत्रु वर्ग प्रभावहीन होंगे। महत्वपूर्ण कार्य से यात्रा के योग भी है।
मूलांक 4- मूलांक 4 का स्वामी राहु है वहीं वर्ष का मूलांक 5 है। दोनों में मित्रता है। यह वर्ष पिछले वर्ष के दुष्प्रभावों को दूर करने में सक्षम है। आपको सजग रहकर कार्य करना होगा। परिवारिक मामलों में सहयोग के द्वारा सफलता मिलेगी। मान-सम्मान में वृद्धि होगी, वहीं मित्र वर्ग का सहयोग मिलेगा। नवीन व्यापार की योजना प्रभावी होने तक गुप्त ही रखें। शत्रु पक्ष पर प्रभावपूर्ण सफलता मिलेगी। नौकरीपेशा प्रयास करें तो उन्नति के चांस भी है। विवाह के मामलों में आश्चर्यजनक परिणाम आ सकते हैं।
मूलांक 4- मूलांक 4 का स्वामी राहु है वहीं वर्ष का मूलांक 5 है। दोनों में मित्रता है। यह वर्ष पिछले वर्ष के दुष्प्रभावों को दूर करने में सक्षम है। आपको सजग रहकर कार्य करना होगा। परिवारिक मामलों में सहयोग के द्वारा सफलता मिलेगी। मान-सम्मान में वृद्धि होगी, वहीं मित्र वर्ग का सहयोग मिलेगा। नवीन व्यापार की योजना प्रभावी होने तक गुप्त ही रखें। शत्रु पक्ष पर प्रभावपूर्ण सफलता मिलेगी। नौकरीपेशा प्रयास करें तो उन्नति के चांस भी है। विवाह के मामलों में आश्चर्यजनक परिणाम आ सकते हैं।
मूलांक 5 - मूलांक 5 का स्वामी बुध है वहीं वर्ष का मूलांक भी 5 ही है। यह वर्ष आपके लिए सफलताओं भरा रहेगा। अभी तक आ रही परेशानियां भी इस वर्ष दूर होती नजर आएंगी। परिवारिक प्रसन्नता रहेगी। संतान पक्ष से खुशखबर आ सकती है। नौकरीपेशा व्यक्तियों के लिए यह वर्ष निश्चय ही सफलताओं भरा रहेगा। दाम्पत्य जीवन में मधुर वातावरण रहेगा। अविवाहित भी विवाह में बंधने को तैयार रहें। व्यापार-व्यवसाय में प्रगति से प्रसन्नता रहेगी।
मूलांक 6 - मूलांक 6 का स्वामी शुक्र व वर्ष के मूलांक 5 का स्वामी बुध है। बुध-शुक्र की स्थिति लेखन संबंधी मामलों के लिए उत्तम होती है। जो विद्यार्थी सीए की परीक्षा देंगे उनके लिए शुभ रहेगा। व्यापार-व्यवसाय में भी सफलता रहेगी। विवाह के योग भी बनेंगे। स्त्री पक्ष का सहयोग मिलने से प्रसन्नता रहेगी। नौकरीपेशा व्यक्ति अपने परिश्रम के बल पर उन्नति के हकदार होंगे। बैक परीक्षाओं में भी सफलता अर्जित करेंगे। दाम्पत्य जीवन में मिली जुली स्थिति रहेगी। आर्थिक मामलों में सभंलकर चलना होगा।
मूलांक 7- मूलांक 7 का स्वामी केतु है व वर्ष के मूलांक का स्वामी बुध है। केतु जिस ग्रह के साथ रहता है उस जैसा ही प्रभाव देता है। अतः आपके कार्य में तेजी का वातावरण रहेगा। आपको प्रत्येक कार्य में जुटकर ही सफलता मिलेगी। व्यापार-व्यवसाय की स्थिति उत्तम रहेगी। अधिकारी वर्ग का सहयोग मिलेगा। नौकरीपेशा व्यक्तियों के लिए समय सुखकर रहेगा। नवीन कार्य-योजना शुरू करने से पहले केसर का लंबा तिलक लगाएं व मंदिर में पताका चढ़ाएं।
मूलांक 8 - मूलांक 8 का स्वामी शनि है व वर्ष के मूलांक का स्वामी बुध है। इनमें मित्रता होने से सभी कार्यों में सफलता मिलेगी। जो अभी तक बाधित रहे है वे भी सफल होंगे। व्यापार-व्यवसाय की स्थिति उत्तम रहेगी। नौकरीपेशा व्यक्ति प्रगति पाएंगे। बेरोजगार प्रयास करें, तो रोजगार पाने में सफल होंगे। शत्रु वर्ग प्रभावहीन होंगे, स्वास्थ्य की दृष्टि से समय अनुकूल ही रहेगा। राजनैतिक व्यक्ति भी समय का सदुपयोग कर लाभान्वित होंगे।
मूलांक 9- मूलांक 9 का स्वामी मंगल है व वर्ष के मूलांक का स्वामी बुध है। यह सम है अत: आप अपनी शक्ति का सदुपयोग कर प्रगति की और अग्रसर होंगे। पारिवारिक विवाद सुलझेंगे। महत्वपूर्ण कार्य योजनाओं में सफलता मिलेगी। अधिकार क्षेत्र में वृद्धि संभव है। नौकरी में आ रही बाधा दूर होगी। स्वास्थ्य भी ठीक रहेगा। राजनैतिक व्यक्ति सफलता का स्वाद चख सकते हैं। मित्रों स्वजनों का सहयोग मिलने से प्रसन्नता रहेगी।



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अंक ज्योतिष में वर्ग पद्धति अंक गुरु अशोक भाटिया वर्तमान के अंक ज्योतिष में जिस विवेचन, या विधा को देख रहे हैं, वह मूलतः संखया के गणित का ही विशेष प्रकार का फलित है। किंतु संखया शब्द ज्योतिष के परिप्रेक्ष्य को प्रकट नहीं कर पाता। इसलिए इसे संखया ज्योतिष के स्थान पर अंक ज्योतिष, या अंक विद्या के नाम से जानते हैं। अंक विद्या के प्रचलित मत : अंक ज्योतिष में मुखयतः चार मत प्रचलित हैं- प्रथम कीरो, द्वितीय सेफेरियल, तृतीय मत पाइथागोरस एवं चौथा मत आधुनिक है, जिनके आधार पर विश्व के अनेक देशों में इसकी गणना एवं फलादेश किये जाते हैं। इन मतों में सर्वाधिक महत्व कीरो पद्धति को दिया जाता है। कीरो, सेफेरियल, पाइथागोरस व आधुनिक पद्धति में प्रत्येक अक्षर को एक निश्चित संखया प्रदान की है। यह पद्धतियां विश्व में सर्वाधिक प्रचलित हैं तथा इसकी विशिष्टता को नकारा नहीं जा सकता, न ही इसे संदेहपूर्ण कहा जा सकता है। इस पद्धति में जातक के नाम को सर्वप्रथम अंग्रेजी अक्षरों में परिवर्तित कर के उसका अंकमान निकाला जाता है। इसे नामांक माना गया है। जन्म तिथि के योग को मूलांक माना जाता है तथा जन्म तिथि, मास, ईस्वी सन् (शताब्दी सहित) के योग को भाग्यांक माना जाता है। आज के संदर्भ में हम भारतीय पद्धति व अक्षरों को भूलकर पाद्गचात्य पद्धति से गणना कर रहे हैं। वैदिक अंक विद्या में तिथि गणना की विभिन्न पद्धतियों पर कार्य किया गया है। 
अंक ज्योतिष में गणना का आधार जन्म तिथि व नाम है। जन्मतिथि आधार 1. इकाई पद्धति इकाई पद्धति में मूलांक-दिनांक पर आधारित होता है और भाग्यांक सम्पूर्ण जन्म तिथि पर आधारित होता है। और इन सब का एक अंक बनाया जाता है जिसको हम इकाई अंक कहते हैं। संक्षेप में इन अंको के प्रभाव को निम्नानुसार याद कर सकते हैं। 
अंक-1 : यह अंक स्वतंत्र व्यक्तित्व का धनी है। इससे संभावित अंह का बोध, आत्म निर्भरता, प्रतिज्ञा, दृढ़ इच्छा शक्ति एवं विशिष्ट व्यक्तित्व दृष्टि गोचर होता है। इसका प्रतिनिधि सूर्य ग्रह है। 
अंक-2 : अंक दो का संबंध मन से है। यह मानसिक आकर्षण, हृदय की भावना, सहानुभूति, संदेह, घृणा एवं दुविधा दर्शाता है। इसका प्रतिनिधित्व चन्द्र को मिला है। 
अंक-3 : तीन का अंक विस्तार वादी है। इससे बढ़ोत्तरी, बुद्धि विकास क्षमता, धन वृद्धि एवं सफलता मिलती है। इस अंक का स्वामित्व बृहस्पति या गुरू ग्रह को मिला है।
 अंक-4 : इस अंक से मनुष्य की हैसियत, भौतिक सुख संपदा, सम्पत्ति, कब्जा, उपलब्धि एवं श्रेय प्राप्त होता है। इसका प्रतिनिधि हर्षल या राहु ग्रह है। 
अंक-5 : इस अंक द्वारा वाणिज्य, व्यवसाय, रोजगार, फसल, खाद्यान्न, तर्कशक्ति, वाकपटुता, कारण और निवारण, नैतिक स्थिति तथा यात्रा का बोध होता है। बुध ग्रह इसका प्रतिनिधत्व करता है। 
अंक-6 : छह का अंक वैवाहिक जीवन, प्रेम एवं प्रेम-विवाह, आपसी संबंध, सहयोग, सहानुभूति, संगीत, कला, अभिनय एवं नृत्य का परिचायक है। इसका प्रतिनिधित्व शुक्र को मिला है। 
अंक -7 : सात का अंक आपसी ताल मेल, साझेदारी, समझौता, अनुबंध, शान्ति, आपसी सामंजस्य एवं कटुता को जन्म देता है। इस अंक का प्रतिनिधित्व नेपच्यून या केतु ग्रह को मिला है। 
अंक-8 : शनि का अंक होने से इस अंक से क्षीणता, शारीरिक मानसिक एवं आर्थिक कमजोरी, क्षति, हानि, पूर्ननिर्माण, मृत्यु, दुःख, लुप्त हो जाना या बहिर्गमन हो जाता है। इसका स्वामित्व शनि का है जो यम का रूप है। 
अंक-9 : यह अन्तिम ईकाई अंक होने से संघर्ष, युद्ध, क्रोध, ऊर्जा, साहस एवं तीव्रता देता है। इससे विभक्ति, रोष एवं उत्सुकता प्रकट होती है। इसका प्रतिनिधि मंगल ग्रह है जो युद्ध का देवता है। कुछ अंक शास्त्री इसमें विश्वास नहीं करते तिथि को मूलांक में न लाकर 1 से 31 तक अलग-अलग व्याखया करते हैं। उनका मानना है कि मूलांक बनाने पर तिथि का स्वरूप बिगड़ जाता है। मान लो किसी का दिनांक 13 है तो इसमें 1 अंक सूर्य का है और 3 अंक गुरु का है। दोनों को जोड़ दें (1+3 = 4) तो यह 4 अंक राहु का हो जाता है। इसी कड़ी में कुछ अंकशास्त्री मास्टर नंबर की भी बात करते हैं। उनका मानना है कि 11 और 22 दिनांक मास्टर नंबर है। इससे आगे कुछ अंक शास्त्री कर्म अंकों की भी बात करते हैं।
 उनका मानना है कि किसी भी माह की 11, 13, 14, 16, 19 एवं 22 दिनांक पिछले कर्मों का फल दर्शाती है। 2. वर्ग पद्धति अंक वर्ग पद्धति को मुखय रूप से चीन में लो शू चक्र के रूप में स्वीकार किया गया और पश्चिम में सेफरियल ने कोई नाम न देकर इस पर कार्य किया जिसका मुखय आधार भारत में प्रचलित नवग्रह थे। सेफरियल के आधार ग्रंथ उपलब्ध नहीं है। इसलिए हम इस कड़ी को भूल गये और यह पद्धति प्रसिद्ध नही हो पायी। अब हम आज के इस आधुनिक युग में सेफरियल पद्धति को भारतीय वैदिक ज्योतिष के आधर पर ''वैदिक अंक योग कुंडली'' या वैदिक ग्रह चक्र के रूप में समझ सकते हैं। वस्तुतः अंक कुंडली पर शोध चल रही है। समयानुसार उसे भी इस पद्धति के साथ जोड़ा जाएगा। सेफरियल ने अपनी पुस्तक ''कबाला ऑफ नंबर्स'' में हर अंक को ग्रह से जोड़कर उसका स्थान निश्चित किया। इस पद्धति में शताब्दि के अंक नहीं लिये जाते हैं। उदाहरण के लिए महात्मा गांधी का जन्म दिन 2-10-1869 था। इसे वर्ग में इस प्रकार दिखाएंगे। सेफरियल के आधार पर महात्मा गांधी का अंक चक्र उपर्युक्त चक्र में 18वीं शताब्दि को नहीं दर्शाया गया। उदाहरण के तौर पर अमिताभ बच्चन का जन्म 11 -10-1942 को हुआ, उसके अनुसार वैदिक ग्रह अंक चक्र। उपर्युक्त चक्र में 19वीं शताब्दी को नहीं दर्शाया गया। अनुपस्थित अंक : वर्ग पद्धति में सभी नौ अंक किसी भी जातक को प्राप्त नहीं होंगे। लो शू ग्रिड में शताब्दि अंक लेने पर भी पूरे नौ अंक प्राप्त नहीं होते। वैदिक अंक चक्र में शताब्दि अंक नहीं लिये जाते हैं। इसलिए और कम अंक प्राप्त होते हैं। किसी भी अंक का ना होना मिसिंग नंबर कहलाता है। अतः किसी भी अंक के न होने का प्रभाव निम्नलिखित हैं अंक 1: यदि किसी के अंक चक्र में 1 का अंक नहीं है तो उसे जीवन में आगे बढ़ने के लिये दूसरे व्यक्ति का परामर्श या सहारा चाहिए होता है। अंक 2 : यदि किसी के अंक चक्र में 2 का अंक नहीं है तो वह अपनी बात आत्मविश्वास से नहीं कह पाएगा।
 अंक 3 : यदि अंक चक्र में 3 अंक न हो तो गुरु जनों व ईश्वर की कृपा कम प्राप्त होती है। अधिक मेहनत करने के बाद उद्देश्य की प्राप्ति होती है। 
अंक 4 : यदि अंक चक्र में 4 न हो तो व्यक्ति अपने विचारों में उलझा रहता है और वह व्यक्ति दिशाहीन हो जाता है। 
अंक 5 : अंक 5 न होने पर व्यक्ति वार्तालाप करने में असफल, पढ़ने में मन न लगना व पैसे का अभाव बना रहता है। 
अंक 6 : अंक 6 न होने पर लौकिक सुख व भोग की कमी रहती है। अंक 7 : अंक चक्र में यदि 7 अंक न हो तो व्यक्ति के कामों व पढ़ाई में रूकावट आयेगी। यह अंक मध्यम में होने के कारण सभी अंकों का आधार अंक है। अंक 8 : यदि अंक चक्र में 8 अंक न हो तो व्यक्ति में निर्णय शक्ति की कमी व उसे भौतिक साधनों का अभाव रहता है।
 अंक 9 : यदि अंक चक्र में 9 अंक न हो तो व्यक्ति को शौर्य की कमी रहती है। जीवन में संघर्ष अधिक करना पड़ता है व सुख साधन असानी से प्राप्त नहीं होते। जो अंक हमें प्राप्त नहीं होता उसे हम वर्तमान कर्मों से प्राप्त करने की चेष्टा करते हैं। मिसिंग नंबर के अंक के यंत्र का लॉकेट धारण करें या उस यंत्र की पूजा करें। 


भाग्यांक द्वारा बाधाएं दूर करें…
कई बार ऐसा देखने में आता है कि हम जो भी अपने या अपने परिवार के लिए कार्य करने को निकलते है, उसमें हमें विभिन्न प्रकार की बाधाओं का सामना करना पड़ता है. कुछ बाधाए तो जानी पहचानी होती है और कुछ अकस्मात हमारें सामने आ खड़ी होती है अथवा हम 5 काम करने हेतु निकलते है तो उनमें से बड़ी मुश्किल से एक या दो ही काम हो पाते है.
ऐसी बाधाओं को दूर करने के लिए एक बहुत ही सरल प्रयोग है. इस प्रयोग के अंतर्गत अपनी जन्म तिथि सम्पूर्ण का प्रयोग कर एक इकाई भाग्यांक प्राप्त कर लें. उसके बाद अलग अलग भाग्यांक के अनुसार अपनी बाधा शांत करने के लिए प्रयोग करे. निश्चय ही पालन करने से आपकी आने वाली समस्त बाधाएं दूर होंगी. जन्म तिथि से भाग्यांक निकालने की विधि निम्न है......
माना कि किसी व्यक्ति का जन्म 27.06.1962, को हुआ है. तो उसका भाग्यांक होगा..2+7+0+6+1+9+6+2= 33= 3+3= 6, भाग्यांक 6 है इसलिए भाग्यां 6 का निम्नलिखित प्रयोग करे तो लाभ होगा........
भाग्यांक 1:- जिनका भाग्यांक एक है वह अपनी जेब, पर्स में सफेद रेशमी चौकोर कपड़े (किसी भी साइज) में लाल रंग के गोटे किनारी द्वारा अपने भाग्यांक का नंबर 1 लिख कर रविवार सुबह के समय रखें. इसे प्रतिदिन हमेशा अपने पास रखने से यश वृद्धि होगी और बाधाएं दूर होंगी.
भाग्यांक 2:- जिनका भाग्यांक दो है वह अपनी जेब, पर्स में नीले रंग के रेशमी कपडे में सफेद रंग के चमकीले सितारे लगवा कर सोमवार रात्री के समय से रखना आरम्भ करे तो जीवन की समस्त बाधाए किसी भी प्रकार की हो वो सब समाप्त होने लगेंगी.
भाग्यांक 3:- जिनका भाग्यांक तीन है वह अपनी जेब, पर्स में पीले रंग के रेशमी कपडे में चांदी का चौकोर पीस किसी भी साइज का हो उसे लपेट कर पीले धागे से बाँध ले.वृहस्पतिवार सुबह के समय से रखें. मनोवांछित फल प्राप्त होंगे.
भाग्यांक 4:- जिनका भाग्यांक चार है वह अपनी जेब, पर्स में भूरे रंग (brown) के रेशमी कपड़े में चार दाने काली मिर्च के बाँध कर रखें. इसके रखने से भाग्यांक चार वालों की समस्त रुकावटें दूर होनी आरम्भ हो जाएगीं. इसे शनिवार शाम के समय रखें.
भाग्यांक 5:- जिनका भाग्यांक पांच है तो वह अपनी जेब, पर्स में हरे रंग के रेशमी कपड़े में एक ताम्बे का छेद वाला सिक्का लपेट कर हरे रंग के धागे से बाँध दें. और इसे बुधवार दोपहर के समय से रखना आरम्भ कर दे तो जीवन में परेशानिया समाप्त होने लग जायेंगी.
भाग्यांक 6:- जिनका भाग्यांक छः है तो वह अपनी जेब, पर्स में गुलाबी रंग के रेशमी कपड़े में सफेद चमकीले गोटे से 6 का अंक लिख कर शुक्रवार सुबह के समय रखें और रखने के बाद कोई भी सफेद मिठाई का सेवन करें तो बाधाएं दूर हो कर सुख की प्राप्ति होगी.
भाग्यांक 7:- जिनका भाग्यांक सात है तो वह अपनी जेब, पर्स में सुनहरी रंग का रेशमी कपड़ा चौकोर लेकर उसमें चुटकी भर पीली सरसों डाल कर गाँठ बाँध दें. और वृहस्पतिवार के दिन सुबह के समय रखने से मनोकामना पूर्ण होने लगती है
.भाग्यांक 8:- जिनका भाग्यांक आठ है तो वह अपनी जेब, पर्स में पीले रंग के रेशमी कपड़े में अखंडित चावल के २१ दाने रख कर लपेट कर सफेद धागे से बाँध दे. शनिवार सुबह के समय से रखना आरम्भ कर दे तो रुकावट अपने आप समाप्त होने लगेंगी. और कार्य शीघ्र पूरा होगा.
भाग्यांक 9:- जिनका भाग्यांक नौ है तो वह अपनी जेब, पर्स में लाल रंग के रेशमी कपड़े में सफेद रंग के गोटे से त्रिशूल की आकृति बना कर मंगलवार शाम के समय रखे. इसके रखने से मनवांछित फल की प्राप्ति होगी.
यह ध्यान रखें कि भाग्यांक के उपरोक्त सभी प्रयोग शुक्ल पक्ष अर्थात चांदनी रातों के पखवाड़े में किये जाए तो शीघ्र फल प्राप्त होंगे. एक बार प्रयोग करने के छह माह बाद उसे जल प्रवाहित कर इसी विधि अनुसार नया रख दे. यह प्रयोग विश्वसनीय तथा कई व्यक्तियों की सफलता की आधार पर लिखे गयें है. मुझे आशा है कि आप भी इसे कर सफल व्यक्ति बनें.....
आप और आपका भाग्यांक...
भाग्यांक १
१ अंक को सूर्य का प्रतीक माना जाता है. यह आदि बिंदु है, जिससे शेष नौ अंको की सृष्टि या रचना हुई है. समस्त अंको का मूल आधार “एक” ही है. सारे जीवन का आधार “एक” ही है आप अत्यंत सौभाग्यशाली है. आपके जीवन का प्रतिनिधित्व ग्रह सूर्य है. यह अंक रचनाशील व्यक्तित्व का परिचायक है. आप अपने कार्यों में खोजप्रिय, प्रभावशाली विचारों में दृढ़, कुछ हठी एयर संकल्पवान होते है. किसी भी व्यवसाय में या पेशे में हों, हमेशा प्रगति करते है. सब जगह प्रमुख बनना चाहते है. अधीनस्थों से आदर प्राप्त करते है. आप रजोगुण प्रधान, अग्नि तत्व प्रधान व प्रतापी है. अचानक जीवन में सम्पदा प्राप्त कर सुख-एश्वर्य भोगेंगे. राजनीतिक जीवन में आप अधिक सफल हो सकते है. धन को लेकर मित्र, स्त्री, सन्तान, घर से आपका वैर होने की संभावना रहती है. आप देवपूजक व धर्म कर्म में रूचि रखने वाले व्यक्ति है. आप यश-अपयश, जय-पराजय को समझ लेते है तभी कदम आगे बडाते है. यह सत्य है कि आप ही अपने भाग्य के निर्माता, करता-धरता है. आप सदगुणों की खान है.
आप अपने व्यापार से सम्बंधित कार्य इन तारीखों को करें:-- १,१०,१९,२०,१६,२५,२८ यदि इन तारीखों में सोमवार या रविवार पड़े तो आप अपने आधे-अधूरे रुके हुये कार्यों को पूरा करें. विशेष व्यक्ति से मिलें या नयी योजनाएं बनाएं. सफलता प्राप्त होगी.
प्रेम मित्रता के लिए आपके भाग्य अंक:--जिनका भाग्य अंक २,१०,७,१६,२५,११,२०,२८ या २९ आदि तारीख है. आपके लिए भाग्यशाली साबित होगी. इनसे आपके अच्छे परिणाम और सुख का अनुभव होगा.
भाग्यकारी रंग:-- गहरे भूरे, पीला, सुनहरे रंगों के कपड़े पहनें, हल्का रंग भी इस्तेमाल करें. अपने घर के शयनकक्ष में इन रंगों से सम्बंधित परदे इस्तेमाल करें इनसे मानसिक तनाव दूर होगा. नींद अच्छी आयेगीं.
भाग्यकारी वर्ष:-- ७,१६,२५,२९,१०,११,२८,३७,४६,५५,६४, ७३वें वर्ष सर्वाधित श्रेष्ठ रहेंगे.
व्यवसाय:-- आभूषण क्रय-विक्रय, विद्युत सामग्री, चिकित्सा कार्य, स्पोर्ट्स, सैन्य विभाग, राजदूत, हुकूमत, श्रम विभाग इत्यादि. यह व्यवसाय श्रेष्ठ रहेंगे.
आपकी भाग्यशाली दिशा:-- पूर्व-उत्तर, उत्तर-पश्चिम, दक्षिण-पूर्व, दक्षिण-पश्चिम में आपको अपना कार्य क्षैत्र नहीं बनाना चाहिए...
भाग्यांक २
अंक २ को चंद्र का प्रतीक माना गया है इस अंक के व्यक्ति कोमल, भावुक व संवेदनशील, जागरूक, कल्पना जगत में विचरण करने वाले सहृदयी विपत्ति में लोगों के काम आने वाले शीतल स्वभाव के होते है. इनके अंदर भौतिक से ज्यादा मानसिक गुण होते है. यह जीवन में एक कार्य से संतुष्ट न रह कर बदल बदल कर जीवन बिताते है. कोई भी कार्य जोश से करेंगे परन्तु थोड़ी सी रुकावट आने पर बाधा या अड़चन आने पर दुसरे कार्य में लग जायेंगे. थोड़ी सी भी परेशानी, धन नष्ट, हानि होने पर सहन नहीं कर पाते और शौर मचाना शुरू कर देते है. आप रजोगुण प्रधान, मोक्ष इच्छुक, माया का पूर्ण भोग करने वाले निरन्तर उन्नति की ओर अग्रसर रहते है.
आप अपनी नीतियों में सदृढ़, नियमित कार्य करने वाले आनुशासन प्रिय है. सौन्दर्यप्रेमी होने के कारण जहां सुंदरता देखते है वहीं पर आप ठहर जाते है. बागवानी, तैरने व कलात्मक चीजे करते रहते है. आपके संपर्क में आ कर, अपरिचित कभी अपरिचित नहीं रहता है आप सचमुच भोले व सरल चित्त होने के कारण दूसरों से भी ठगे जाते है.बात बात में धोखा खाते है. एवं फिर पछताते है. आप सदगृहस्थ है. परन्तु आपकी पत्नी भी आपको समझ नहीं पाती है. ग्रहस्थ में निरन्तर भूचाल आने की संभावना बनी रहती है. अपने मित्रों को मन का भेद न दे अन्यथा पछताएंगे. उदासीनता आप पर हावी रहती है.
व्यवसाय:- तैलीय कार्य, समुद्र यात्रा, पशु व्यवसाय, डेरी, मुर्गीपालन, घी का व्यवसाय, कागज़, जल, कृषि, औषधि, खंडसारी, भ्रमण कार्य, एजेंट, संपादन, लेखन, संगीत, नृत्य, भूमि प्रबंधन, ठेकेदारी, पत्थर का कार्य अपनाने का प्रयास करना चाहिए.
दिशाए:- उत्तर-पूर्व, उत्तर-पश्चिम, उत्तर यह दिशाए कार्य क्षेत्र के लिए श्रेष्ठता प्रदान करती है.
सर्वोत्तम तारीखें:-- २.११.२०,२९, ४,१३ २२,३१, श्रेष्ठ: व ७,१६,२५ तारीखे उत्तम फल देंगी..
सर्वोत्तम वर्ष:-- ४, १३, २२, ३१, ४०, ४९, ५८, ६७, ७६ वर्ष श्रेष्ठ, ३४, २५, ४३, ५२, ६१, ७० उत्तम फल दायक रहेंगे..
अनुकूल रंग:- गहरे हरे से लेकर सभी प्रकार के क्रीम रंग, पीला रंग, लाल रंग, सफेद रंग के कपड़े पहनें. काले, बैंगनी, रंगों से विशेष रूप से परहेज रखें...
प्रेम मित्रता के लिए आपके भाग्य अंक:-- अंक २, ७, १, ४ इन अंको के भाग्यवर्धक लोग उपयुक्त रहते है. आपके भाग्यशाली दिन रविवार, सोमवार, तथा शुक्रवार रहते है. यदि इन वारों में २, १, ७, ४, अंक हो तो कोई भी कार्य करने के लिए अधिक अच्छा है...
भाग्यांक ३
अंक ३ गुरु (वृहस्पति) ग्रह का परिचायक है. ज्योतिष तथा अंक विद्या दोनों में इस ग्रह की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका है. हर तीसरे अंक से जैसे ३, ६, ९, से प्रमुख सम्बन्ध है. इस अंक के लोगों को एक दूसरे से सहानुभूति होती है. यह महत्वाकांक्षी होते है. अधीनस्थ पदों पर वह कभी संतुष्ट नहीं होते है. इनका उद्देश्य जीवन में ऊंचा उठना तथा दूसरे लोगों पर नियंत्रण और अधिकार हासिल करना होता है. यह आदेशो का पालन करते है. तथा आनुशासन पसंद है.यह लोग समाज सेवा, जाति सेवा, राजनीतिक जीवन में अधिक सफल होते है. मित्रों के प्रति सहिषणुता एवं स्वयं कष्ट सह कर भी मित्रों का हित करने को तैयार रहते है. आप ध्यानी, ज्योतिष प्रेमी, दीर्घायु व आजीवन एश्वर्य भोगते है. दान-पुन्य, परोपकार में भाग लेने वाले धार्मिक कृत्य बार बार करते है. घर-परिवार, कुटुम्ब, भाइयों आदि का सुख सहयोग नहीं मिल पाता है परन्तु आप अपने सौम्य स्वभाव के कारण सबको निभाते चले आते है. वृद्धावस्था आपकी सुखमय व्यतीत होती है...
व्यवसाय:-- वस्त्र व्यवसाय, भोजन स्थल, रेस्टोरेंट, अध्यापक, वकील, उपदेशक, मंत्री, राजदूत, दलाली, आढ़त, मैनेजर, दर्शन शास्त्र, जहाजी कार्य, सैन्य विभाग, प्रबंध कार्य, व जलीय कार्य सर्वाधिक सफलता देने वाले होते है.
दिशाएं:-- दक्षिण-पूर्व, दक्षिण-पश्चिम, पूर्व व उत्तर शुभ दिशाएं है. यह दिशाए व्यवसाय के लिए यात्रा के लिए उत्तम होंगी.
रंग:-- पीला रंग, केसरिया रंग, चमकीला, गुलाबी रंग, हल्का जामुनी रंग, शुभ फलदायक है.
प्रेम व मित्रता के लिए भाग्य अंक:-- ३, ६, ९, इस अंक के लोगों के साथ शुभ सम्बन्ध रहता है. चाहे व्यवसाय हो या मित्रता चाहे प्रेम की बात हो.
आपके शुभ दिन:-- सोमवार, गुरु वृहस्पतिवार, मंगलवार, शुक्रवार शुभ रहेंगे. यदि इन दिनों दिनाँक ३, ६, या ९ हो तो अत्यंत शुभ दायक होंगे.
सर्वश्रेष्ठ वर्ष:-- ३, ६, ९, १२, १५, १८, २१, २४, २७, ३०, ३३, ३६, ३९, ४२, ४५, ४८, ५१, ५७, ६३, ६९, ७२ यह आपके लिए शुभ वर्ष है. किसी भी माह की ३, १२, २९, ३० तारीखें सदैव सफलता प्रदान करेंगी...
भाग्य अंक ४
अंक ४ यूरेनस और राहू ग्रह का परिचायक है. यह सूर्य के अंक १ से संबंध समझा जाता है अंक विद्या में इसे ४-१ की तरह लिखा जाता है.इस अंक के लोगों का अपना अलग परिचय होता है.यह प्रत्येक चीज को अन्य लोगों से भिन्न कोण से देखते है अर्थात उल्टा, वाद विवाद में हमेशा विरोध में बोलते है.और अनजाने ही गुप्त शत्रु बना लेते है. जो लगातार इनके खिलाफ कार्य करते है. कायदे क़ानून से विरोध की प्रवर्ती रहती है. आप पुराने रीति रिवाजो के खिलाफ व नवीनताओं के समर्थक रहते है. आपके जीवन में अचानक घटनाएं होती है. जिससे आप विचलित हो जाते है. तात्पर्य यह है कि शुभता, अनुकूलता, उन्नति प्रेम, रोमांस प्रतीति, धनागम, भाग्य वृद्धि, रोग, प्रतिकूलता, वैर-विरोध, आदि सब कुछ अकस्मात होता है. जीवन में विश्राम या ठहराव कभी नहीं आता है. क्रियाशील आपका गुण है. उस पार या इस पार. बीच का कोई भी रास्ता नहीं. जीवन में एकदम उन्नति पायेंगे या अवनति का गहरा गर्त. सब मिलाकर आप रहस्यमयी तथा मन का भेद न देने वाले व्यक्ति है. आयु का यथेष्ठ भाग दिखावे, सैर सपाटे, प्रदर्शन, बनाव श्रृंगार, भोग यशोपार्जन में खर्च कर डालते है. घर के सदस्य व लोग आपके प्रति सदैव भ्रम में बने रहते है.वृद्धावस्था कष्टमय रहता है.
व्यवसाय:-- शिक्षक, प्रोफ़ेसर, इंजीनियर, लेखन कार्य, टेक्नीशियन, शराब, स्प्रिट, तेल, केरोसिन, रेल विभाग, छापे का काम, टेलीफोन, ऑपरेटर, शिल्पकार, खनिज कार्य इनमे सफलता प्राप्त होती है.
दिशाएं:-- दक्षिण-पूर्व, दक्षिण-पश्चिम, यह दिशाए अच्छी सफलता देने वाली है.
रंग:-- धूमिल, नीला या स्लेटी रंग इन्हें शुभ फलदायक होते है.
भाग्यशाली वार:-- शनिवार, रविवार, तथा सोमवार, वृहस्पतिवार शुभ है.
प्रेम व मित्रता के लिए भाग्य अंक:--- १, २, ७, ८, इनके साथ प्रेम मित्रता करना तथा व्यवसाय करना शुभ रहता है.
सर्वश्रेष्ठ वर्ष:--- ४, १३, २२, ३१, ३७, ३८, ४७, ५६, ६५, ७४, वर्ष विशेष शुभ दायक है.
शुभ तारीखें:-- ४, १३, २२ और ३१ आपके लिए सदैव शुभ फलदाई होंगी. यह तारीखे व वर्ष जीवन में नया मोड़ लाएंगी..
भाग्य अंक ५
अंक ५ का परिचायक और ग्रह स्वामी बुध है. आपका व्यक्तित्व सचमुच सराहनीय है. आप पर बुध का सबसे अधिक प्रभाव रहेगा. नवीन युक्तियां, नित्य नवीन विचार, नए तर्क और नयी कल्पनाएं बनाने में सिद्धहस्त है. आप आसानी से दोस्त बना लेते है. किसी भी अंक के लोगों के साथ आपकी पटरी बैठ जाती है. मेहनत से जी नहीं चुराते, बल्कि अपना शौक समझते है. उत्तेजना हमेशा हावी रहती है. कभी कभी उत्तेजनाओं से कुंठित हो जाते है. निर्णय तुरंत लेते है. हर संभव हर एक को हर क्षेत्र में चुनोती देते है. सामना करने में आप आनंद महसूस करते है. जल्दी धन इकट्ठा करने के उपाय अपनाते है. अपनी नयी बातों से और खोज के द्वारा धन संपत्ति में वृद्धि कर लेते है.
आप पर किसी बात का असर अधिक वक्त नहीं रहता है. भाग्य के थपेड़े आपके चरित्र पर कोई असर या निशानी छोड़ देते है. आप घूमना, फिरना, मनोरंजन आवश्यकता से अधिक करते है. आपको अपने स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहना चाहिए. रक्तचाप, मस्तिष्क सम्बन्धी रोग, चर्म रोग, इनसे सावधान रहना चाहिए. तीव्र बुद्धि समय के अनुसार अपने आपको बदलना आपकी प्रवृति है. व्यापार में अधिक सफल रहते है.
शुभ वार:-- ५, १४, २३, बुधवार, सोमवार, गुरूवार, और शुक्रवार यदि यह तारीखें इन दिनों में पड़े तो सोने पै सुहागा, शुक्रवार सबसे अधिक शुभता देता है. इन दिनों और तारीखों में कार्य शुरू करे तो सफल होंगे..
व्यापार:-- संपादन, संचार व्यवस्था, वाणिज्य, मुद्रणालय, इंश्योरेंस, सेल्समैन, बैंकिंग, बाजार निर्माण, पुस्तक विक्रेता, यातायात सम्बन्धी कार्य, पर्यटन सम्बन्धी, स्टॉक एक्सचेंज, व समस्त बौद्धिक कार्य.
दिशा:-- उत्तर-पूर्व, उत्तर-पश्चिम, उत्तर, दिशाए आपके लिए भाग्यशाली सिद्ध होती है.
प्रेम व मित्रता के अंक:-- ५, १४, २३, ६, २, शुभ अंक प्रेम म्त्र्ता व व्यवसाय करने के लिए उत्तम फल दायक है.
सर्वश्रेष्ठ वर्ष:-- ५, १४, २३, ३२, ४१, ५०, ६८, ७७ वें वर्ष सर्वथा शुभ अनुकूल रहेंगे.
रंग:-- हरा, हल्का स्लेटी, सफेद, हल्का खाकी, चमकीला उज्जवल रंग आपके लिए उत्तम फलदाई है...
भाग्यांक ६
अंक ६ शुक्र ग्रह का परिचायक है. ६ अंक वाले व्यक्ति अधिक मोहने वाले होते है. दूसरे लोग खुद ही आकर्षित हो जाते है. इनके अधीनस्थ लोग इनको प्रेम करते है. और अकसर इनके उपासक होते है. अपने योजनाओं के प्रति दृढ़ निश्चयी होते है. यह हठी व न दबने वाले होते है. यदि किसी से प्यार करने लगे तो उसके दास तक बन जाते है. इनमें वासना से ज्यादा वात्सल्य होता है. प्रेम के मामले में रूमानी और आदर्शवादी होते है. सुन्दर चीजों से प्यार करते है. इनके घर सुंदरता और कलात्मकता से पूर्ण होते है. गहरे रंगों, चित्रों तथा संगीत के प्रेमी होते है. धनवान होने पर कला तथा कलाकारों के प्रति बहुत उदार हो जाते है.
आप व्यवशील है. अतिथियों की आवभगत में अधिक खर्च करते है. खर्च अधिक करने पर अर्थाभाव का सामना करना पड़ता है. आप आगे-पीछे नहीं सोचते है. तथा ऋण लेने की नौबत आ जाती है. चुकाने के समय नीचा देखना पड़ता है. आपको इस आदत पर नियंत्रण रखना चाहिए. आप मतभेद तथा इर्ष्या को भूल नहीं सकते है. आपकी पूर्ण सफलता का रहस्य सौम्य चेहरा, उन्मुक्त हंसी, आकर्षक देह होती है. पति पत्नी में निरन्तर कटुता बनी रहरी है. आप असफल ग्रहस्थ माने जा सकते है. संदेह का वातावरण बना रहता है.
व्यापार की शुभ तारीखें:-- ६, १५, ३, ९, १२, १८, २१, २७, ३०, २४, श्रेष्ठ व शुभ तारीखे है. यदि इस दिन शुक्रवार, मंगलवार, गुरूवार, बुधवार हो तो अत्यंत शुभ होता है.
व्यवसाय:-- होटल, शिल्पकर्म, डिजाइनर, वस्त्र व्यवसाय, श्रृंगार प्रसाधन सामग्री, वस्त्राभूषण, रेशमी, ऊनी वस्त्र मिष्ठान कार्य, नृत्य विनय काव्य, साहित्योपार्जन , नात्यकारिता, संगीत वाद्य, उपन्यासकार, इत्र, तेल व सुगन्धित वस्तुए यह कार्य आप अपना सकते है.इनमे अधि लाभ होने की संभावना रहेगी..
प्रेम व मित्रता के अंक:-- ६, ३, ९, व्यवसाय में पार्टनरशिप या प्रेम के मामले में शुभ अंक है.
सर्वश्रेष्ठ वर्ष:-- ६, ३, ९, १२, १५, १८, २१, २४, २७, ३०, ३४, ३६, ३९, ४२, ४८, ५१, ५४, ५७, ६०, ६३, ६९, ७२ जीवन के श्रेष्ठ वर्ष रहेंगे.
शुभ दिशा:-- उत्तर-पश्चिम, उत्तर-पूर्व तथा दक्षिण-पूर्व दिशाए आपके लिए अति शुभ फलदायक है.
शुभ रंग:-- हल्का नीला, गहरा नीला, काला, गुलाबी रंग, चॉकलेटी रंग सौभाग्यवर्धक रहेंगे..

भाग्य अंक ७
अंक ७ नेप्च्यून और केतु ग्रह का परिचायक है. यह चन्द्रमा के समान प्रभाव देता है. अंक २ चन्द्र से संबंध माना जाता है. इसलिए अंक ७ के लोगों के लिए अंक २ सहायक सिद्ध होता है. इनकी अच्छी निभती है. आपका व्यक्तित्व हजारों लोगों में अलग पहचाना जाता है. परिवर्तन आपके जीवन का हिस्सा है.आप नये स्थानों कि खोज, सामुन्द्रिक यात्राएं, हवाई यात्राएं एवं ललित कलाओं में गहरी रूचि रखते है. आप हर एक इंसान की मन की थाह को पा लेते है. हर समस्या के आने से पूर्व आपको शानदार स्वप्न आता है. अर्थात स्वप्न के द्वारा पूर्वाभास होने लगता है. कल्पना शक्ति की प्रखरता के कारण व्यापार को शानदार तरीके से करते है. क्षुद्र मनोवृति से दूर छोटी छोटी बातों पर ध्यान नहीं देते है. उच्चस्तरीय जीवन यापन करते है. आप अपने आप में बैचेन व उग्र रहते है. आप रुढ़ीवादिता से नफरत करते है. विदेश सम्बन्धी कार्य में आप अधिक धन कमाते है. और इच्छा पूर्ण करते है. पुस्तके पड़ने में रूचि रखते है. विश्व की अनेक बातों का ज्ञान रखते है. भौतिक चीजों की कम परवाह करते है. मौलिक विचारों में स्थिर रहते है. आप आत्म विश्वासी, आस्थावान एवं स्वकार्य पक्ष होते है. अपने गुणों के कारण जीवन को निरन्तर आगे बडाते है.
व्यापार की तारीखें:--  १, २, ७, ४, तारीखें, सोमवार, रविवार, शुभ है. यदि इन तारीखों में यह दिन आए तो व्यापार के लिए अत्यंत शुभ फल दायी होता है.
व्यवसाय:-- विदेशी व्यापार, आयात-निर्यात, जहाज के मालिक, कप्तान, जलीय पदार्थ का व्यवसाय, तैराकी, ट्रांसमीटर, रेडियो, औषधि कार्य, रबड़ टायर,युव्से ट्रांसलेटर, भूमिगत खनिज पदार्थ आदि सफलता प्रदान करते है.
प्रेम व मित्रता के अंक:-- १, २, ४, ७, शुभ, इनके साथ प्रेम मित्रता व व्यवसाय शुभ रहेगा.
शुभ दिशा:-- दक्षिण-पूर्व और उत्तर-पूर्व शुभ है.
सर्वश्रेष्ट वर्ष:-- १, २, ४, ७, १०, ११, १३, १६, १९, २०, २२, २५, ३९, ३४, २८, ३१, ४३, ४७, ५२, ५६, ५५, ६४, ६७, ७४, ७३, ७६ वां वर्ष शुभ व श्रेष्ठ है.
रंग:-- सफेद विशेष अनुकूल, हल्का लाल रंग, हल्का पीला शुभ रंग है.
भाग्य अंक ८
अंक ८ शनि ग्रह का प्रतीक है. इनकी प्रकृति गंभीर और तेज होती है. इनके प्रति लोगों में अत्यधिक गलत धारणाए होती है. यही कारण है वह मन से अकेलापन महसूस करते है. आप किसी भी कार्य के प्रति उत्साही, क्रियाशील, परिश्रमी, स्पष्टभाषी, व निर्भय प्रकृति के होते हुये कई अदभुत कार्य करते है. अर्थोपार्जन, सफलता व उन्नति की आप तीव्र इच्छा रखते है. धीरे धीरे कार्य करने की शैली में आप विश्वास नहीं करते है. शीघ्र त्वरित गति से आप कार्य करते है. आप लोगों के प्रति निष्ठुर व कठोर बन जाते है.लोगों की सहानुभूति आपको प्राप्त नहीं होती है. चाहे आप कुछ भी भला कर लें. यह अपनी भावना को प्रदर्शित नहीं करते है जिससे लोग मनमाने ढंग से लेते है. ऐसे व्यक्ति के भाग्य में बड़ी कठिनाइयां, उथल पुथल, अव्यवस्था तथा सभी प्रकार की विषमताएं आती है. परन्तु सभी कार्य में भाग्यवादी दृष्टिकोण प्रकट होता है.  तथा अपना ध्येय उत्साह से पूर्ण करते है. ईश्वर पर भी उनका अगाध विश्वास होता है.ऐसे व्यक्तियों का जीवन वृद्धावस्था में दुखांत होता है. जीवन एक खुली किताब की तरह से होता है. कोई दुराव छिपाव नहीं रहता है. स्वाभिमानी इतने कि थोड़ी सी भी उपेक्षा सहन नहीं कर सकते. विरोध या अपमान सहन नहीं करते. आप में गंभीर बुद्धिमान, दूरदर्शिता, स्वकार्य दक्षता, भावुकता जैसे गुण विद्यमान है. अपनी इच्छा होने पर सब कुछ लुटा देने वाले तथा इनकी इच्छा न होने पर कुछ भी नहीं करवा सकते. अपने आपको झूठ मूठ स्वयं को अत्याधिक व्यस्त बनाएं रहते है.
शुभ तारीखें:-- ८, ४, १७, १३, २२, २६, ३१, शुभत्व प्रदान करती है. यदि इस दिन शनिवार, रविवार, शुक्रवार हो तो और भी अच्छा है.
व्यवसाय:-- स्पोर्ट्स सामान, ठेकेदारी, वकालत, वैज्ञानिक कार्य, मुद्रणालय, लघु उद्योग, लकड़ी का व्यवसाय, जंगलात महकमा, अध्यापन, न्यायधीश. आदि कार्य शुभ रहते है.
सर्वोत्तम वर्ष:--८, १२, ४, १३, १७, २६, २२, ३१, ३५, ४०, ४४, ४९, ५३, ५८, ६२, ६७, ७१, यह जीवन के शुभ वर्ष है.
प्रेम मित्रता व व्यापार:-- २, ४, ८, १७, इन अंको के लोगों से शुभत्व प्रदान होगा.
दिशा:-- पश्चिम, दक्षिण-पश्चिम, दक्षिण दिशा व उत्तर दिशा जीवन में शुभ फल देंगी.
रंग:-- नीला, भूरा, बैंगनी, पीला, काला, रंग शुभ है.
भाग्य अंक ९
अंक ९ मंगल का परिचायक है. मंगल आपके जीवन को प्रतिनिधित्व करता है. आप एक साहसी व्यक्तित्त्व वाले होंगे. जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में जुझारू होते है. जीवन के प्रारम्भ में अकसर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है लेकिन अवस्था बड़ने के साथ साथ सम्पन्नता भी बढ़ती है. आखिर में दृढ़ शक्ति, साहस तथा संकल्प से कामयाब होने लगते है. स्वभाव में आवेश, जल्दबाजी, और अपनी इच्छा के मालिक होने की प्रवृति दिखाई देती है. अपने जीवन में अनेक शत्रु पैदा कर लेते है. जिद व अहंकार में आकार भले बुरे का भी कभी कभी ध्यान नहीं रखते है. आप अपनी निंदा, आलोचना सहन नहीं कर सकते है. अपने द्वारा योजनाओं में दूसरे का हस्तक्षेप पसंद नहीं करते है. ऐसे व्यक्ति अच्छे साधन-संपन्न और संगठन के काम में प्रवीण रहते है. अदभुत आश्चर्य चकित जोखिमपूर्ण कार्य में सफलता धन यश पाते है. अहंकार व क्रोध से यदा कदा अपना धैर्य खो बैठते है.अंक ९ वालों को अग्नि, चोट, एक्सीडेंट, क्रोध से बच कर रहना चाहिए. आपका यश मान ही आपका सबसे बढ़ा शत्रु भी हो सकता है.
व्यापार के लिए उत्तम तारीखें:-- ३, ६, ९, १२, १५, १८, २७, २१, २४, ३० कोई भी व्यापार या शुभ कार्य करने के लिए यह तारीखें और मंगलवार, वृहस्पतिवार, शुभ फलदायक है.
प्रेम व मित्रता के लिए शुभ अंक:-- ३, ६, ९, १८ शुभ रहेंगी.
व्यवसाय:-- चिकित्सा क्षेत्र, सैन्य विभाग, गोला बारूद, आतिशबाजी का व्यवसाय, वकालत, औषधि, धातु, सरकारी व अर्ध सरकारी कार्य, अध्यापन साहित्य, लेखन, एकाउंटिंग, ऑफिस का संचालन कार्य अनुकूल रहेंगे.
दिशा:-- दक्षिण, दक्षिण-पूर्व दिशा आपके लिए अत्यंत शुभ फलदायक है.
सर्वश्रेष्ट वर्ष:-  ३, ६, ९, १२, १५, १८, २१, २४, २७, ३०, ३३, ३६, ३९, ४२, ४५, ४८, ५१, ५४, ५७, ६०, ६३, ६६, ६९, ७२,७५, ७८, शुभ वर्ष है.
रंग:-- लाल और गुलाबी रंग आपके लिए शुभ है...

आप सोच रहें होंगे, कोई अंक अच्छे या बुरे भी होंगे. नहीं, आप विश्वास कीजिये, कोई भी अंक अच्छा या बुरा नहीं होता . जिस प्रकार कोई भी ग्रह शुभ या अशुभ नहीं होता. हर व्यक्ति के जीवन पर उनका भिन्न भिन्न प्रभाव रहता है.उसी प्रकार अंको का भी हमारे जीवन शैली पर है. अंको की एक सुनिश्चित गति है, स्पष्ट लक्षण है, स्पष्ट अर्थ है. एक क्रम व योजना है. उसे भली प्रकार समझ लें तो मानव जीवन को समझना सरल हो जाता है.
भाग्यांक के लिए जन्म तारीख, जन्म मास्, जन्म वर्ष की आवश्यकता रहती है. सवाल यह है कि भाग्यांक कैसे बनाया जाये ? उदाहरण:- माना किसी की जन्म तिथि २७-०६-१९६२ है तो तारीख को जोड़ा २+७=९, मास् का योग किया तो ०+६= ६, जन्म वर्ष को जोड़ा तो १+९+६+२= १८, अब इन तीनों का जोड़ करेंगे ९+६+१८= ३३ आया इसका फिर एक अंक में परिवर्तन करने के लिए जोड़ेंगे तो ३+३= ६ अंक हमारे सामने आ रहा है बस यही भाग्यांक का अंक है अर्थात उपरोक्त जन्म तिथि के अनुसार हम कह सकते है कि भाग्यांक ६ है. अब भाग्यांक के फल पर भी विचार करते है.


वार अनुसार करें कार्य, तभी होगा बेड़ा पार
हिन्दू पंचांग अनुसार किसी भी कार्य को प्रारंभ करने के लिए तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण को देखना जरूरी है। इसी से शुभ लग्न और मुहूर्त पता चलता है। वार, तिथि, माह, लग्न और मुहूर्त का एक संपूर्ण विज्ञान है। जो लोग इस हिन्दू विज्ञान अनुसार अपनी जीवनशैली ढाल लेते हैं वे सभी संकटों से बचे रहते हैं।
रविवार : रविवार की प्रकृति ध्रुव है। रविवार सूर्य का दिन होता है। यह भगवान विष्णु का दिन भी है। हिन्दू धर्म में इसे सर्वश्रेष्ठ वार माना गया है। अच्छा स्वास्थ्य व तेजस्विता पाने के लिए रविवार के दिन उपवास रखना चाहिए।
ये कार्य करें :
* इस दिन भृकुटी पर लाल चंदन या हरि चंदन लगाएं।
* रविवार अच्छे-अच्छे पकवान खाने के लिए उत्तम दिन है।
* इस दिन पूर्व, उत्तर और अग्निकोण में यात्रा कर सकते हैं।
* यह दिन गृहप्रवेश की दृष्टि से भी उचित है।
* इस दिन सोना, तांबा खरीद सकते हैं या धारण कर सकते हैं।
* इस दिन अग्नि या बिजली के सामान भी खरीद सकते हैं।
ये कार्य न करें :
* रविवार को नमक नहीं खाना चाहिए। इससे स्वास्थ्य पर असर पड़ता है और हर कार्य में बाधा आती है।
* इस दिन पश्‍चिम और वायव्य दिशा में यात्रा न करें।
* सोमवार : इसकी प्रकृति सम है। सोमवार का दिन शिवजी का दिन है। सोमवार के दिन उन लोगों को उपवास रखना चाहिए जिनका स्वभाव ज्यादा उग्र है। इससे उनकी उग्रता में कमी होगी।
ये कार्य करें :
* सिर पर भस्म का तिलक लगाएं।
* सोमवार को निवेश करना अच्छा माना गया है।
* यदि आप सोना, चांदी या शेयर में निवेश करने की सोच रहे हैं तो सोमवार को चुनें।
* दक्षिण, पश्‍चिम और वायव्य दिशा में यात्रा कर सकते हैं।
* इस दिन गृह निर्माण का शुभारंभ कर सकते हैं।
* शपथ ग्रहण, राज्याभिषेक या नौकरी ज्वॉइन करने के लिए शुभ दिन।
* कृषि कार्य या लेखन कार्य का शुभारंभ करना उचित है।
* दूध और घी का क्रय-विक्रय कर सकते हैं।
* सोमवार के दिन किसी साधना की शुरुआत करना चाहिए।
ये कार्य न करें :
* इस दिन उत्तर, पूर्व और आग्नेय में यात्रा नहीं कर सकते।
* किसी को सफेद वस्त्र या दूध दान में न दें।
* मंगलवार : इसकी प्रकृति उग्र है। मंगलवार का दिन हनुमानजी है। हर कार्य में मंगलकारी परिणाम प्राप्त करने के लिए मंगलवार का उपवास रखना चाहिए।
ये कार्य करें :
* इस दिन लाल चंदन या चमेली के तेल में मिश्रित सिन्दूर लगाएं।
* मंगलवार ब्रह्मचर्य का दिन है। यह दिन शक्ति एकत्रित करने का दिन है।
* दक्षिण, पूर्व, आ‍ग्नेय दिशा में यात्रा कर सकते हैं।
* शस्त्र अभ्यास, शौर्य के कार्य, विवाह कार्य या मुकदमे का आरंभ करने के लिए यह उचित दिन है।
* बिजली, अग्नि या धातुओं से संबंधित वस्तुओं का क्रय-विक्रय कर सकते हैं।
* मंगलवार को ऋण चुकता करने का अच्छा दिन माना गया है। इस दिन ऋण चुकता करने से फिर कभी ऋण लेने की आवश्यकता नहीं पड़ती।
ये कार्य न करें :
* मंगलवार सेक्स के लिए खराब है। इस दिन सेक्स करने से बचना चाहिए।
* मंगलवार को नमक नहीं खाना चाहिए। इससे स्वास्थ्य पर असर पड़ता है और हर कार्य में बाधा आती है।
* पश्‍चिम, वायव्य और उत्तर दिशा में इस दिन यात्रा वर्जित।
* मंगलवार को मांस खाना सबसे खराब होता है, इससे अच्छे-भले जीवन में तूफान आ सकता है।
* मंगलवार को किसी को ऋण नहीं देना चाहिए वर्ना दिया गया ऋण आसानी से मिलने वाला नहीं है।
 * बुधवार : इसकी प्रकृति चर और सौम्य मानी गई है। यह भगवान गणेश और दुर्गा का दिन है। कमजोर मस्तिष्क वालों को बुधवार के दिन उपवास रखना चाहिए, क्योंकि बुधवार का दिन बुद्धि प्राप्ति का दिन होता है।
ये कार्य करें :
* सूखे सिंदूर का तिलक लगाएं।
* बुधवार को दुर्गा के मंदिर जाना चाहिए।
* पूर्व, दक्षिण और नैऋत्य दिशा में यात्रा कर सकते हैं।
* इस दिन जमा किए गए धन में बरकत रहती है।
* मंत्रणा, मंथन और लेखन कार्य के लिए भी यह दिन उचित है।
* ज्योतिष, शेयर, दलाली जैसे कार्यों के लिए भी यह दिन शुभ माना गया है।
ये कार्य न करें :
* उत्तर, पश्‍चिम और ईशान में यात्रा न करें।
* बुधवार को धन का लेन-देन नहीं करना चाहिए।
* बुधवार को लड़की की माता को सिर नहीं धोना चाहिए, ऐसा करने से लड़की का स्वास्थ्य बिगड़ता है या उसके समक्ष कोई कष्ट आता है।
 * गुरुवार : इसकी प्रकृति क्षिप्र है। यह दिन ब्रह्मा और बृहस्पति का दिन माना गया है। हिन्दू धर्म में गुरुवार को रविवार से भी श्रेष्ठ और पवित्र दिन माना गया है। यह धर्म का दिन होता है। उथली व छिछली मानसिकता वाले व्यक्तियों को बृहस्पतिवार का उपवास अवश्य रखना चाहिए।
ये कार्य करें :
* सफेद चंदन, हल्दी या गोरोचन का तिलक लगाएं।
* हर तरह की बुरी लत को छोड़ने के लिए अति उत्तम दिन, क्योंकि इस दिन संकल्प की अधिकता रहती है।
* गुरुवार को पापों का प्रायश्‍चित करने से पाप नष्ट हो जाते हैं, क्योंकि यह दिन देवी-देवताओं और उनके गुरु बृहस्पति का दिन होता है।
* उत्तर, पूर्व, ईशान दिशा में यात्रा करना शुभ।
* धार्मिक, मांगलिक, प्रशासनिक, शिक्षण और पुत्र के रचनात्मक कार्यों के लिए यह दिन शुभ है।
* सोने और तांबे का क्रय-विक्रय कर सकते हैं।
ये कार्य न करें :
* इस दिन शेविंग न बनाएं और शरीर का कोई भी बाल न काटें अन्यथा संतान सुख में बाधा उत्पन्न होगी।
* दक्षिण, पूर्व, नैऋत्य में यात्रा करना वर्जित है।
* गुरुवार को नमक नहीं खाना चाहिए। इससे स्वास्थ्य पर असर पड़ता है और हर कार्य में बाधा आती है।
* शुक्रवार : इसकी प्रकृति मृ‍दु है। यह दिन एक और जहां लक्ष्मी का दिन है वहीं दूसरी ओर काली का भी। यह दैत्यों के गुरु शुक्राचार्य का दिन है। शीघ्रपतन, प्रमेह रोग के रोगियों को शुक्रवार के दिन उपवास रखना चाहिए, क्योंकि यह दिन ओज, तेजस्विता, शौर्य, सौन्दर्यवर्धक और शुक्रवर्धक होता है।
ये कार्य करें :
* लाल चंदन लगाएं।
* पूर्व, उत्तर और ईशान में यात्रा कर सकते हैं।
* नृत्य, कला, गायन, संगीत आदि रचनात्मक कार्य की शुरुआत ‍की जा सकती है।
* आभूषण, श्रृंगार, सुगंधित पदार्थ, वस्त्र, वाहन, चांदी आदि के क्रय‍-विक्रय के लिए उचित दिन।
* सुखोपभोग के लिए भी यह दिन शुभ होता है।
ये कार्य न करें :
* इस दिन खट्टा न खाएं तो आपके साथ अच्‍छा ही होगा।
* किसी भी प्रकार से शरीर पर गंदगी न रखें अन्यथा आकस्मिक घटना-दुर्घटना हो सकती है।
* पिशाची या निशाचरों के कर्म से दूर रहें।
* नैऋत्य, पश्चिम और दक्षिण में यात्रा न करें।
* शनिवार : इसकी प्रकृति दारुण है। यह भगवान भैरव और शनि का दिन है। समस्त दुःखों एवं परेशानियों से छुटकारा पाने के लिए शनिवार के दिन उपवास रखना चाहिए।
ये कार्य करें :
* विभूति, भस्म या लाल चंदन।
* गुरुवरु के बाद शनिवार को भी क्षमा मांगने का दिन माना जाता है।
* नैऋत्य, पश्चिम और दक्षिण दिशा में यात्रा कर सकते हैं।
* भवन निर्माण प्रारंभ, तकनीकी कार्य, शल्यक्रिया या जांच कार्य के लिए उचित दिन।
* प्लास्टिक, तेल, पेट्रोल, लकड़ी, सीमेंट आदि क्रय और विक्रय का दिन।
ये कार्य न करें :
* शनिवार को शराब पीना सबसे घातक माना गया है। इससे आपके अच्छे-भले जीवन में तूफान आ सकता है।
* पूर्व, उत्तर और ईशान दिशा में यात्रा करना मना है।
* लड़के को शनिवार के दिन ससुराल नहीं भेजना चाहिए।
* शनिवार के दिन तेल, लकड़ी, कोयला, नमक, लोहा या लोहे की वस्तु क्रय करके नहीं लानी चाहिए वर्ना बिना बात की बाधा उत्पन्न होगी और अचानक कष्ट झेलना पड़ेगा।http://tinyurl.com/lmjqmeg



अंक ज्योतिष और द्वादश राशियां बंसत कुमार सोनी क विद्या का आविर्भाव आज से लगभग छह हजार वर्ष पूर्व ऋषि पराशर एवं ऋषि अगस्त्य द्वारा हुआ माना जाता है। यद्यपि अंक शास्त्र का उदय भारत में ही हुआ है, परंतु अंक विद्या का प्रचार और नव अन्वेषण अधिकांशतः विदेशों में हुए हैं। पश्चिमी दुनिया में पाइथागोरस को अंक शास्त्र का जनक माना जाता है, जिन्होंने अपनी पुस्तक ‘दुर्लभ परिसंवाद’ में उल्लेख किया है - ‘‘अंक सभी के विचारों, उनके तौर तरीकों, यहां तक कि 
आकृति को भी नियंत्रित करते हैं। यही कारण है कि दैनिक आपदाग्रस्
तता हो या किसी भी तरह का दैविक विध्वंस, उसके मूल में अंकों की ही भूमिका होती है।’’ सेफेरियल हिब्रू यहूदी कबाला पद्धति के अंक विज्ञानी माने जाते हैं। सेफेरियल को छोड़कर अंक विद्या के शेष सभी विद्वानों ने एक से नौ तक के अंकों का विश्लेषण-प्रतिपादन किया। अंक वैज्ञानिकों मंे सर्वाधिक प्रचलित नाम कीरो का है। अंक शास्त्र में 0 (शून्य) को 
 महत्व नहीं दिया गया। इस शास्त्र में इकाई 1 से 9 तक के अंकांे का विश्लेषण करते हुए भविष्य कथन किया जाता है। इन अंकों को एकल अंक की संज्ञा प्राप्त है। सौर मंडल में देखा जाए तो वस्तुतः नौ ग्रह ही हैं। सर्वांग गणनाआंे का आधार भी यही अंक हंै। दहाई की सबसे छोटी संख्या दस से अनंत संख्याओं में इन्हीं अंकों की पुनरावृŸिा होती है। किसी भी बड़ी संख्या में प्रयुक्त अंकों को परस्पर एक-दूसरे से जोड़कर एकल अंक में बदला जा सकता है। ऐसी संख्या को अंक शास्त्र में मूल अंक या मूलांक कहते हैं। अंक शास्त्र के आधार पर राशि जानने के लिए वर्ष का विभाजन बारह भागों में किया गया है। जिस निश्चित समय सीमा में किसी जातक का जन्म होता है, वह उसकी राशि होती है। राशियों की यह प्रणाली भारतीय ज्योतिष की राशि प्रणाली से सर्वथा भिन्न है। भारतीय ज्योतिष में किसी भी व्यक्ति की राशि का आधार चंद्र नक्षत्र का नामाक्षर होता है, जबकि अंक शास्त्र में राशि का आधार कैलेंडर वर्ष की तारीख वाली द्वय मासों की कुछ निश्चित समयावधि होती है जिसका समन्वय सूर्य की संक्रांति से होता है। जन्म दिनांक के आधार पर बनने वाली द्वादश राशियां - अंक ज्योतिष के आधार पर किसी भी वर्ष में जन्म लेने वाला जातक निम्न काल खंडों के अंतर्गत पड़ने वाली जन्म तारीख को देखकर अपनी राशि ज्ञात कर सकता है। 23 दिसंबर से 20 जनवरी: इस अवधि में जन्म होने पर ‘‘मकर राशि’’ मानी जाती है। इस राशि में जन्म लेने वाले जातक आमतौर पर सामान्य स्तर का जीवन बिताते हुए उन्नति के पथ पर अग्रसर होते हैं और दूसरों की उन्नति देखकर प्रसन्न भी रहते हैं। 30 वें वर्ष में ऐसे जातकों का भाग्योदय होना माना जाता है। इस राशि का अधिपति शनि और राशि रत्न नीलम है। भारतीय ज्योतिष के अनुसार मकर लग्न में जन्म लेने वाले जातक को अपनी उन्नति हेतु नीलम, पन्ना और हीरा अथवा इनके उप-रत्नों से बना त्रिशक्ति रत्न कवच या लाॅकेट धारण करना चाहिए। 21 जनवरी से 19 फरवरी: इस अवधि में जन्म लेने वालों की राशि ‘‘कुंभ’’ मानी गई है। कुंभ राशि की आकृति जल वाहक जैसी है। 36 वर्ष की आयु के उपरांत कंुभ राशि के जातक अक्सर धनवान होते देखे जाते हैं। इस अवधि के दौरान जिनका जन्म होता है, वे प्रायः भीरु, परंपरावादी, व्यवसायी, कार्य-पटु और स्वाभिमानी होते हैं। इनकी कार्य-सिद्धि अकस्मात रूप में होती है। किंतु इन्हें वांछित संतान सुख मिलने की संभावना कम रहती है। यह राशि भी शनि के स्वामित्व वाली राशि है। नीलम इस राशि का अनुकूल रत्न है। इस अवधि के दौरान उत्पन्न हुए लोगों की जन्म कुंडली का लग्न यदि कुंभ हो तो उनके लिए नीलम, पन्ना और हीरा रत्न समान रूप से लाभदायक होते हैं। उन्हें अपनी भाग्योन्नति के लिए इन रत्नों का अथवा इनके उपरत्नों त्रिशक्ति लाॅकेट धारण करना चाहिए। 20 फरवरी से 21 मार्च: अंक विद्या के अनुसार इस अवधि में उत्पन्न जातकों की राशि ‘‘मीन’’ मानी जाती है। यह बृहस्पति के आधिपत्य वाली राशि है। इसकी आकृति जलक्रीड़ारत मत्स्य युगल जैसी होती है। मीन राशि का जातक भले ही अल्प शिक्षित हो, फिर भी उसमें कोई न कोई विशिष्ट गुण या ज्ञान अवश्य पाया जाता है। इस अवधि में जन्म लेने वाले जातकों का संबंध बौद्धिक या कला के कार्यों से अधिक होता है, परंतु वे दैनिक जीवन में चिंतित एवं अव्यवस्थित रूप में जीवन-यापन करने वाले हो सकते हैं। जीवन का 21, 30, 39 या 48 वां वर्ष इनकी भाग्योन्नति का वर्ष या महत्वपूर्ण वर्ष हो सकता है। मीन राशि का भाग्य-रत्न पीला पुखराज है। यदि ऐसे जातकों का जन्म कालीन लग्न भारतीय ज्योतिष पद्धति के अनुसार मीन हो तो वे पुखराज, मोती और मूंगे का बना लाॅकेट धारण कर लाभान्वित हो सकते हैं। यह एक जलतत्व राशि है, अतः ऐसे जातक को गणेशार्चन करना चाहिए, इससे शीघ्र ही सुख-शांति-समृद्धि की प्राप्ति होती है। 22 मार्च से 20 अप्रैल: इस अवधि में जिनका जन्म होता है, अंक शास्त्र के अनुसार उनकी ‘‘मेष राशि’’ होती है। ऐसे जातकों के लिए जीवन का 18वां, 21वां और 25वां वर्ष विशेष महत्व के होते हैं। इस राशि वालों के जीवन का पूर्वार्द्ध संघर्षमय, किंतु उŸारार्द्ध सुखमय हो सकता है। बचपन और किशोरावस्था में मेष राशि के जातक उपद्रव-प्रिय भले ही हों, परंतु युवावस्था में वे साहसी, धीर और प्रतिभा संपन्न हो जाते हंै। सैनिक, सेनानायक, इंजीनियर अनुसंधानकर्ता, अभिनेता, अन्वेषक, आॅपरेटर, लिपिकादि, रक्षात्मक कार्यों से आजीविका चलाने वाले लोग, इलेक्ट्रीशियन, शस्त्रागार संचालनकर्ता, शल्य क्रिया विशेषज्ञ, भू-कार्य से जुड़े लोग इत्यादि मेष राशि प्रधान होते हैं। मेष राशि का रत्न प्रवाल अर्थात मूंगा है। यदि 22 मार्च से 20 अप्रैल के मध्य जन्मे जातकों की कुंडली मेष लग्न वाली हो, तो उन्हें भाग्यवृद्धि हेतु मूंगा, माणिक्य और पुखराज अथवा इनके उपरत्नों का त्रिशक्ति लाॅकेट धारण करना चाहिए जो उनके साहसी, स्वस्थ और समृद्ध बनाने में सहायक सिद्ध होगा। 21 अप्रैल से 21 मई: इस अवधि के मध्य जन्मे जातकों की राशि अंक शास्त्रानुसार ‘‘वृषभ’’ होती है। इस राशि के लोग अपने जीवन मंे आने वाली कठिनाइयों को पार करते हुए गंतव्य को पहुंच जाते हैं। धनोपार्जन कर अपना जीवन सफल बनाना इनका मकसद होता है। वे संुदर वस्त्र, आभूषण, शृंगार, मनोरंजन आदि के शौकीन होते हैं। वृष राशि अधिक संतान वाली, कोमलांगी, शांत प्रकृति, गौर वर्णा, पुष्ट शरीर वाली मानी गई है इसकी आकृति वृष जैसी है। इस राशि वाले व्यवसायी, कृषक, पाक कलाविद, राजकर्मी, पशुधन प्रेमी, आढ़तिए, कवि, लेखक, सुगंधित वस्तुओं के व्यापारी, वस्त्र विक्रेता आदि होते हैं। 15वां, 24वां, 29वां अथवा 25वां वर्ष इनके लिए उŸाम होता है। इन्हें हृदय, मूत्र, फेफड़े आदि से संबंधित रोग होने की संभावना रहती है। वृष राशि का भाग्यशाली रत्न हीरा है। वृष राशि एवं वृष लग्न में जन्मे जातकों के लिए हीरा, पन्ना और नीलम अथवा इनके उपरत्नों का लाॅकेट धारण करना शुभ माना जाता है। 22 मई से 21 जून: इस समयावधि में पैदा हुए लोगों की राशि ‘‘मिथुन’’ मानी जाती है, जो बुध के आधिपत्य वाली राशि है। ‘काम के मामलों में सब कुछ सही’ वाली मानसिकता ऐसे लोगों में विशेष रूप से पाई जाती है। 17,23,28,32 व 41वां वर्ष इनके जीवन के महत्वपूर्ण वर्ष माने जाते हैं। हरे रंग के मयूरपंखी और मोगरा रंग के वस्त्र-रत्नादि धारण करना मिथुन राशि के जातकों के लिए शुभ होता है। मिथुन राशि का प्रिय रत्न पन्ना माना गया है। इस अवधि में जन्मे लोगों को, जिनकी कुंडली में मिथुन लग्न हो, पन्ना, हीरा और नीलम अथवा उनके उपरत्नों की बनी अंगूठियां अथवा लाॅकेट धारण करना शुभ होता है। मिथुन राशि वाले शिल्पज्ञ, कलाकार, गायन, वादन और नृत्य प्रेमी, चित्रकार, इंजीनियर, वक्ता, भविष्यवक्ता, अधिवक्ता, शास्त्रानुरागी, कामुक, हास्य प्रेमी, मिलनसार, वणिक वृŸिा वाले, ज्ञानी विज्ञानी, दार्शनिक, सचिवादि होते हैं। 22 जून से 23 जुलाई: इस अवधि में जिनका जन्म होता है उनकी राशि अंक शास्त्रानुसार ‘‘कर्क’’ है। इस राशि पर चंद्र का आधिपत्य होता है। इसकी आकृति केकड़े जैसी होती है। रजोगुणी और जल तत्व वाली इस राशि के लोग प्रायः दो प्रकार के कार्य-व्यवसाय अपनाकर धनोपार्जन करने वाले और माता के भक्त होते हैं। यह राशि सहानुभूति, सुकुमारता, सहकारिता आदि का बोधक मानी गई है। भाषाविद, राज्याधिकारी, नौसैनिक, राजनेता, जलवैज्ञानिक, लेखक, संपादक, प्राध्यापक, चिकित्सक, कवि, नाविक, न्याविद, नीति विशारद जैसे लोगों पर कर्क राशि का प्रभुत्व होता है। इस राशि के लोगों में उŸोजना अधिक होती है। जीवन का 16,22,24,28,35 और 47वां वर्ष कर्क राशि वालों के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। कर्क राशि का रत्न मोती है। कर्क राशि वालों के लिए मोती, मूंगा व पुखराज धारण करना शुभ होता है। 24 जुलाई से 23 अगस्त: इस अवधि में जन्म लेने वालों को सिंह राशि से प्रभावित माना गया है। सिंह राशि के जातक स्वच्छंदतापूर्वक रहना पंसद करते हैं। वे बलिष्ठ, निर्भीक, साहसी, क्रोधातुर होते हैं। वक दयालु भी होते हैं। ऐसे लोग शत्रु के साथ घोर शत्रुता रखते हैं। इन्हें भूख-प्यास व्याकुल कर देती है। ऐसे लोग निरोग होते हुए भी उदर पीड़ा से ग्रस्त पाए जाते हैं। वे गृह सज्जाकार, वास्तुकार, कलाकार, शिल्पकार, चित्रकार, लेखक, लिपिक, मुनीम, सैनिक, शिक्षक, प्रबंधक, शासक, प्रकाशक, अधिकारी या मंत्री हो सकते हैं। सिंह राशि का प्रतीक रत्न माणिक्य या सूर्यकांत मणि है। इनके लिए 19,22,31,40,46 और 58वां वर्ष भाग्यवर्धक होते हैं। सिंह राशि से प्रभावित लोगों को माणिक्य, पुखराज व मूंगा अथवा इनके उपरत्नों के मेल से बना लाॅकेट पहनना चाहिए। 24 अगस्त से 23 सितंबर: इस अवधि में पैदा हुए लोग कन्या राशि वाले माने जाते हैं। इस राशि पर बुध का आधिपत्य होता है। कन्या की आकृति वाली इस राशि से प्रभावित लोग आडंबर पसंद नहीं होते। 34 वर्ष की आयु के उपरांत इनका भाग्य इनका साथ देता है। तीव्र स्मरण शक्ति, स्त्री सदृश्य प्रकृति, धैर्य, लजीला स्वभाव आदि इस राशि वालों के विशेष गुण हंै। सद्साहित्य, गणित, विज्ञान, मनोविज्ञान आदि के अध्ययन-अध्यापन तथा हस्तकल
 विपणन, एजेंसी, आशुलिपि, सार्वजनिक जैसे कार्यों से इस राशि से प्रभावित जातकों का संबंध होता है। ऐसे लोग अपनी मान-मर्यादा का सदैव ख्याल रखने वाले होते हैं। इनके लिए पन्ना भाग्यवर्धक होता है। यदि इस समयावधि में जन्मे लोगों की जन्म पत्रिका में कन्या लग्न हो, तो वे पन्ना, नीलम और हीरा या उनके उपरत्नों से बना त्रिशक्ति लाॅकेट धारण कर सकते हैं। इनके लिए जीवन का 29, 33, 41 और 50वां वर्ष महत्वपूर्ण होते हैं। 24 सितंबर से 23 अक्टूबर भारतीय अंक शास्त्र या पाश्चात्य पद्धति के अनुसार इस अवधि में जन्मे लोगों की राशि ‘‘तुला’’ है। यह शुक्र के स्वामित्व वाली राशि है जिसकी आकृति तुला जैसी है। इस राशि के जातकों को सदैव व्यापार में लाभ और धनोपार्जन की चिंता रहती है। वे सत्यनिष्ठ, न्यायप्रिय, दार्शनिक बुद्धि वाले, नृत्य संगीत प्रेमी, शृंगार मंे अभिरुचि रखने वाले, सच्चे प्रेमी, प्रसन्न रहने वाले तथा स्वच्छताप्रिय होते हैं। वकील, बैरिस्टर, रंगमंच कर्मी, दूरदर्शन के कलाकार, अभिनेता, न्यायविद, लेखक, संपादक, पत्रकार, रेडियोसिंगर, उच्च पदस्थ अधिकारी, उच्चवर्गीय व्यापारी, आयात-निर्यातकर्ता, संगीतज्ञ आदि तुला राशि से प्रभावित होते हैं। इस राशि वालों को गुर्दे, मूत्र, रक्त आदि की बीमारी हो सकती है। रत्नराज हीरा इनके लिए शुभ है। इन्हें नीलम, पन्ना और हीरा अथवा इनके उपरत्न एक साथ धारण करना समान रूप से लाभदायक होता है। 24 अक्टूबर से 23 नवंबर: इस अवधि में जन्मे जातकों की राशि अंक शास्त्र के अनुसार वृश्चिक है। इनके भाग्यवर्धक वर्ष 18,26,34,44 और 68 माने गए हंै। इस राशि पर मंगल का प्रभाव अधिक होता है। भू-उत्खनन, भवन-निर्माण, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिसिटी, तस्करी, राजदूतावास, गुप्तचरी, खिलाड़ी, एलोपैथी, शल्य-क्रियाएं, आलोचना, जादूगरी, सेना आदि से संबंधित लोग इसी राशि से प्रभावित होते हैं। वृश्चिक लग्न वालों को मूंगा, पुखराज और मोती निर्मित लाॅकेट पहनना चाहिए। 24 नवंबर से 22 दिसंबर: इस कालखंड में जन्मे लोगों की राशि धनु होती है। यह गुरु के स्वामित्व वाली राशि है। ऐसे जातकों के लिए उनके जीवन का 21,30,39,48,66वां वर्ष शुभ माने गए हैं। इस राशि का रत्न पुष्पराग मणि तथा सहायक रत्न विद्रुम और मुक्ता हैं। इनके बच्चे कम होते हैं। अर्थ-संपन्न होते हुए भी इस राशि के जातकों के जीवन में धन की कमी बनी रहती है। इन्हें हर कार्य में सफलता मिलती है। मूल नक्षत्र इनके लिए अशुभत्व कारक है। मठाधीश, प्राध्यापक, पुरोहित, दार्शनिक, र ा ज न ी ित ज्ञ , प र ा म शर्् ा द ा त ा , अर्थ-धर्म-न्यायशास्त्री त थ् ा ा घ् ा ु ड ़ द ा ै ड ़ , आयुर्वेद और चिकित्सा से जुड़े लोग इस राशि से प्रभावित होते हैं। धनु लग्न वालों को गुरु, मंगल और चंद्र के रत्न या उपरत्न संयुक्त रूप में धारण करना चाहिए, इससे धन-संपदा में वृद्धि होती है।
अंकों से संचालित होता है आपका भविष्य
प्रत्येक मनुष्य के जीवन मे किसी खास अंक का महत्व होता है और जीवन में उस व्यक्ति के महत्वपूर्ण कार्यों में उस अंक की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।  अंकों की इसी महत्ता के कारण हमारे वैदिक मंत्रों में अंकों की एक निश्चित संख्या तय की गई है और उनका नामकरण भी अंकों के ही आधार पर है। यथा, पंचाक्षरी मंत्र, षडाक्षरी मंत्र आदि। कहने को तो अंक नौ ही हैं परंतु इनका वृहद विश्लेषण इन्हें अद्भुत बनाता है। जो इनकी अथाह गहराइयों में जाता है वही इनकी महत्ता समझ सकता है।
भविष्य फल कथन में ज्योतिष के अलावा अंक-शास्त्र विश्व की सबसे प्राचीन विधा है। इस विज्ञान में शून्य के अलावा शेष सभी नौ अंकों का प्रयोग किया जाता है। अंक शास्त्र के माध्यम से कई तरह के जटिल विषयों का जवाब प्राप्त कर सकते हैं। प्रत्येक मनुष्य के जीवन में किसी खास अंक का महत्व होता है और जीवन में उस व्यक्ति के महत्वपूर्ण कार्यों में उस अंक की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। हमारा सम्पूर्ण जीवन इन नौ अंकों के आस-पास ही घूमता है।

अंकों की विशेषता
1.प्रथम अंक से ही गणना प्रारम्भ होती है अत: यह अंक प्रगति का सूचक है। इस अंक प्रधान के जातक नेतृत्व गुण वाले, त्याग की भावना से भरपूर, मित्रों व परिचितों का बड़ा समूह लिए होते हैं। सहन शक्ति के मामले में ये अग्रणी होते  हैं। जीवन में उतार-चढ़ाव देखने को मिलते  हैं लेकिन इनका ध्येय  आगे बढऩा ही होता है। निराशा में कभी कोई निर्णय नहीं लेते और हमेशा नवीन विषयों की खोज में लगे रहते  हैं।

2.यह अंक अपने आप में सम्पूर्ण है। इस अंक वाले जातक भावुक, प्रत्येक कार्य को नियमानुसार व सुंदरतम तरीके से करते हैं। प्रेम व सुंदरता के पारखी, कल्पनाशील व दूसरे के कार्य को प्राथमिकता से निष्पादन करने वाले होते हैं। अपने सामने वाले के मन की थाह लेने मे माहिर होते हैं लेकिन पर-हित लक्ष्य होने के कारण इनके निजी कार्य देरी से होते  हैं।

3.तीन अंक प्रतिभा व परिश्रम का परिचायक है। इस अंक वाले जातक आर्थिक रूप से भाग्यशाली नहीं होते क्योंकि ये काफी खर्चीले स्वभाव के होते हैं। इनकी महत्वाकांक्षा ऊंची होती है। अपनी भावना, विचार व कही बात को वजनदार बनाने में ये प्रवीण होते हैं। जीवन में अचानक प्रगति की आकांक्षा रखते हैं। उच्च  पद या बड़ा लाभ मिलते ही ये उसका भरपूर प्रयोग करते हैं।

4.यह अंक अनिश्चितता का प्रतीक है। इस अंक प्रधान वाले जातकों को जीवन में कई तरह की समस्याओं से जूझना पड़ता है। इन जातकों का स्वभाव स्नेहपूर्ण होता है। जानकार लोग इनके इसी गुण के कारण इन्हें परेशानियां देते रहते हैं। सब कुछ सामान्य चलते-चलते अचानक कोई बाधा या व्यवधान आ जाता है जिससे सारे किए धरे पर पानी फिर जाता है।

5.पांच अंक वाले जातक वाकपटु, सच्चरित्र, ईमानदार होते हैं। ये शीघ्रता से मित्रता करते हैं और आजीवन निभाते हैं। स्थितियों के अनुरूप खुद को ढालना इनकी विशेषता होती है। समय का सदुपयोग करना कोई इनसे सीखे। इनकी निर्णय क्षमता अद्भुत होती है। ये बहुमुखी प्रतिभा के धनी होते हैं। किसी भी कार्य में जोखिम उठाने से घबराते नहीं। अपने लक्ष्य में सफलता हासिल कर लेना ही इनका ध्येय होता है।

6.इस अंक प्रधान वाले जातक सौन्दर्य के पुजारी होते हैं। अपने आप को सुंदर बनाए रखने में ही ये अपना अधिकांश समय व्यतीत करते हैं। उच्च स्तरीय वस्त्र, आभूषण, प्रसाधन सामग्री  व सलीकेदार जीवन शैली इनकी खासियत होती है। धन का इनके जीवन में अभाव नहीं होता । मुक्त हस्त से व्यय करने के आदि होते हैं। हमेशा प्रसन्न रहना इनकी पहचान होती है। विपरीत सैक्स के प्रति आकर्षण रखने के कारण ऐसे जातकों का दाम्पत्य जीवन साधारण स्तर का होता है। स्वभाव से ये रहस्यपूर्ण  और अंर्तमुखी होते हैं।

7.इस अंक के जातक मूलत: भावुक, परोपकारी, मौलिक, कल्पनाशील, दार्शनिक वृत्ति वाले होते हैं। अपने फैसलों में किसी की दखलंदाजी इन्हें पसंद नहीं होती। ये हमेशा लोगों की चर्चा का विषय होते हैं। जोखिम पूर्ण कार्य करने में सिद्धहस्त होते हैं। इनका गृहस्थ जीवन सामान्य होने के बावजूद ये जातक अपने निर्णयों व बुद्धिबल पर प्राय: सुखमय जीवन ही जीते  हैं।

8.यह अंक थोड़ा सा जटिल प्रकृति का है। इस अंक वाले जातक परिश्रमी होते हैं, लेकिन बावजूद इसके इन्हें कदम-कदम पर बाधाओं तथा परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इनके जीवन में आकस्मिक बाधाओं की भरमार होती है। इनकी संघर्ष क्षमता गजब की होती है लेकिन कभी भी ये अपनी परेशानी किसी के साथ जल्दी से बांटते नहीं हैं। ऐसे जातक कभी मध्य मार्गी नहीं होते वरन स्पष्ट सोच रखते हंै। जीवन में या तो पक्के मित्र रखते हें या पक्के शत्रु। औपचारिक सम्बन्धों में ये विश्वास नहीं रखते।

9.अंक शास्त्र में यह अंक सर्वाधिक बलवान अंक माना गया है। इस अंक वाले जातक शारीरिक एवं मानसिक रूप से बलवान होते हैं। वीरता, साहसिक कार्य के प्रति निष्ठा, अपने निर्णयों पर अडिग रहने वाले, नेतृत्व करने वाले होते हैं। अनुशासन प्रिय होने के बावजूद इनके कनिष्ठ इनसे प्रसन्न रहते हैं क्योंकि दिल से ये सौम्य होते हैं। अपने जीवन साथी से इनके अक्सर मतभेद रहते हैं। स्वाभिमानी होने के कारण इनके मित्रों की संख्या कम होती है, इनकी हार्दिक इच्छा होती है कि ये जहां भी जाएं इन्हें महत्व दिया जाए।
                                                                                                                                                     -पं. नंद किशोर शर्मा

 जन्म-समय का आप पर प्रभाव
जन्म-समय सुबह 4 से 6 बजे
आपका सूर्य पहले घर में मौजूद है। यह आपको अच्छा स्वास्थ्य और आत्मविश्वास दे रहा है। आप किसी भी बात को लेकर दृढ़ संकल्पित रहते हैं और आपका भविष्य अच्छा है।

जन्म समय सुबह 6 से 8 बजे
आपका सूर्य 12वें घर में है, यह आपकी जिंदगी में ऐसे रहस्यपूर्ण बदलाव लाएगा जिसकी व्याख्या करना मुश्किल है। सख्त दिनचर्या अपनाएं और अपने दिमाग को शांत बनाए रखें। आय के मुकाबले खर्च अधिक हो सकते हैं।

जन्म समय सुबह 8 से 10 बजे
आपका सूर्य 11वें घर में है। इसके मायने हैं कि आपके ढेर सारे दोस्त होंगे, सामाजिक संबंध बनाने के लिए आपको पैसों की जरूरत होगी। ज्यादातर समय शुभचिंतकों और दोस्तों से हाल-चाल जानने में ही बीतेगा। आपको लगेगा कि आप जितने के हकदार हैं, उससे कहीं अधिक हासिल कर रहे हैं।

जन्म समय सुबह 10 से 12 बजे
आपका सूर्य 10वें घर में मौजूद है। पश्चिमी और भारतीय ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यह सूर्य का सबसे महत्वपूर्ण स्थान है। आप अपने प्रोजेक्ट्स और प्लान्स को सफलतापूर्वक पूरा करेंगे। आप सर्वश्रेष्ठ साबित होंगे। शक्ति का दुरुपयोग आपको परेशानी में डाल सकता है।

जन्म समय दोपहर 12 से 2 बजे
आपका सूर्य 9वें घर में है। यह स्थिति आपके यात्रा से भरी जिंदगी जीने, दार्शनिक, धार्मिक, तेज दिमाग, परोपकारी स्वभाव और प्रसिद्ध होने की ओर संकेत करती है। 9वां घर अच्छे भविष्य का है और आप भाग्य को अपने ऊपर मुस्कुराता महसूस कर सकते हैं। आपका स्वभाव परोपकार और दयालुता से भरा है।
जन्म समय दोपहर 2 से शाम 4 बजे
आपका सूर्य आठवें घर में है जो कि मुद्रा संबंधी मामलों जैसे ऋण, ट्रस्ट, सार्वजनिक फंड, बैंक आदि में खास दखल होने का संकेतक है। कई ज्योतिषी इसे सेक्स और दुर्घटनाओं से भी जोड़कर देखते हैं। कानूनी मसलों का सामना करना पड़ सकता है।
जन्म समय शाम 4 से 6 बजे
आपका सूर्य सातवें घर में है, जिसे सामान्यत: साझेदारियों का घर कहा जाता है। शादी आपको दूसरे लोगों के मुकाबले अधिक प्रभावित करेगी। इसलिए इसे सफल बनाने का प्रयास करें, भले ही इसके लिए आपको कठिन मेहनत क्यों न करनी पड़े। ऐसे पेशे या व्यवसाय को चुनें जो आपको लोगों से सीधे संपर्क करने की आजादी देता हो। चूंकि सातवां घर आपके दुश्मनों का भी है, ऐसे में कानूनी दिक्कत आ सकती हैं।

जन्म समय शाम 6 से रात्रि 8 बजे
आपका सूर्य छठवें घर में है, इसका मतलब यह है कि आपकी जिंदगी का बहुत कुछ साथियों और अधीनस्थों से आपको मिलने वाले सहयोग पर निर्भर करेगा। यह समाजसेवा की ओर भी संकेत करता है और आपको लोगों के स्वास्थ्य पर ध्यान देना होगा। अत्यधिक सतर्कता और परिश्रमी होने की आपकी आदत आपको लंबे समय तक कामयाबी और सम्मान दिलाएगी।

जन्म समय रात्रि 8 से 10 बजे
आपका सूर्य पांचवें घर में मौजूद है जो आपको कलाकार वाली क्षमता और कौशल देगा। यह आपको जिंदगी के प्रति आशावादी नजरिया और मौके तलाशने की इच्छाशक्ति देगा। आपकी रुचि व्यवसाय में तब्दील हो सकती है। आप स्टेज और वास्तविक जिंदगी, दोनों में अभिनय करने वाले महान प्रेमी साबित हो सकते हैं, लेकिन इसके अतिरेक से बचें।
जन्म समय रात्रि 10 से 12 बजे
आपका सूर्य चौथे घर में है जो घर और संपत्ति के लिहाज से बेहतरीन स्थान है। आप जमीन, रियल एस्टेट से लाभ अर्जित कर सकते हैं। आपके अभिभावक आपकी जिंदगी को बनाने या बिगाड़ने में उल्लेखनीय भूमिका निभा सकते हैं।
जन्म समय रात्रि 12 से 2 बजे
आपका सूर्य तीसरे घर में मौजूद है जो आपकी बौद्धिक क्षमता, यात्रा करने की चाहत और उच्च स्तर के रोमांच को दर्शाता है। आप पत्रकारिता या टीवी जर्नलिज्म से जुड़ सकते हैं। आपके भाई-बहन और पड़ोसी या तो आपको बना देंगे या बिगाड़ देंगे, लेकिन यह निश्चित है कि इनका आपके जीवन पर गहरा प्रभाव रहेगा। सूर्य की स्थिति आपको बेहतरीन सामाजिक जीवन देगी।
जन्म समय रात्रि 2 से तड़के 4 बजे
आपका सूर्य दूसरे घर में है। यह वित्त और परिवार का घर है। इसका मतलब है कि आप पैसे बनाने में कामयाब होंगे, भले ही आप इसे संभाल न पाएं। भारतीय ज्योतिष में दूसरे घर को वाककला और भोजन का घर माना जाता है। आप एक महान वक्ता हो सकते हैं, आपके पास पैसा भी होगा।

 Note-यह ब्लॉग मैंने अपनी रूची के अनुसार बनाया है इसमें जो भी सामग्री दी जा रही है वह मेरी अपनी नहीं है कहीं न कहीं से ली गई है। अगर किसी के कॉपी राइट का उल्लघन होता है तो मुझे क्षमा करें।मैं हर इंसान के लिए ज्योतिष के ज्ञान के प्रसार के बारे में सोच कर इस ब्लॉग को बनाए रख रहा हूँ। 

























































































































































































































Note-यह ब्लॉग मैंने अपनी रूची के अनुसार बनाया है इसमें जो भी सामग्री दी जा रही है वह मेरी अपनी नहीं है कहीं न कहीं से ली गई है। अगर किसी के कॉपी राइट का उल्लघन होता है तो मुझे क्षमा करें।मैं हर इंसान के लिए ज्योतिष के ज्ञान के प्रसार के बारे में सोच कर इस ब्लॉग को बनाए रख रहा हूँ। DISCLAIMER This Blog is created to provide you the Tips & Tricks, Best General Tips & Knowledge, Religious Content in Hindi. The Articles in this blog are collected from various Newspapers, TV Channels and other sources and does not warrant or assume any legal liability or responsibility for the accuracy, completeness or usefulness of the information provided here.I am maintaining this blog with the thought of spreading the knowledge of Astrology to every human being Please check with a Vastu expert or an Astrologer before using any of the suggestions given in this Blog.To delete copyright contents if any please email us, we'll remove relevant contents immediately. ग्रह-तारे

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